NEET 2026 Re-Exam: पंजाब सरकार का बड़ा ऐलान! NEET छात्रों के लिए बसों का सफर बिल्कुल मुफ्त
NEET 2026 Re-Exam: पंजाब सरकार ने राज्य के सभी नीट परीक्षार्थियों के लिए पंजाब रोडवेज की बसों में किराया पूरी तरह माफ करने का फैसला लिया है। नीट एडमिट कार्ड ही बस में उनके वैलिड टिकट के रूप में माना जाएगा।

NEET 2026 Re-Exam: मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट-यूजी 2026' (NEET-UG 2026) की दोबारा होने वाली परीक्षा में शामिल होने जा रहे छात्रों के लिए पंजाब सरकार ने एक बड़ी राहत भरी घोषणा की है। पंजाब सरकार ने राज्य के सभी नीट परीक्षार्थियों के लिए पंजाब रोडवेज की बसों में किराया पूरी तरह माफ करने का फैसला लिया है। 21 जून 2026 को होने वाली नीट री-एग्जाम के मद्देनजर छात्र 20, 21 और 22 जून को तीन दिनों तक मुफ्त यात्रा कर सकेंगे।
एडमिट कार्ड ही होगा मान्य टिकट
पंजाब सरकार द्वारा जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, इस मुफ्त यात्रा सुविधा का लाभ उठाने के लिए छात्रों को किसी विशेष पास या टिकट की आवश्यकता नहीं होगी। बस में सफर करते समय परीक्षार्थियों को कंडक्टर को केवल नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा जारी अपना नीट एडमिट कार्ड (NEET Admit Card) दिखाना होगा। यह एडमिट कार्ड ही बस में उनके वैलिड टिकट के रूप में माना जाएगा।
फीडबैक के बाद लिया गया फैसला
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर इस फैसले को साझा करते हुए इसके पीछे की वजह बताई। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा में बहुत से ऐसे गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे बैठते हैं, जिनके पास परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने के लिए बस का किराया जुटाना भी एक बड़ी चुनौती होती है।
दरअसल, हाल ही में 'आप' के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने देश भर के छात्रों से नीट परीक्षा के संबंध में फीडबैक मांगा था, जिस पर उन्हें लाखों व्यूज और हजारों छात्रों के संदेश मिले। इस बातचीत के दौरान छात्रों ने परीक्षा रद्द होने से पैदा हुए मानसिक तनाव और दोबारा यात्रा करने में होने वाले आर्थिक बोझ की चिंता जताई थी। इसके बाद केजरीवाल ने पंजाब सरकार से छात्रों की मदद का अनुरोध किया था, जिस पर त्वरित एक्शन लेते हुए भगवंत मान ने किराया माफी का यह ऐतिहासिक निर्णय लिया।
NEET-UG परीक्षा में बड़े बदलाव और सुधार
यह कदम ऐसे समय में आया है जब इस साल की नीट-यूजी परीक्षा पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों के बाद रद्द कर दी गई थी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी साफ किया था कि इस री-टेस्ट के लिए छात्रों से कोई अतिरिक्त परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा ताकि उन पर बोझ न पड़े। इसके साथ ही, परीक्षा सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए पूर्व इसरो (ISRO) प्रमुख डॉ. के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली सात सदस्यीय समिति की सिफारिशों के आधार पर सरकार ने घोषणा की है कि अगले वर्ष से नीट-यूजी परीक्षा पूरी तरह से कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित की जाएगी। अब तक यह परीक्षा ऑफलाइन यानी पेन-एंड-पेपर मोड में होती आई थी।




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