NEET UG : नीट परीक्षा से पहले बिहार के मुजफ्फरपुर में बिक रहा था पेपर, राजस्थान और छत्तीसगढ़ से भी जुड़े तार
नीट यूजी 2026 से दो दिन पहले से ही मुजफ्फरपुर में टेलीग्राम एप पर नीट का पेपर बेचा जा रहा था। पेपर लीक होने और प्रश्नपत्र उपलब्ध होने की जानकारी इस गैंग से जुड़े शातिर ने टेलीग्राम एप पर चैनल बनाकर डाला था।

टेलीग्राम पर पेपर बेचने के लिए शातिरों ने ‘ऑफिशियल नीट एक्जाम 2026’ नाम से एक चैनल बनाया था। इसी चैनल में ‘एक्जाम वाले’ आईडी से ‘वॉइस रिकॉर्डिंग’ डाली गई थी। इसमें शातिर ने बोला था कि नीट पेपर लीक हो गई है, उसके पास पेपर उपलब्ध है। इस चैनल से 121 परीक्षार्थी जुड़े हुए थे। मुजफ्फरपुर के सिकंदरपुर थाने की पुलिस ने परीक्षा से एक दिन पहले ही बालूघाट इलाके से पेपर बेचने वाले शातिर को दबोच लिया था। लेकिन, पुलिस ने इस बड़े मामले को दबा लिया। इसमें पुलिस ने नीट के नाम पर ठगी के आरोप में केस दर्ज किया था। सिकंदरपुर थाने की पुलिस को इसकी गोपनीय सूचना मिली तो उसने चैनल चला रहे कटरा प्रखंड के जजुआर निवासी मनीष झा को बालूघाट चॉकलेट फैक्ट्री के पास से गिरफ्तार कर बीते दो मई को जेल भेजा था।
मनीष की गिरफ्तारी के एक दिन बाद तीन मई को नीट था। सिकंदरपुर पुलिस ने मनीष की गिरफ्तारी की सूचना दबा ली थी। अब नीट पेपर लीक के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई है। पूरे मामले की जांच सीबीआई कर रही है। सूत्रों के अनुसार अब सीबीआई इस मामले में मनीष झा से पूछताछ कर सकती है। उसके पास से मिले लैपटॉप, मोबाइल आदि की भी सीबीआई जांच करेगी। एक्जाम वाले आईडी के अलावा टेलीग्राम चैनल ‘ऑफिशियल नीट एक्जाम 2026’ पर उत्तर प्रदेश के लखनऊ से नीट पेपर लीक मामले में जजुआर के निखिल कुमार की गिरफ्तारी बीते दिनों हुई है। निखिल भी जजुआर का निवासी है। अब आशंका है कि मनीष का जुड़ाव निखिल से था। उसके मोबाइल में भी निखिल से बातचीत व चैटिंग मिले थे।
सिकंदरपुर थानेदार दुखित महतो ने बताया कि बीते दो मई को गिरफ्तार हुए मनीष के पास से जब्त लैपटॉप और मोबाइल की जांच कराई जा रही है। इन उपकरणों से पेपर लीक को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है।
पावापुरी मेडिकल कॉलेज का छात्र है सरगना
पुलिस की जांच में पता चला कि पावापुरी मेडिकल कॉलेज के एक छात्र उज्ज्वल उर्फ राजा बाबू, अवधेश के साथ मिलकर सॉल्वर गिरोह चला रहा था। पकड़ा गया अमन, उज्ज्वल का मौसेरा भाई है। उज्ज्वल अब तक फरार है। पूछताछ में पता चला कि प्रत्येक अभ्यर्थी से 50 से 60 लाख रुपये में सौदा हुआ था। डेढ़ से दो लाख रुपये एडवांस लिये गये थे। अभ्यर्थी की जगह दूसरे राज्यों से बुलाये गये सॉल्वर को बैठाने की योजना थी।
राजस्थान और छत्तीसगढ़ से भी जुड़े इस मामले के तार
राजगीर डीएसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि इस मामले में अलग-अलग जिलों के सात आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उनसे पूछताछ में कई अहम सुराग मिले हैं। इस मामले के तार राजस्थान और छत्तीसगढ़ से भी जुड़ रहे हैं। इन राज्यों में पुलिस टीम भेजने की योजना है। पुलिस जांच में केन्द्रीय जांच एजेंसियों का सहयोग किया जाएगा।
सॉल्वर गैंग के सात लोग हो चुके गिरफ्तार
मुजफ्फरपुर/बिहारशरीफ, हिटी। नालंदा पुलिस ने नीट यूजी के एक दिन पूर्व दो मई की रात सॉल्वर गिरोह के सात लोगों को पकड़ा था। गिरोह ने बिहार के कई जिलों के परीक्षा केंद्रों पर स्कॉलर को बैठानी की तैयारी कर रखी थी। इसके लिए अभ्यर्थियों से 50-60 लाख रुपये में सौदा भी किया गया था। पावापुरी मेडिकल कॉलेज के दो छात्रों को सरगना के तौर पर चिह्नित किया गया था। उनमें से एक अभी भी फरार है।
दो मई की रात पावापुरी ओपी क्षेत्र में पुलिस ने दो वाहनों पर सवार तीन लोगों को पकड़ा था। इनमें पावापुरी मेडिकल कॉलेज का छात्र मुजफ्फरपुर निवासी अवधेश कुमार व पंकज कुमार साह और मोतिहारी का अमन कुमार शामिल था। इनके अलावा अहियापुर थाना क्षेत्र के शेखपुर निवासी सुरेंद्र यादव के पुत्र मनोज कुमार, बोचहां निवासी अभिषेक रंजन के पुत्र गौरव कुमार, हथौड़ी के बलुआ निवासी सुभाष कुमार को भी पावापुरी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। सभी को पांच मई को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा।
गिरफ्तार लोगों की निशानदेही पर पुलिस ने औरंगाबाद, जमुई और मुजफ्फरपुर में छापेमारी की। चार अन्य आरोपितों को पकड़ा गया। इनमें सीतामढ़ी का हर्षराज, मुजफ्फरपुर का मनोज कुमार, गौरव कुमार और सुभाष कुमार शामिल था। हर्षराज सीतामढ़ी के डॉ. नरेश कुमार दास का बेटा है।
पावापुरी में धराए अवधेश के मोबाइल में थे कई एडमिट कार्ड
पावापुरी में मुजफ्फरपुर के सिवाईपट्टी का शातिर अवधेश कुमार नीट पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किया गया है। अवधेश के मोबाइल में भी मुजफ्फरपुर में परीक्षा दे रहे कई परीक्षार्थियों के एडमिट कार्ड की कॉपी मिली थी। इसी वजह से जिला स्कूल सेंटर से धराए दो संदिग्ध परीक्षार्थियों से भी पावापुरी पुलिस ने पूछताछ की थी। इस तरह नीट पेपर लीक मामले में मुजफ्फरपुर के कई शातिरों का जुड़ाव सामने आया है।




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