NEET UG : MBBS के लिए नीट Cut Off बढ़ने के आसार, क्या हो सकता है सेफ स्कोर और रैंक
NEET UG 2026 cutoff for mbbs : एमबीबीएस दाखिले के लिए इस बार नीट यूजी की कटऑफ बढ़ने के आसार हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक नीट 2026 का प्रश्न पत्र 2025 के मुकाबले थोड़ा सरल रहा था ऐसे में पिछले साल के मुकाबले कटऑफ बढ़ सकती है।

NEET UG 2026 cutoff for mbbs : एमबीबीएस दाखिले के लिए इस बार नीट यूजी की कटऑफ बढ़ने के आसार हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक नीट 2026 का प्रश्न पत्र 2025 के मुकाबले थोड़ा सरल रहा था ऐसे में पिछले साल के मुकाबले कटऑफ बढ़ सकती है। जानकारों का मानना है कि क्वालिफाइंग मार्क्स और ऑल इंडिया कोटा (AIQ) दोनों में बढ़ोतरी की संभावना है। विशेषज्ञों का भी मानना है कि इस बार कट-ऑफ 600 के ऊपर ही जाएगी क्योंकि अधिकतम छात्र 550 से 650 के स्कोर के बीच देखे जा सकते हैं। आपको बता दें कि 3 मई को नीट यूजी परीक्षा 2026 में 96.92 प्रतिशत उम्मीदवारों ने हिस्सा लिया। आवेदन करने वाले 22,75,011 उम्मीदवारों में से 22,05,035 उम्मीदवार एग्जाम में बैठे। अब इन लाखों अभ्यर्थियों को आंसर-की का इंतजार है।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट
गोल इंस्टीट्यूट के फाउंडर एवं एमडी बिपिन सिंह ने नीट 2026 प्रश्नपत्र का विश्लेषण जारी किया। कहा कि पेपर पिछले वर्ष की तुलना में आसान रहा, जिससे प्रतिस्पर्धा कड़ी होगी। फिजिक्स में 45 प्रश्न पूछे गए, जिनमें 11 आसान, 32 मध्यम और 2 कठिन थे। केमिस्ट्री के 45 प्रश्नों में 18 आसान, 16 मध्यम व 11 कठिन रहे। बायोलॉजी के 90 प्रश्नों में 52 आसान, 32 मध्यम व 6 कठिन थे, ज्यादातर एनसीईआरटी आधारित रहे। बताया कि ऑल इंडिया 15% कोटा में सरकारी मेडिकल कॉलेज के लिए जनरल कटऑफ 84-85% रह सकती है।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक नीट यूजी की क्वालिफाइंग कट ऑफ क्या रह सकती है ( NEET UG Qualifying Cut off Expected )
- जनरल कैटेगरी: 150 से 155 के बीच
- आरक्षित वर्ग - 120 से 125 के बीच
- दिव्यांग - 137 से 142 के बीच
सरकारी मेडिकल कॉलेज में MBBS सीट के लिए सेफ स्कोर क्या रह सकता है
- अनारक्षित और ओबीसी कैटेगरी के लिए सेफ स्कोर 615 के आसपास रहने का अनुमान है।
- ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के लिए यह लगभग 610 हो सकता है।
- एससी कैटेगरी के लिए अपेक्षित स्कोर 555 के आसपास रह सकता है।
- एसटी कैटेगरी के लिए यह स्कोर लगभग 545 होने की संभावना है।
अनारक्षित और ओबीसी: लगभग 30,000 रैंक।
ईडब्ल्यूएस : 32,300 से 32,800 रैंक के बीच।
एससी: 1,45,000 से 1,50,000 रैंक के बीच।
एसटी : 1,65,000 से 1,70,000 रैंक के बीच
नीट में सेफ स्कोर एनटीए की तरफ से नहीं जारी होते। बल्कि यह पिछले एडमिशन ट्रेंड्स और काउंसलिंग डेटा पर आधारित होता है। हालांकि सेफ स्कोर कभी भी फिक्स नहीं होता। यह हर साल परीक्षा के कठिनाई स्तर, परीक्षा देने वालों की संख्या, छात्रों के कुल प्रदर्शन और काउंसलिंग राउंड में सीटों की उपलब्धता के आधार पर बदलता रहता है। अगर पेपर आसान होता है तो कट-ऑफ बढ़ जाता है। अगर यह कठिन होता है तो कट-ऑफ थोड़ा कम हो सकता है, लेकिन उम्मीदवारों की भारी संख्या के कारण मुकाबला फिर भी कड़ा बना रहता है। पिछले तीन सालों में NEET UG के कट-ऑफ में थोड़ा बदलाव आया है; सरकारी कॉलेजों के लिए अनारक्षित /EWS कैटेगरी का कट-ऑफ 2023 में 720–137 से बदलकर 2025 में 686–144 हो गया है, जो परीक्षा की कठिनाई और मुकाबले में आए बदलावों को दिखाता है। ओबीसी, एससी, एसटी जैसी आरक्षित कैटेगरीज इसी तरह की क्वालिफ़ाइंग रेंज में बनी रही हैं, जिससे पता चलता है कि इन सालों में इनमें काफी हद तक स्थिरता रही है।
एमबीबीएस ऑल इंडिया कोटा (15%) कटऑफ रैंक बीते तीन वर्षों का
2022 से 2025 तक के NEET MBBS 15% अखिल भारतीय कोटा (AIQ) कट-ऑफ (AIR) -
| श्रेणी | GEN (UR) | OBC | EWS | SC | ST |
|---|---|---|---|---|---|
| नीट 2022 | 22706 | 22721 | 23501 | 122444 | 153436 |
| नीट 2023 | 23674 | 23675 | 25013 | 129158 | 169088 |
| नीट 2024 | 25200 | 25212 | 27899 | 139193 | 168888 |
| नीट 2025 | 27360 | 27421 | 30921 | 139123 | 164804 |
बीते वर्षों का एमबीबीएस कटऑफ अंक (ऑल इंडिया कोटा)
| श्रेणी (Category) | जनरल | ओबीसी | ईडब्ल्यूएस | एससी | एसटी |
|---|---|---|---|---|---|
| नीट 2019 | 582 | 583 | xxx | 463 | 445 |
| नीट 2020 | 611 | 611 | 613 | 507 | 488 |
| नीट 2021 | 595 | 595 | 595 | 473 | 452 |
| नीट 2022 | 596 | 596 | 595 | 454 | 423 |
| नीट 2023 | 610 | 610 | 607 | 480 | 445 |
| नीट 2024 | 652 | 652 | 649 | 549 | 526 |
| नीट 2025 | 525 | 525 | 521 | 439 | 425 |
क्या बोले परीक्षार्थी
- विद्यार्थियों ने एग्जाम के बाद बायोलॉजी का पेपर मध्यम स्तर का माना है। इसमें कई सारे स्टेटमेंट वाले प्रश्न पूछे गए थे, जिसके कारण यह थोड़ा समय लेने वाला बन गया था।
- केमिस्ट्री विषय को भी आसान से मध्यम माना गया है।
- फिजिक्स को मध्यम कठिनाई स्तर का बताया गया है।




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