NEET : मकान मालिक ने दिखाया वायरल PDF, केमिस्ट्री बायो के 135 प्रश्न हूबहू मैच, शशिकांत सुथार ने सुनाई कहानी
राजस्थान में सीकर के केमिस्ट्री टीचर शशिकांत सुथार ने ही नीट यूजी पेपर लीक की बात सबसे पहले पकड़ी थी। उन्होंने बताया कि 3 मई की शाम परीक्षा खत्म होने के बाद उनके मकान मालिक ने उन्हें एक वायरल गेस पेपर की पीडीएफ दिखाई थी जिससे केमिस्ट्री और बायोलॉजी के प्रश्न हूबहू मैच हो रहे थे।

राजस्थान में सीकर के केमिस्ट्री टीचर शशिकांत सुथार ने ही नीट यूजी पेपर लीक की बात सबसे पहले पकड़ी थी। उन्होंने ही नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) को नीट यूजी परीक्षा का पेपर लीक होने की सूचना सबसे पहले दी थी। उन्होंने बताया कि 3 मई की शाम परीक्षा खत्म होने के बाद उनके मकान मालिक ने उन्हें एक वायरल गेस पेपर की पीडीएफ दिखाई थी जिससे केमिस्ट्री और बायोलॉजी के प्रश्न हूबहू मैच हो रहे थे।
नीट यूजी 2026 पेपर लीक के कथित मामले में व्हिसलब्लोअर शशिकांत सुथार ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा, "3 मई को शाम 5.00 बजे परीक्षा खत्म होने के बाद मैंने NEET के प्रश्न पत्र का विश्लेषण किया। उसकी समीक्षा करने के बाद मैं अपने मकान मालिक से मिला, जिन्होंने मुझे एक वायरल PDF फाइल दिखाई। उन्होंने मुझसे यह चेक करने के लिए कहा कि क्या उस PDF में दिए गए कोई भी प्रश्न वास्तव में परीक्षा के पेपर में आए थे। जब मैंने PDF के केमिस्ट्री वाले हिस्से की जांच की, तो मुझे पता चला कि उसमें वे सभी 45 प्रश्न हूबहू मौजूद थे, जो उस दिन की NEET परीक्षा में आए थे। यह देखकर हम दोनों ही हैरान रह गए। फिर मैंने उनसे पूछा कि क्या उनके पास ऐसी कोई और PDF भी है। इसके बाद उन्होंने मुझे बायोलॉजी की PDF भी दिखाई।'
सुधार ने आगे कहा, 'एक साथी शिक्षक की मदद से हमने बायोलॉजी गेस पेपर PDF के प्रश्नों को मिलाया, करीब 90 सवाल मैच हो गए। उसी पल समझ आ गया कि मामला बेहद गंभीर है। हमने उसी रात देर से इस मामले की औपचारिक शिकायत प्रशासन से की। इस मामले को आगे बढ़ाते हुए हमने संबंधित एजेंसियों से संपर्क किया; हमने NTA, CBI और शिक्षा मंत्रालय को ईमेल भेजे। उन्होंने बताया कि 7 मई को उन्होंने एनटीए को ईमेल करके लीक की सूचना दी थी। अगले दिन, 8 मई की सुबह से ही उनके पास एनटीए और सीबीआई (CBI) के फोन और मैसेज आने शुरू हो गए।
उन्होंने कहा, 'मैं इन सभी एजेंसियों का आभार व्यक्त करना चाहूंगा, क्योंकि उन्होंने बहुत तेजी से जवाब दिया और तुरंत कार्रवाई की। उन्होंने इस कदाचार में शामिल लोगों का सफलतापूर्वक पर्दाफाश किया है, और उन्हें देश तथा दुनिया के सामने बेनकाब किया है।'
पुलिस ने मांगे सबूत
टीवी इंटरव्यू में शशिकांत ने कहा, 'उसी रात वे सीकर के उद्योग नगर थाने पहुंचे थे। हालांकि पुलिस ने उनसे लिखित शिकायत और साक्ष्य मांगे। इसके बाद अगले चार दिनों तक उन्होंने वायरल पीडीएफ, स्क्रीनशॉट और अन्य डिजिटल सबूत जुटाए।'
सुथार ने सीबीटी मोड की सुरक्षा पर भी सवाल उठाए
आजतक की एक रिपोर्ट के मुताबिक सुथार राजस्थान के सीकर में गुरुकृपा कोचिंग सेंटर में केमिस्ट्री के टीचर थे, मूल रूप से राजस्थान के हनुमानगढ़ ज़िले के नोहर के रहने वाले हैं। सुथार ने कहा कि नीट अगले साल से कंप्यूटर बेस्ड टेस्टिंग (CBT) मोड में लेने की बात हो रही है लेकिन यह भी पूरी तरह से सुरक्षित नहीं है। नीट यूजी को प्री और मेन्स में लेना चाहिए ताकि अगर एक चरण में पेपर लीक हो भी जाए तो दूसरा चरण फर्जीवाड़े को रोक दे। एनटीए प्री या मेन्स दोनों में से कोई एक ऑनलाइन ले सकता है।
शशिकांत के अनुसार, 180 में से लगभग 135 सवाल लीक हुए थे। हालांकि, उनके पास फिजिक्स के पेपर से संबंधित कोई जानकारी या पीडीएफ उपलब्ध नहीं थी।
सीकर के बदनाम होने पर क्या कहा
सीकर को पेपर लीक का केंद्र बताने वाली खबरों पर उन्होंने कहा कि अभी तक वहां से कोई बड़ी गिरफ्तारी नहीं हुई है और न ही कोई संलिप्तता साबित हुई है।
उन्होंने सीकर का बचाव करते हुए कहा कि वहां का पूरा सिस्टम, शिक्षक और ग्रामीण परिवेश से आने वाले छात्र बहुत मेहनती हैं और वहां के परिणाम मेहनत की वजह से आते हैं, धांधली की वजह से नहीं। उन्होंने कहा कि मुख्य आरोपी बाहरी राज्यों (जैसे महाराष्ट्र, नासिक, गुड़गांव) से हैं
उन्होंने बताया कि वे खुद कोटा में नीट की तैयारी कर चुके हैं और पिछले 12 सालों से बच्चों को पढ़ा रहे हैं। बच्चों की दिन-रात की मेहनत, भूख और नींद के सैक्रिफाइस को देखकर उन्होंने अपनी सुरक्षा की चिंता किए बिना यह कदम उठाया। उनके पिता और सब-इंस्पेक्टर भाई रविकांत सुथार ने उन्हें इसके लिए पूरा मानसिक सहयोग दिया।




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