MBBS डॉक्टरों के लिए बड़ी खुशखबरी, 6 माह की ट्रेनिंग ले कर सकेंगे अल्ट्रासाउंड, नियम बदले
बिहार में एमबीबीएस डॉक्टर भी अब छह महीने की ट्रेनिंग लेकर अल्ट्रासाउंड कर सकेंगे। राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने अल्ट्रासाउंड के लिए नियम बदल दिया है। 2018 के नियम के अनुसार इस पर रोक थी।

बिहार में एमबीबीएस डॉक्टर भी अब छह महीने की ट्रेनिंग लेकर अल्ट्रासाउंड कर सकेंगे। राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने इस बारे में मेडिकल कॉलेजों और जिला स्वास्थ्य विभाग को पत्र भेजा है। यह ट्रेनिंग 300 घंटे की होगी और सभी मेडिकल कॉलेजों में होगी। अब तक 2018 के नियम के अनुसार एमबीबीएस डॉक्टरों के अल्ट्रासाउंड करने पर रोक थी। राज्य स्वास्थ्य विभाग ने सभी मेडिकल कॉलेजों में अल्ट्रासाउंड प्रशिक्षण के लिए सीटें भी तय कर दी है। सबसे अधिक आईजीआईएमएस में 36 सीटें तय की गईं हैं। वहीं, श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज, मुजफ्फरपुर में 4 सीटें प्रशिक्षण के लिए तय की गईं हैं। एसकेएमसीएच की प्राचार्य प्रो कुमारी विभा का कहना है कि विभाग के निर्देश का अध्ययन किया जा रहा है।
रेडियोलॉजिस्ट और स्त्री रोग विशेषज्ञ की देखरेख में होगी ट्रेनिंग
स्वास्थ्य विभाग ने एमबीबीएस डॉक्टरों का प्रशिक्षण स्त्री रोग विशेषज्ञ और रेडियोलाजिस्ट की देखरेख में कराने का निर्देश दिया है। विभाग ने प्रशिक्षण के लिए निदेशक प्रमुख के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया है। टीम में अपर निदेशक, बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विवि के कुलपति, निदेशक, स्वास्थ्य शिक्षा, विभागाध्यक्ष रेडियोलॉजी एनएमसीएच, विभागाध्यक्ष स्त्री व प्रसूती रोग पीएमसीएच, राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी और विवि के परीक्षा नियंत्रक शामिल हैं। विभाग ने निर्देश दिया है कि जो डॉक्टर तीन प्रयासों में भी दक्षता-मूल्यांकन परीक्षा (सीबीए) पास नहीं किए हैं, वह भी छह महीने का प्रशिक्षण ले सकेंगे। प्रशिक्षण के बाद डॉक्टरों को प्रमाण पत्र मिलेगा।
कई एमबीबीएस डॉक्टरों के केंद्रों का रुका है नवीनीकरण : सरकार से निर्देश आने से पहले तक अभी कई एमबीबीएस डॉक्टरों के अल्ट्रासाउंड केंद्रों का नवीनीकरण जिला स्वास्थ्य विभाग ने रोका है। विभाग ने इस मसले पर मुख्यालय से मार्गदर्शन मांगा है। मार्गदर्शन मिलने के बाद ही विभाग इन केंद्रों का नवीनीकरण करेगा। इससे पहले जिला स्वास्थ्य विभाग की तरफ से मासिक रिपोर्ट नहीं देने वाले अल्ट्रासाउंड केंद्रों को नोटिस भी किया था।
नियम में बदलाव
- राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने अल्ट्रासाउंड के लिए बदला नियम
- पहले एमबीबीएस डॉक्टरों के अल्ट्रासाउंड करने पर थी रोक
- स्वास्थ्य विभाग ने सभी सीएस और मेडिकल कॉलेज को भेजा पत्र
- डॉक्टरों की ट्रेनिंग की देखरेख को विभाग ने बनाई टीम
नौकरी पटना में, मुजफ्फरपुर में चला रहे अल्ट्रासाउंड सेंटर
पटना में नौकरी करने वाले कई डॉक्टर मुजफ्फरपुर जिले में अल्ट्रासाउंड केंद्र चला रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की जांच में यह बात सामने आयी है। जांच मे मामला सामने आने के बाद इन डॉक्टरों के अल्ट्रासाउंड केंद्रों के नवीनीकरण पर रोक लगा दी गई है। विभाग का कहना है कि जब तक मुख्यालय से इस बारे में कोई दिशा निर्देश नहीं आता है, तब तक नवीनीकरण नहीं किया जायेगा।
सूत्रों के मुताबिक दर्जन भर ऐसे डॉक्टर अल्ट्रासाउंड चला रहे हैं जो मुजफ्फरपुर से बाहर सरकारी नौकरी करते हैं।




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