NEET 2026 Paper Analysis: फिजिक्स के आसान सवालों ने छात्रों के चेहरों पर बिखेरी मुस्कान, कट-ऑफ 70% तक जाने का अनुमान?
NEET 2026 Exam Analysis: नीट यूजी 2026 परीक्षा देकर केंद्रों से बाहर निकले अभ्यर्थियों के चेहरे खिले हुए थे। परीक्षार्थियों के अनुसार, पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार का प्रश्न पत्र काफी सरल रहा।

NEET Exam Analysis 2026: देश के प्रतिष्ठित चिकित्सा विश्वविद्यालयों, संस्थानों और मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए आयोजित नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट) रविवार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। इस बार परीक्षा देकर केंद्रों से बाहर निकले अभ्यर्थियों के चेहरे खिले हुए थे। परीक्षार्थियों के अनुसार, पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार का प्रश्न पत्र काफी सरल रहा, जिसमें विशेष रूप से फिजिक्स के आसान सवालों ने बड़ी राहत दी।
कैसा रहा प्रश्न पत्र का लेवल?
शाम पांच बजे परीक्षा खत्म होने के बाद छात्रों ने बताया कि तीनों मुख्य विषयों—फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी—में सवाल सीधे और आसान पूछे गए थे।
फिजिक्स: परीक्षार्थियों के लिए यह हिस्सा सबसे ज्यादा राहत देने वाला रहा। आमतौर पर फिजिक्स को नीट का सबसे कठिन भाग माना जाता है, लेकिन इस बार छात्रों को इसे हल करने में कोई खास मशक्कत नहीं करनी पड़ी।
केमिस्ट्री: केमिस्ट्री के भाग में इस बार न्यूमेरिकल सवालों की संख्या अधिक थी। हालांकि, छात्र सुयश कृष्ण मिश्र के अनुसार, ये सवाल बहुत अधिक लंबे नहीं थे, जिससे समय की बचत हुई।
बायोलॉजी: बायोलॉजी के सवाल भी औसत स्तर के थे, जिससे पहली बार परीक्षा में बैठने वाले छात्रों ने भी बेहतर परिणाम की उम्मीद जताई है।
जिया नाम की एक अभ्यर्थी ने बताया कि सवालों के आसान होने के कारण उन्हें पूरा पेपर अच्छी तरह से पढ़ने और हल करने का पर्याप्त समय मिला। 720 अंकों की इस परीक्षा में माइनस मार्किंग होने के बावजूद छात्रों का आत्मविश्वास काफी ऊंचा दिखा। विशेषज्ञों का मानना है कि पेपर सरल होने की वजह से इस बार कट-ऑफ 70 प्रतिशत के आसपास रह सकती है।
लखनऊ में परीक्षा का हाल और सुरक्षा व्यवस्था
राजधानी लखनऊ में नीट परीक्षा के लिए कुल 76 परीक्षा केन्द्र बनाए गए थे। आंकड़ों की बात करें तो कुल 37,168 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 36,148 छात्र परीक्षा में उपस्थित रहे, जबकि 1,020 छात्रों ने किन्हीं कारणों से परीक्षा छोड़ दी।
सुरक्षा के लिहाज से हर केंद्र पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। सुबह 11 बजे से ही केंद्रों में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। तलाशी के दौरान सख्त नियमों का पालन किया गया; अभ्यर्थियों की इलेक्ट्रॉनिक वॉच, मोबाइल और आभूषण आदि बाहर ही रखवा दिए गए। समय की पाबंदी का भी पूरा ख्याल रखा गया और कई केंद्रों पर डेढ़ बजे के बाद आने वाले छात्रों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।
अभ्यर्थियों की प्रतिक्रिया
परीक्षा विशेषज्ञों और छात्रों का मानना है कि जिन्होंने थोड़ी भी गंभीरता से तैयारी की थी, वे आसानी से 50 से 60 प्रतिशत से अधिक सवालों को हल करने में सक्षम रहे। पहली बार नीट देने वाले छात्रों ने भी इसे एक सकारात्मक अनुभव बताया।




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