NEET : NTA के साथ काम नहीं करेंगे, CBI पूछताछ पर भड़के UGC NET का पेपर सेट करने वाले एक्सपर्ट
नीट पेपर लीक केस में सीबीएसई ने यूजीसी नेट परीक्षा के पेपर सेटर से भी पूछताछ की है। इस पर यूजीसी नेट परीक्षा का प्रश्न सेट करने वाले भड़क गए हैं। उन्होंने कहा है कि वे अब एनटीए के साथ कॉन्ट्रेक्ट आगे नहीं बढ़ाएंगे।

सीबीआई ने नीट यूजी 2026 पेपर लीक की जांच का दायरा बढ़ा दिया है। जांच एजेंसी ने हाल ही में यूजीसी नेट जून 2026 परीक्षा के प्रश्नपत्र सेट करने वाले विशेषज्ञों से भी पूछताछ की है। इस कार्रवाई के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से जुड़े ऐकेडमिक एक्सपर्ट्स के बीच चिंता और असहजता बढ़ गई है। सूत्रों के अनुसार 16 और 17 मई को दिल्ली के एक होटल में यूजीसी नेट के पेपर सेटिंग से जुड़े करीब 15 एक्सपर्ट्स से सीबीआई अधिकारियों ने लंबी पूछताछ की। पूछताछ में शामिल एक विशेषज्ञ ने दावा किया कि उनसे ऐसे सवाल पूछे गए जैसे वे किसी बड़े अपराध में शामिल हों या संदिग्ध हों। उन्होंने कहा कि उनका नीट पेपर सेटिंग से कोई संबंध नहीं था, फिर भी उन्हें संदेह के घेरे में रखा गया। एनटीए के यूजीसी नेट एक्सपर्ट ने इसे अपमानजनक बताते हुए कहा कि अक्टूबर में उनका कॉन्ट्रेक्ट नेशनल टेस्टिंग एजेंसी(एनटीए) के साथ खत्म हो जाएगा। इसके बाद वह एनटीए साथ काम नहीं करेंगे। यूजीसी नेट जून सत्र की परीक्षा 22 जून से प्रस्तावित है।
'अब एनटीए के साथ जुड़ने से कतराएंगे एक्सपर्ट'
पेपर सेट करने वाले कई अन्य विशेषज्ञ अब एनटीए के असाइनमेंट लेने से बचेंगे। पेपर सेटर टीम में शामिल सेटर ने कहा, “कोई भी ऐसी जांच में नहीं फंसना चाहता जो सालों तक चल सकती है और करियर को नुकसान पहुंचा सकती है। दिसंबर में मेरा कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने के बाद मैं एनटीए से अपने सारे संबंध तोड़ लूंगा।” उन्होंने यह भी कहा कि एनटीए को विशेषज्ञों का एक नया पैनल बनाने में दिक्कतें आ सकती हैं।
नीट यूजी री एग्जाम का नया पैनल बनाने में आएगी दिक्कत
विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्थिति का असर भविष्य की परीक्षाओं पर भी पड़ सकता है। खासकर नीट यूजी 2026 की संभावित दोबारा परीक्षा या अन्य बड़ी परीक्षाओं के लिए नए विशेषज्ञ पैनल तैयार करना एनटीए के लिए चुनौती बन सकता है। हालांकि एनटीए के अधिकारियों ने इन आशंकाओं को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि दुनिया में बहुत से ईमानदार लोग हैं जो आगे आकर भविष्य के विशेषज्ञ समूहों में शामिल होंगे। एनटीए का दावा है कि एजेंसी पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
NEET री एग्जाम को लेकर एनटीए में बड़ा बदलाव, 2 नए एडीजी बनाए गए
मेडिकल कॉलेजों में दाखिला के लिए 21 जून को आयोजित होने वाली नीट-यूजी पुनर्परीक्षा से पहले एनटीए में बड़ा बदलाव किया गया है। चार नए अधिकारियों को शामिल किया गया, जिनमें से दो संयुक्त सचिव स्तर के और दो निदेशक स्तर के अधिकारी हैं। इसके अलावा, 3 वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति के लिए विज्ञापन भी जारी किया गया है। एनटीए की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों के अनुसार संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारियों आकाश जैन और आदित्य राजेंद्र भोजगड़िया को अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) बनाया गया है। ये दोनों अधिकारी एनटीए के महानिदेशक (डीजी) अभिषेक सिंह के साथ परीक्षा पर निगरानी रखेंगे। परीक्षा की सुचिता बनाए रखने के लिए मानवीय हस्तक्षेप से इतर अब प्रश्न पत्र तैयार करने, अनुवाद करने और उनकी छपाई करने से लेकर परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए नई तकनीकों का प्रयोग किया जाएगा। परीक्षा से जुड़ी एनटीए की पुरानी टीम और प्रश्न पत्र तैयार करने वाले प्रोफेसर, मॉडरेटर और कर्मियों को पूरी तरह से बाहर रखा गया है। यह भी फैसला किया गया है कि अब इनहाउस प्रश्नपत्र तैयार किए जाएंगे।
15 दिन में तीन विशेषज्ञों की तैनाती
एनटीए तीन विशेषज्ञ नेतृत्व पदों के लिए विज्ञापन दिया है, उनकी नियुक्ति भी 15 दिनों में की जाएगी। इसमें मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी (सीटीओ), मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) और महाप्रबंधक (मानव संसाधन) शामिल हैं। यह परीक्षा की सुचिता बनाए रखने के लिए एनटीए के आधुनिकीकरण व संचालन पर फोकस करेंगे। एचआर की पहली बार नियुक्ति होगी। इसके अलावा, कुछ प्रतिनियुक्ति, संविदात्मक, परियोजना-आधारित कर्मियों को भी रखा जाएगा। वहीं, मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) अब वित्त संभालेंगे।
शिक्षा मंत्री ने नीट यूजी रीएग्जाम को लेकर दिए अहम निर्देश
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) की पुनर्परीक्षा की तैयारियों की मंगलवार को समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत इसके सुरक्षित, सुचारू और त्रुटिरहित'' आयोजन का निर्देश दिया। यह जानकारी अधिकरियों ने दी। अधिकारियों ने बताया कि समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रधान ने इस बात पर जोर दिया कि पिछली परीक्षा प्रक्रिया में पाई गई सभी खामियों को व्यापक रूप से दूर किया जाना चाहिए, ताकि परीक्षा के आयोजन में पूर्ण शुचिता और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। अधिकारियों के अनुसार, 'मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि नीट-यूजी पुनर्परीक्षा सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत ''सुरक्षित, सुचारू और त्रुटिरहित'' तरीके से आयोजित की जानी चाहिए।'
मंत्री ने अधिकारियों को सभी राज्यों के जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षकों के साथ समन्वय बैठकें आयोजित करने का निर्देश दिया, ताकि परीक्षा व्यवस्थाओं की सख्त निगरानी और प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित हो सके। प्रधान ने परीक्षा केंद्रों पर सतर्कता और सुरक्षा से कोई समझौता न करने और छात्रों के लिए परिवहन, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं सहित पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने का भी अधिकारियों को निर्देश दिया।
राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) ने अनियमितताओं के आरोपों के बीच तीन मई को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा रद्द कर दी थी। प्रधान ने इससे पहले घोषणा की थी कि नीट-यूजी की पुनर्परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे जुड़ी अनियमितताओं को देखते हुए अगले वर्ष से मेडिकल प्रवेश परीक्षा कंप्यूटर आधारित होगी।




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