NEET UG : क्या नीट का फिजिक्स और बैकअप पेपर भी हुआ लीक, क्यों हो रहा शक, NTA ने CBI से जांच के लिए कहा
NEET UG update news : नीट पेपर लीक की जांच कर रहे अधिकारियों ने इस संभावना से इनकार नहीं किया है कि जो गेस पेपर्स छात्रों के बीच सर्कुलेट हुए थे, उनमें एनटीए के गोपनीय बैकअप प्रश्न पत्र सेट से सवाल लिए गए हो सकते हैं।

क्या नीट यूजी 2026 परीक्षा के केमिस्ट्री और बायोलॉजी के साथ फिजिक्स के प्रश्न भी लीक हो गए थे? परीक्षा कराने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) से यह पता लगाने को कहा है। पेपर लीक की जांच कर रहे अधिकारियों ने इस संभावना से इनकार नहीं किया है कि जो गेस पेपर्स छात्रों के बीच सर्कुलेट हुए थे, उनमें एनटीए के गोपनीय बैकअप प्रश्न पत्र सेट से सवाल लिए गए हो सकते हैं। इस मामले से जुड़े लोगों ने बुधवार को बताया कि केमिस्ट्री और बायोलॉजी के सवालों के बारे में तो यह पहले ही साबित हो चुका है कि उन्हें 3 मई की परीक्षा से कम से कम एक सप्ताह पहले छात्रों को 30 लाख रुपये तक में बेचा गया था।
एनटीए के अनुसार उन्हें फिजिक्स के पेपर के लीक होने के संबंध में विशेष रूप से कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई थी। हालांकि मामले की गंभीरता को देखते हुए एनटीए ने सीबीआई से इस बात की जांच करने का अनुरोध किया है कि क्या केमिस्ट्री और बायो की तरह फिजिक्स के प्रश्न भी लीक हुए थे। अधिकारी यह पता लगाना चाहते हैं कि क्या अन्य विषयों की तरह फिजिक्स के प्रश्न भी पीडीएफ PDF में सर्कुलेट किए गए थे।
नीट यूजी के बैकअप पेपर लीक होने का शक क्यों
नीट यूजी के बैकअप पेपर लीक होने का शक इसलिए भी पैदा हो रहा है क्योंकि लीक हुई पीडीएफ फाइलों में सवालों की भारी संख्या थी। अकेले केमिस्ट्री के गेस पेपर में 104 हल किए हुए सवाल थे, जो कि असल परीक्षा में आए 45 सवालों से लगभग दोगुने थे। इससे यह संभावना बढ़ जाती है कि ये अतिरिक्त सवाल किसी दूसरे सेट से आए हो सकते हैं; जिनमें से एक शायद वह इमरजेंसी सेट हो सकता है जिसे मेन पेपर के लीक होने की स्थिति के लिए तैयार किया गया था। राजस्थान स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जांचकर्ता इस मामले में किसी भी संभावना से इनकार नहीं कर रहे हैं, हालांकि एनटीए ने सीबीआई की जांच पूरी होने तक इसे महज एक अटकल बताया है।
एनटीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, 'हमें जो भी शिकायत मिली, हमने उस पर कार्रवाई की। हमें 7 मई की रात को यानी परीक्षा के तीन दिन बाद एक व्हिसलब्लोअर के जरिए केमिस्ट्री व बायो के पेपर लीक होने के बारे में जानकारी मिली। हमारे पास जो भी जानकारी थी, हमने उसे सीबीआई को सौंप दिया और उनसे जांच करने को कहा कि क्या केमिस्ट्री और बायो की तरह फिजिक्स के सवाल भी PDF फार्म में सर्कुलेट हुए थे।'
केमिस्ट्री के 45 और बायो के 90 प्रश्न हूबहू मैच
एनटीए ने 3 मई को नीट यूजी परीक्षा आयोजित की थी, जिसमें 22.7 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों ने हिस्सा लिया। 180 सवाल अटेम्प्ट करने थे। फिजिक्स व केमिस्ट्री से 45-45 सवाल और बायो से 90 सवाल थे। यह परीक्षा पेन और पेपर मोड से ली गई थी। एनटीए को फिजिक्स के बारे में विशेष रूप से कोई शिकायत नहीं मिली थी। हालांकि 12 मई को यह पाए जाने के बाद कि लीक हुई सामग्री में कम से कम 135 सवाल असल परीक्षा के सवालों से मेल खाते थे, NTA ने परीक्षा रद्द कर दी और अब 21 जून को दोबारा परीक्षा कराने का फैसला किया है।
पेपर लीक का खुलासा करने वाले सीकर के टीचर व्हिसलब्लोअर ने सीधे तौर पर बैकअप पेपर की संभावना जताई है। उन्होंने कहा 'मेरा मानना है कि या तो बाकी सवाल बैकअप पेपर से आए थे, या फिर सिस्टम के अंदर से ही किसी ने दोषियों को बता दिया था कि परीक्षा के दिन कौन सा पेपर इस्तेमाल किया जाएगा। मुझे उम्मीद है कि जांच करने वाले पूरी सच्चाई सामने लाएंगे। इस तरह के लीक हज़ारों छात्रों का भविष्य बर्बाद कर देते हैं।'
अब तक 10 लोगों की गिरफ्तारी
CBI ने इस मामले में अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें लातूर स्थित एक कोचिंग सेंटर के संस्थापक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर और पुणे स्थित केमिस्ट्री के एक रिटायर्ड लेक्चरर पी.वी. कुलकर्णी शामिल हैं। और मनीषा गुरुनाथ मांधरे, जो पुणे की एक बॉटनी टीचर हैं । कुलकर्णी और मांधरे, दोनों ही एनटीए के नीट यूजी 2026 एक्सपर्ट पैनल का हिस्सा रहे हैं।
कोर्ट ने पांच आरोपियों को दो जून तक न्यायिक हिरासत में भेजा
ट पेपर लीक मामले में बुधवार को राउज एवेन्यू कोर्ट ने पांच आरोपियों को दो जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं, एक अन्य आरोपी की सीबीआई हिरासत बढ़ा दी गई है । अदालत ने मांगीलाल बिवाल, विकास बिवाल, दिनेश बिवाल, यश यादव और धनंजय लोखंडे को न्यायिक हिरासत में भेजने की सीबीआई की मांग को मंजूरी दी। सभी आरोपियों को दो जून तक जेल भेजने का आदेश दिया। सीबीआई ने दो अन्य आरोपियों मनीषा मंधारे और शिवराज मोटेगांवकर के हस्ताक्षर के नमूने लेने की भी मांग की।




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