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MBBS : एमबीबीएस छात्र पहुंच रहे गांव, 600 परिवारों की सेहत को लिया गोद

जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे छात्रों ने अनूठी पहल की है। इसके तहत मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई कर रहे एमबीबीएस छात्रों को न केवल पीएसएम की पढ़ाई करनी है, बल्कि जिले के सुदूर गांव में जाकर 600 परिवारों को गोद भी लिए हैं।

Fri, 27 Feb 2026 01:11 PMPankaj Vijay लाइव हिन्दुस्तान, वरीय संवाददाता, भागलपुर
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MBBS : एमबीबीएस छात्र पहुंच रहे गांव, 600 परिवारों की सेहत को लिया गोद

बिहार में भागलपुर के जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे छात्रों ने अनूठी पहल की है। इसके तहत मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई कर रहे एमबीबीएस छात्रों को न केवल पीएसएम (प्रिवेंटिव ऑफ सोशल मेडिसिन) की पढ़ाई करनी है, बल्कि जिले के सुदूर गांव में जाकर 600 परिवारों को गोद भी लिए हैं। कॉलेज के छात्र न केवल चयनित गांव के 600 परिवार के घर पहुंचकर उनकी सेहत की जांच कर रहे हैं, बल्कि पूरे परिवार को सेहतमंद बनाए रखने का जिम्मा पांच साल तक के लिए ले चुके हैं। जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के पीएसएम (प्रिवेंटिव ऑफ सोशल मेडिसिन) विभाग के प्रोफेसर एवं अध्यक्ष डॉ. कामरान फजल ने बताया कि एनएमसी (नेशनल मेडिकल काउंसिल) की गाइडलाइन के अनुसार, एमबीबीएस की पढ़ाई करने वाले हरेक छात्रों को सुदूर गांव में जाकर कम-से-कम एक परिवार को गोद लेते हुए उन्हें सेहतमंद बनाए रखना होता है। इस प्रोग्राम को फेमिली एडॉप्शन प्रोग्राम कहते हैं। एमबीबीएस के 2025-30 बैच के कुल 120 एमबीबीएस छात्रों ने इस बार जगदीशपुर प्रखंड के मखना गांव के पांच-पांच परिवारों को गोद लिया है। यानी एमबीबीएस छात्रों ने कुल 600 परिवारों को गोद लिया है।

बच्चों के टीकाकरण, बीपी जांच से इलाज तक कर रहे

डॉ. कामरान फजल ने कहा कि फेमिली एडॉप्शन प्रोग्राम के तहत कॉलेज के एमबीबीएस छात्र महीने में एक से दो बार मखना गांव जा रहे हैं। अपने लिए चयनित पांच-पांच परिवारों के पास भी जा रहे हैं। ये छात्र घरों के पांच साल तक के बच्चों के कुपोषण की जांच करते हुए उन्हें सेहतमंद रखने के लिए पोषण आहार का चार्ट तैयार करते हैं और उसके अनुसार खाना खिलाने के लिए मांओं को जागरूक करते हैं। साथ ही शून्य से पांच साल तक के बच्चों का टीकाकरण कराना सुनिश्चित करते हैं। 30 साल से अधिक उम्र की महिला एवं पुरुष की बीपी-शुगर जांच करते हैं और कोई बीमार होता है तो उनका नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या जरूरत पड़ने पर मायागंज अस्पताल ले जाकर इलाज कराना सुनिश्चित करते हैं।

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फेमिली एडॉप्शन प्रोग्राम के तहत बीते 13 फरवरी को कॉलेज के 120 एमबीबीएस छात्रों को जगदीशपुर प्रखंड के मखना गांव बस से भेजा गया था। उनके इस कार्यक्रम में पीएसएम विभाग के चिकित्सक-शिक्षक भी बतौर गाइड शिरकत किए थे। ताकि एमबीबीएस छात्र इलाज-जांच का हुनर सीखते हुए परिवार को सेहतमंद बनाए रख सकें। -डॉ. अविलेश कुमार, प्राचार्य, जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज भागलपुर

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