NEET Answer Key 2026 : नीट यूजी 2026 आंसर-की का इंतजार, जानें क्या है क्वालीफाइंग मार्क्स?
NEET UG answer key 2026: नीट यूजी (neet UG) 2026 सफलतापूर्वक संपन्न हो चुकी है। अब परीक्षा में शामिल हुए लाखों अभ्यर्थियों की नजरें 'आधिकारिक आंसर-की' और रिजल्ट पर टिकी हैं।

NEET 2026 Answer Key: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा, नीट यूजी (neet UG) 2026 सफलतापूर्वक संपन्न हो चुकी है। देशभर में कड़ी सुरक्षा के बीच परीक्षा हुई। 551 शहरों में 5432 केंद्र बनाये गये थे। परीक्षा संचालन के लिए 674 सिटी कोऑर्डिनेटर और छह हजार से अधिक ऑब्जर्वर और दो लाख से अधिक कर्मियों की तैनाती की गयी थी। अब परीक्षा में शामिल हुए लाखों अभ्यर्थियों की नजरें 'आधिकारिक आंसर-की' और रिजल्ट पर टिकी हैं। एनटीए जल्द ही अपनी आधिकारिक वेबसाइट exams.nta.ac.in/NEET या neet.nta.nic.in पर प्रोविजनल आंसर-की और ओएमआर शीट की स्कैन की गई कॉपी जारी करेगा।
आंसर-की जारी होने के बाद छात्रों को किसी भी प्रश्न के उत्तर पर आपत्ति दर्ज कराने का मौका भी दिया जाएगा। इसके लिए प्रति प्रश्न एक निश्चित शुल्क जमा करना होगा। विशेषज्ञों की एक समिति इन आपत्तियों की समीक्षा करेगी, जिसके बाद फाइनल आंसर-की और रिजल्ट घोषित किया जाएगा।
कोड-वाइज समाधान और प्रश्न पत्र
नीट परीक्षा देशभर में विभिन्न प्रश्न पत्र कोड (जैसे Q, R, S, T) में आयोजित की गई थी। आंसर-की के साथ ही उम्मीदवारों की रिस्पॉन्स शीट भी उपलब्ध कराई जाती है। छात्र यह देख सकते हैं कि उन्होंने परीक्षा में कौन से जवाब दिए थे और NTA ने किस जवाब को सही माना है। इससे छात्रों को अपने संभावित स्कोर का अंदाजा लगाने में काफी मदद मिलती है।
क्या होगा क्वालीफाइंग मार्क्स
नीट यूजी 2026 में सफल होने के लिए अभ्यर्थियों को न्यूनतम क्वालीफाइंग पर्सेंटाइल हासिल करना अनिवार्य है।
सामान्य वर्ग (UR/EWS): 50वां पर्सेंटाइल।
ओबीसी/एसएससी/एसटी: 40वां पर्सेंटाइल।
दिव्यांग (UR-PH): 45वां पर्सेंटाइल।
एम्स दिल्ली में सीटों का बंटवारा
एम्स दिल्ली में कुल 132 सीटों का वर्गीकरण कुछ इस प्रकार है:
अनारक्षित (General): 55 सीटें
OBC: 32 सीटेंSC: 18 सीटें
ST: 09 सीटें
EWS: 11 सीटें
विदेशी छात्र: 07 सीटें
रिजल्ट के बाद आगे की राह: एमबीबीएस काउंसलिंग
एक बार रिजल्ट घोषित होने के बाद, नीट यूजी काउंसलिंग का आयोजन नेशनल लेवल पर मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) के द्वारा किया जाता है। एमसीसी द्वारा ऑल इंडिया कोटा (AIQ) में 15% सरकारी मेडिकल कॉलेज सीट, सभी AIIMS, JIPMER और अन्य केंद्रीय संस्थानों की सीटें शामिल होती हैं।
वहीं, राज्य स्तर पर स्टेट काउंसलिंग अथॉरिटी के जरिए होता है। राज्य कोटा में 85% सरकारी मेडिकल कॉलेज सीटें और सभी प्राइवेट/डीम्ड यूनिवर्सिटी सीटें शामिल होती हैं। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अपने सभी शैक्षणिक दस्तावेज और एडमिट कार्ड सुरक्षित रखें।




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