AIIMS दिल्ली में चाहिए MBBS सीट? जानें NEET UG 2026 में कितनी संभावित रैंक और मार्क्स लाना है जरूरी
MBBS Admission in AIIMS Delhi: एम्स दिल्ली न केवल भारत बल्कि दुनिया के बेहतरीन मेडिकल इंस्टीट्यूट में गिना जाता है। यदि आप भी इस प्रतिष्ठित संस्थान का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो एम्स दिल्ली का संभावित कट-ऑफ जानें।

NEET UG 2026 MBBS Admission in AIIMS Delhi: हर साल लाखों छात्र डॉक्टर बनने का सपना आंखों में सजाकर 'नीट' (NEET UG) की परीक्षा देते हैं, लेकिन उन सबका सबसे बड़ा सपना होता है—AIIMS दिल्ली। देश के इस नंबर-1 मेडिकल कॉलेज में एडमिशन मिलना किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं है।
हाल ही में जारी आंकड़ों और पिछले वर्षों के रुझानों के आधार पर, NEET UG 2026 के लिए एम्स दिल्ली का संभावित कट-ऑफ सामने आया है। यदि आप भी इस प्रतिष्ठित संस्थान का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
AIIMS दिल्ली: क्यों है यह इतना खास?
एम्स दिल्ली न केवल भारत बल्कि दुनिया के बेहतरीन मेडिकल इंस्टीट्यूट में गिना जाता है। यहां की विश्वस्तरीय लैब, अनुभवी फैकल्टी और सबसे कम फीस इसे छात्रों की पहली पसंद बनाती है। लेकिन यहां सीटों की संख्या बहुत सीमित है। कुल 132 सीटों पर होने वाले इस महामुकाबले में केवल 'टॉपर्स' ही जगह बना पाते हैं।
कैटेगरी के अनुसार संभावित रैंक और कट-ऑफ
एम्स दिल्ली में दाखिले के लिए केवल पास होना काफी नहीं है, बल्कि आपको 'ऑल इंडिया रैंक' (AIR) में बहुत ऊपर रहना होगा। एक्सपर्ट के अनुसार, 2026 के लिए संभावित क्लोजिंग रैंक इस प्रकार हो सकती है:
सामान्य वर्ग (General): यदि आप जनरल कैटेगरी से हैं, तो आपको AIR 50 के अंदर आना होगा। पिछले साल यह रैंक 47-48 पर बंद हो गई थी। इसके लिए कम से कम 710+ अंक सुरक्षित माने जा रहे हैं।
OBC वर्ग: इस श्रेणी के छात्रों के लिए क्लोजिंग रैंक 240 से 250 के बीच रहने की उम्मीद है।
EWS वर्ग: आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए रैंक 260 के आसपास समाप्त हो सकती है।
SC वर्ग: अनुसूचित जाति के अभ्यर्थियों को 840 से 900 रैंक के भीतर जगह बनानी होगी।
ST वर्ग: अनुसूचित जनजाति के लिए यह रैंक 2000 से 2200 तक जा सकती है।
मार्क्स का गणित: क्या है सेफ स्कोर?
पेपर के कठिनाई स्तर के आधार पर मार्क्स हर साल बदलते हैं, लेकिन एम्स दिल्ली के लिए एक सुरक्षित स्कोर (सेफ स्कोर) हमेशा 700 से ऊपर ही रहता है। सामान्य और ओबीसी वर्ग के छात्रों को 720 में से 705-715 का लक्ष्य रखना चाहिए। एससी/एसटी वर्ग के लिए भी प्रतियोगिता कम नहीं है, उन्हें भी 670-680+ अंक लाने की कोशिश करनी चाहिए।
सीटों का बंटवारा
एम्स दिल्ली में कुल 132 सीटों का वर्गीकरण कुछ इस प्रकार है:
अनारक्षित (General): 55 सीटें
OBC: 32 सीटेंSC: 18 सीटें
ST: 09 सीटें
EWS: 11 सीटें
विदेशी छात्र: 07 सीटें
सफलता के लिए टिप्स
इतनी कड़ी प्रतिस्पर्धा को देखते हुए, छात्रों को NCERT की किताबों पर अपनी पकड़ मजबूत करनी चाहिए। पिछले 5-10 सालों के प्रश्नपत्रों को हल करना और नियमित रूप से 'मॉक टेस्ट' देना ही सफलता की असली कुंजी है। याद रखें, एम्स दिल्ली में एक-एक नंबर पर सैकड़ों रैंक का अंतर आ जाता है, इसलिए आपकी सही तैयारी ही आपको मंजिल तक पहुंचाएगी।




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