NEET UG 2026 Exam Analysis : MBBS-BDS दाखिले के लिए इस बार कितना मुश्किल था नीट यूजी का पेपर?
NEET UG 2026 परीक्षा खत्म होते ही छात्रों और एक्सपर्ट्स के रिएक्शन सामने आने लगे हैं। जानिए इस साल का पेपर कितना कठिन था, किस सेक्शन ने परेशानी बढ़ाई।

MBBS-BDS में दाखिले के लिए देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 आखिरकार खत्म हो चुकी है। रविवार को लाखों छात्रों ने परीक्षा केंद्रों से बाहर निकलते ही सबसे पहले एक-दूसरे से यही पूछा कि पेपर कैसा गया? इस बार नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने देशभर के 551 शहरों में 5432 केंद्रों पर परीक्षा आयोजित करवाई, जिसमें करीब 22.79 लाख छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। परीक्षा खत्म होते ही अलग-अलग शहरों से छात्रों के शुरुआती रिएक्शन सामने आने लगे हैं। कहीं राहत दिखी, कहीं तनाव, तो कहीं छात्रों ने सीधे कह दिया कि इस बार भी NTA ने आसान रास्ता नहीं चुना।
छात्रों के चेहरे पर राहत, लेकिन केमिस्ट्री ने बढ़ाई टेंशन
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो परीक्षा केंद्रों से बाहर निकलते ज्यादातर छात्रों के चेहरे पर राहत साफ दिखाई दी। कई छात्र मुस्कुराते नजर आए, लेकिन बातचीत में पता चला कि पेपर ने उन्हें पूरे तीन घंटे तक बांधे रखा। जागरण में छपी खबर के मुताबिक, लखनऊ से परीक्षा देकर निकले एक छात्र ने बताया कि पेपर उम्मीद के मुताबिक था, लेकिन केमिस्ट्री सेक्शन ने काफी परेशान किया। छात्र के मुताबिक कुल मिलाकर पेपर कठिन था, मगर पिछले साल जितना डरावना नहीं लगा। वहीं नोएडा से सामने आए एक छात्र के रिएक्शन ने कई उम्मीदवारों की चिंता बढ़ा दी। छात्र ने दावा किया कि कुछ सवालों में एक से ज्यादा सही जवाब नजर आ रहे थे, जिससे कन्फ्यूजन पैदा हुआ।
हर साल मुश्किल हो रहा है NEET?
CBSE बोर्ड की छात्रा शिवानी, जिन्होंने इस साल NEET दिया है उन्होंने कहा कि इस बार का पेपर पिछले कई वर्षों की तुलना में ज्यादा कठिन महसूस हुआ। उनके मुताबिक पेपर का स्तर पिछले साल जैसा ही नजर आया। उन्होंने कहा कि अब हर साल प्रतियोगिता और कठिनाई दोनों बढ़ती जा रही हैं। छात्रों को सिर्फ रटने से नहीं बल्कि गहरी समझ के साथ तैयारी करनी पड़ रही है। कई छात्रों ने यह भी माना कि इस बार सीधे NCERT लाइन वाले सवाल कम और कॉन्सेप्ट आधारित प्रश्न ज्यादा थे। यही वजह रही कि जिन छात्रों की तैयारी कॉन्सेप्ट पर मजबूत थी, उन्हें पेपर थोड़ा बेहतर लगा।
कॉन्सेप्ट क्लियर हैं तो ही होगा चयन
रिपोर्ट की मानें तो परीक्षा खत्म होने के तुरंत बाद शिक्षा विशेषज्ञों ने भी NEET 2026 पेपर का शुरुआती विश्लेषण साझा किया। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस बार का पेपर संतुलित था, लेकिन इसमें सीधा फोकस कॉन्सेप्ट पर रखा गया। एक विशेषज्ञ ने कहा कि NTA अब साफ संकेत दे रहा है कि सिर्फ याद करके परीक्षा निकालना मुश्किल होता जा रहा है। जिन छात्रों की कॉन्सेप्चुअल समझ मजबूत होगी, वही आगे निकल पाएंगे। एक अन्य विशेषज्ञ ने पेपर को संतुलित से थोड़ा कठिन बताया। उनके अनुसार पिछले साल की तरह इस बार भी अच्छे अंक लाना आसान नहीं होगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि 700 से ऊपर स्कोर करने वाले छात्र जरूर मिल सकते हैं।
क्या इस बार आएगा 720 में 720?
NEET के बाद सबसे ज्यादा चर्चा हमेशा टॉपर स्कोर को लेकर होती है। पिछले साल पेपर कठिन होने के बावजूद हाई स्कोर देखने को मिले थे। इस बार भी एक्सपर्ट्स मान रहे हैं कि 700+ स्कोर संभव है, लेकिन कोई छात्र पूरे 720 अंक ला पाएगा या नहीं, इस पर अभी सस्पेंस बना हुआ है। कटऑफ को लेकर भी शुरुआती अनुमान सामने आने लगे हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि मेडिकल सीटों के लिए बढ़ती प्रतियोगिता के कारण कटऑफ नीचे जाने की उम्मीद कम दिखाई दे रही है।




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