MBBS : दाखिले के 17 साल बाद पास किया एमबीबीएस , 28 साल वाला छात्र अभी इंतजार में
यूपी के गोरखपुर जिले के रहने वाले छात्र ने 17 साल बाद बीआरडी मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस पूरा कर लिया है। वहीं दूसरी तरफ 28 साल से एमबीबीएस कर रहा छात्र अभी परिणाम घोषित होने के इंतजार में है।

यूपी के गोरखपुर जिले के झंगहा के रहने वाले छात्र ने 17 साल बाद बीआरडी मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस पूरा कर लिया है। शुक्रवार को दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रशासन ने सप्लीमेंट्री परीक्षा का रिजल्ट जारी किया। जिसमें वह सफल घोषित हुआ। लंबे समय से फाइनल ईयर में अटका छात्र अब इंटर्नशिप कर सकेगा। वहीं दूसरी तरफ 28 साल से एमबीबीएस कर रहा छात्र अभी परिणाम घोषित होने के इंतजार में है। उसका परिणाम गोरखपुर विश्वविद्यालय ने रोक रखा है।
झंगहा के छात्र ने वर्ष 2009 में बीआरडी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस में प्रवेश लिया था। अंतिम वर्ष में वह दो विषयों में फेल हो गया। इसके बाद उसने कई बार परीक्षा दी, लेकिन सफलता नहीं मिली। अंतिम वर्ष में मेडिसिन, सर्जरी, पीडियाट्रिक और गायनी के चार पेपर होते हैं। तीन प्रयास में छात्र गायनी व पीडियाट्रिक में तो पास हो गया लेकिन मेडिसिन और सर्जरी में बार-बार पिछड़ रहा था।
रिजल्ट के लिए हाईकोर्ट में गुहार लगा चुका है छात्र
बताया जाता है कि छात्र ने वर्ष 2024 में एमबीबीएस की अंतिम वर्ष की परीक्षा दी थी। इस परीक्षा का परिणाम डीडीयू घोषित नहीं कर रहा था। विवि प्रशासन के कारण रिजल्ट डेढ़ साल तक रुका रहा। बाद में छात्र हाईकोर्ट की शरण में गया। अदालत के आदेश पर मार्च 2026 में रिजल्ट जारी हुआ, लेकिन उसमें भी वह फेल हो गया। इसके बाद उसने मार्च के आखिरी सप्ताह में सप्लीमेंट्री परीक्षा का फॉर्म भरा। अप्रैल के मध्य में परीक्षा हुई। अब शुक्रवार को उसका नतीजा आया। जिसमें वह दोनों विषयों में पास हो गया।
प्राचार्य ने विश्वविद्यालय को लिखा पत्र
प्राचार्य डॉ. राम कुमार जायसवाल ने बताया कि वर्ष 2024 में परीक्षा देने वाले दो छात्रों का रिजल्ट अब भी विश्वविद्यालय ने रोक रखा है। इस मामले में हाईकोर्ट के आदेश के क्रम में विश्वविद्यालय को एक पत्र लिखा गया है। उनसे दोनों छात्रों का रिजल्ट जारी करने का आग्रह किया गया है। इसके बावजूद अभी तक दोनों छात्रों का परिणाम जारी नहीं हुआ है।
28 साल से एमबीबीएस छात्र का रुका है रिजल्ट
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में यह पहला केस नहीं है। गोरखपुर विश्वविद्यालय ने वर्ष 2024 में तीन छात्रों का रिजल्ट रोका था। इनमें एक छात्र आगरा का रहने वाला है। उसने वर्ष 1998 में एमबीबीएस में प्रवेश लिया था। वह 28 साल से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है। उसके बैच का रजत जयंती समारोह भी बीआरडी में हो चुका है। जबकि एक और छात्र कुशीनगर का निवासी है। उसने 2010 बैच में प्रवेश लिया था।
12 साल से एमबीबीएस प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रहा छात्र
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में आजमगढ़ का रहने वाला एक छात्र 12 साल से एमबीबीएस प्रथम वर्ष की ही पढ़ाई कर रहा है। उसने वर्ष 2014 बैच में एससी कोटे से प्रवेश लिया था। उसके पिता दरोगा है। छात्र करीब 11 साल बीआरडी के हॉस्टल में रहा। अब जाकर हॉस्टल छोड़कर वह वापस घर चला गया है। बताया जाता है कि छात्र अवसाद में है। हॉस्टल में रहते हुए छात्र ने एमबीबीएस के पहले वर्ष के लिए सिर्फ एक बार परीक्षा दी। जिसके सभी पेपरों में वह फेल हो गया। उसके बाद वह लगातार परीक्षा से दूर भागता रहा। शिक्षकों ने उसे अलग से विशेष पढ़ाई कराने का ऑफर दिया, लेकिन छात्र ने इसे ठुकरा दिया।
सप्लीमेंट्री देने वाले पांच में से चार छात्र हुए पास
सप्लीमेंट्री परीक्षा में बीआरडी के पांच छात्रों ने हिस्सा लिया था। इनमें से चार छात्र पास हो गए, जबकि एक फेल हो गया। पास होने वाले बाकी तीन छात्र 2020 बैच के और एक छात्र 2019 बैच का था।




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