NEET UG 2026: NEET 'गेस पेपर' क्या है? कैसे परीक्षा से पहले बांटे गए असली सवाल? राजस्थान SOG ने खोला राज
NEET Cancelled, NEET UG Paper Leak: नीट पेपर लीक के आरोपों के बीच 'गेस पेपर' शब्द सबसे ज्यादा चर्चा में है। आखिर यह 'गेस पेपर' क्या है और इसने नीट परीक्षा को कैसे प्रभावित किया? आइए इसे समझते हैं।

NEET Cancelled, NEET UG Paper Leak: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित नीट-यूजी (NEET-UG) 2026 परीक्षा इन दिनों विवादों के भंवर में फंसी हुई है। पेपर लीक के आरोपों के बीच 'गेस पेपर' शब्द सबसे ज्यादा चर्चा में है। राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) की जांच में एक ऐसे चौंकाने वाले मॉड्यूल का खुलासा हुआ है, जिसने देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की शुचिता पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। आखिर यह 'गेस पेपर' क्या है और इसने नीट परीक्षा को कैसे प्रभावित किया? आइए इसे समझते हैं।
क्या होता है 'गेस पेपर' (Guess Paper) और यह कैसे काम करता है?
सामान्य तौर पर 'गेस पेपर' का अर्थ उन संभावित प्रश्नों के सेट से होता है, जिनके परीक्षा में आने की उम्मीद की जाती है। छात्र अक्सर अभ्यास के लिए इनका सहारा लेते हैं। लेकिन नीट 2026 के मामले में यह 'गेस पेपर' महज एक अनुमान नहीं, बल्कि सुनियोजित साजिश का हिस्सा था।
राजस्थान एसओजी की जांच में सामने आया कि परीक्षा से ठीक पहले कुछ संदिग्ध समूहों द्वारा एक खास गेस पेपर छात्रों को उपलब्ध कराया गया था। हैरानी की बात यह है कि इस गेस पेपर में शामिल सवाल असली नीट प्रश्नपत्र से हूबहू मेल खा रहे थे। विशेषज्ञों के अनुसार, जब कोई गेस पेपर 80 से 90 प्रतिशत तक असली पेपर से मिल जाए, तो उसे 'अनुमान' नहीं बल्कि 'लीक' माना जाता है।
राजस्थान SOG की जांच में बड़े खुलासे
एसओजी की जांच के अनुसार, इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड राजस्थान के जयपुर और सीकर जिलों से जुड़ा हुआ है। जांच में पाया गया कि माफियाओं ने छात्रों और उनके अभिभावकों से भारी रकम लेकर उन्हें परीक्षा से कुछ घंटे पहले यह 'गेस पेपर' उपलब्ध कराया और उन्हें उत्तर रटवाए गए।
जांचकर्ताओं का मानना है कि यह पेपर प्रिंटिंग प्रेस या परिवहन के दौरान लीक किया गया होगा। एसओजी ने अब तक कई आरोपियों को हिरासत में लिया है और उनके पास से ऐसे डॉक्यूमेंट बरामद किए हैं जो साबित करते हैं कि यह गेस पेपर असल में लीक हुए प्रश्नपत्र का ही एक हिस्सा था।
NTA की भूमिका और बढ़ता विवाद
शुरुआत में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने किसी भी तरह के पेपर लीक से इनकार किया था, लेकिन जैसे-जैसे 'गेस पेपर' के सबूत सामने आने लगे, एजेंसी बैकफुट पर आ गई। छात्रों का आरोप है कि एनटीए ने इस गंभीर गड़बड़ी को नजरअंदाज किया, जिससे मेधावी छात्रों का हक मारा गया।
सोशल मीडिया पर छात्रों का गुस्सा इस बात को लेकर है कि अगर 'गेस पेपर' के नाम पर पेपर पहले ही बिक चुका था, तो फिर परीक्षा की गोपनीयता का क्या मतलब रह गया? इसी दबाव के कारण केंद्र सरकार ने अब पूरे मामले की जांच सीबीआई (CBI) को सौंप दी है।




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