NEET Cancelled: नीट परीक्षा रद्द होने पर भड़के छात्र; सोशल मीडिया पर निकाला गुस्सा, 'सिस्टम की नाकामी' पर उठाए सवाल
NEET 2026 Cancelled: नीट पेपर लीक के आरोपों के बाद परीक्षा रद्द होने की खबर जैसे ही सामने आई, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे 'एक्स' (X), इंस्टाग्राम और फेसबुक पर छात्रों का गुस्सा और निराशा ज्वालामुखी की तरह फूट पड़ी।

NEET Cancelled, NEET UG Paper Leak: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा नीट-यूजी (NEET-UG) 2026 परीक्षा को रद्द करने के फैसले ने देशभर के लाखों छात्रों और उनके परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। पेपर लीक के आरोपों के बाद परीक्षा रद्द होने की खबर जैसे ही सामने आई, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे 'एक्स' (X), इंस्टाग्राम और फेसबुक पर छात्रों का गुस्सा और निराशा ज्वालामुखी की तरह फूट पड़ी। छात्र इस स्थिति को केवल एक परीक्षा का रद्द होना नहीं, बल्कि अपनी मेहनत की 'हत्या' और ‘मानसिक प्रताड़ना’ करार दे रहे हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए दर्दभरे पोस्ट
परीक्षा रद्द होने के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर #NEET, #NTACancelNEET और #PaperLeak जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे। एक छात्र ने अपनी निराशा व्यक्त करते हुए लिखा, "हमने दो साल तक अपनी नींद, दोस्ती और खुशियां त्याग दीं ताकि डॉक्टर बन सकें, लेकिन सिस्टम की एक गलती ने सब कुछ मिट्टी में मिला दिया। अब दोबारा वही किताबें उठाना किसी सजा से कम नहीं है।"
एक अन्य यूजर ने मीम्स और व्यंग्य के जरिए एनटीए पर निशाना साधते हुए लिखा, "ओह! फिर से कोशिश करें (Oops! Retry) - यह संदेश केवल कंप्यूटर स्क्रीन पर नहीं, बल्कि हमारे भविष्य पर लिखा गया है।" कई छात्रों ने वीडियो साझा कर रोते हुए बताया कि उनके माता-पिता ने कोचिंग की फीस भरने के लिए कितनी मुश्किलें झेली थीं।
छात्रों की बढ़ी मुश्किलें: आर्थिक और मानसिक बोझ
परीक्षा रद्द होने का सबसे बुरा असर उन छात्रों पर पड़ा है जो दूर-दराज के गांवों से शहरों में आकर तैयारी कर रहे थे। दोबारा परीक्षा का मतलब है—फिर से सेंटर तक जाने का खर्चा, फिर से रहने-खाने का इंतजाम और वही मानसिक दबाव झेलना।
अभिभावकों ने भी सरकार से सवाल पूछा है कि आखिर बार-बार पेपर लीक की घटनाएं क्यों हो रही हैं? एक अभिभावक ने एक्स पर पोस्ट किया, “क्या एनटीए को अंदाजा भी है कि एक छात्र परीक्षा के दिन किस मानसिक स्थिति से गुजरता है? दोबारा परीक्षा कराना समाधान नहीं है, बल्कि दोषियों को ऐसी सजा देना जरूरी है कि दोबारा कोई पेपर लीक करने की हिम्मत न करे।”
विपक्ष और छात्र संगठनों का हमला
राजनीतिक गलियारों में भी इस मुद्दे ने तूल पकड़ लिया है। छात्र संगठन ने अलग-अलग जगहों पर प्रदर्शन कर एनटीए के महानिदेशक के इस्तीफे की मांग की है। विपक्ष ने इसे शिक्षा प्रणाली की 'सबसे बड़ी विफलता' बताया है। छात्रों का तर्क है कि पेपर लीक के कारण ईमानदार और मेधावी छात्रों का हक मारा जा रहा है और भ्रष्टाचार के जरिए अयोग्य लोग डॉक्टर बनने की कोशिश कर रहे हैं।
अब आगे का रास्ता: दोबारा परीक्षा की तैयारी
फिलहाल, एनटीए ने आश्वासन दिया है कि परीक्षा की नई तारीखों की घोषणा जल्द की जाएगी। हालांकि, छात्रों के लिए सबसे बड़ी चुनौती अपनी एकाग्रता को वापस पाना है। मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से छात्रों में डिप्रेशन का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए उन्हें इस समय परिवार के साथ और सकारात्मक रहने की जरूरत है।




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