दुमका की बेटी सुदीपा बनेगी IAS, UPSC में आई 41वीं रैंक, JPSC CDPO परीक्षा में आई थी 24वीं रैंक
झारखंड के दुमका की बेटी सुदीपा दत्ता ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में 41वीं रैंक हासिल की है। उन्होंने तीसरे प्रयास में यह सफलता पाई है। सुदीपा ने बताया कि घर पर रहकर ही उन्होंने इसकी तैयारी की है।

झारखंड के दुमका की बेटी सुदीपा दत्ता ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में 41वीं रैंक हासिल की है। उन्होंने तीसरे प्रयास में यह सफलता पाई है। सुदीपा ने बताया कि घर पर रहकर ही उन्होंने इसकी तैयारी की है। पहले प्रयास में तैयारी पूरी न होने की वजह से प्रारंभिक परीक्षा पास नहीं कर पाई थी। दूसरे प्रयास (2023) में इंटरव्यू तक पहुंचीं थीं।
सीडीपीओ परीक्षा में भी आई थी 24वीं रैंक
सुदीपा को जेपीएससी द्वारा आयोजित सीडीपीओ परीक्षा में भी 24वीं रैंक मिली थी। सुदीपा ने 10वीं की पढ़ाई बांका के संत जोसेफ स्कूल और 12वीं में साइंस की पढ़ाई दुमका के सिदो कान्हू विद्यालय से की है। स्नातक की डिग्री उन्होंने दुमका के आदित्य नारायण महाविद्यालय से राजनीति विज्ञान में प्राप्त की है। उनके पिता सच्चिदानंद दत्ता डाकघर में सहायक पोस्टमास्टर हैं, जबकि मां पम्पा दत्ता गृहिणी हैं। सुदीपा के परिवार में दो बहनें और एक भाई हैं। सभी अभी पढ़ाई कर रहे हैं।
दुमका राजकीय पुस्तकालय में पढ़ाई के लिए जाती रहीं
सुदीपा ने बताया कि दुमका में ही रहकर उसने अपनी तैयारी पूरी की। इस दौरान उसने ऑनलाइन संसाधनों का उपयोग किया और दुमका राजकीय पुस्तकालय में नियमित रूप से जाती रहीं। प्रतिदिन वह 10 घंटे से अधिक मेहनत कर रही थीं। बताया कि उनका लक्ष्य देश और देशवासियों की सेवा करना है, इसी उद्देश्य से उन्होंने सिविल सेवा को चुना। कहा कि जो भी छात्र-छात्राएं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, वे मेहनत और लगन से पढ़ाई करते रहें। परिश्रम का कोई विकल्प नहीं है।
पहले प्रयास में ही दिखा दिया तेज, आई थी 62वीं रैंक
ऑल इंडिया रैंक 62 पाने वाली तेजस्विनी सिंह बचपन से ही पढ़ाई-लिखाई में तेजस्वी और बहुआयामी थी। खास बात यह है कि पहले ही प्रयास में तेजस्विनी ने यूपीएससी में यह दमदार सफलता प्राप्त कर ली। बोकारो इस्पात संयंत्र के महाप्रबंधक प्रभारी (एमआरडी) राजेश कुमार एवं बीएस सिटी कॉलेज में वनस्पति विज्ञान की विभागाध्यक्ष डॉ. पल्लवी प्रवीण की सुपुत्री तेजस्विनी ने डीपीएस बोकारो में नर्सरी से लेकर 12वीं तक की अपनी शैक्षिक यात्रा पूरी की। इस यात्रा में उसने सफलता के कई सोपान भी हासिल किए। विद्यालय के शिक्षकों एवं उनके परिजनों ने बताया कि तेजस्विनी बचपन से ही विभिन्न सह-शैक्षिक गतिविधियों- नृत्य, वाद-विवाद आदि गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लिया करती थी। उसने पढ़ाई के विभिन्न क्षेत्रों में सफलता के आयाम स्थापित किए। यूपीएससी के पहले इंजीनियरिंग और प्रबंधन में भी उसने शानदार सफलता अर्जित की है।
विद्यालय की रावी हाउस की छात्रा रही तेजस्विनी ने 2018 में डीपीएस बोकारो से 12वीं करने के बाद बीआईटी मेसरा से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। इस बीच मैनेजमेंट की भी तैयारी करती रही और आईआईएम कैट में 99.84 परसेंटाइल के साथ दोहरी कामयाबी पाई।




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