ITI Admission 2026: आईटीआई में एडमिशन लेकर गायब रहे तो कटेगा नाम, खाली घोषित होगी सीट; नए सत्र से लागू होगा सख्त नियम
ITI New Rules 2026: आईटीआई में एडमिशन लेकर गायब रहने वाले छात्रों पर सख्ती के लिए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान निदेशालय कड़ा प्रावधान बना रहा है। ऐसी सीटों पर दूसरे छात्रों को प्रवेश का मौका मिलेगा।

ITI New Rules 2026: आईटीआई में आप एडमिशन ले रहे हैं, तो नियमित क्लास भी करनी होगी। गलती से भी आप एक महीने लगातार क्लास में नहीं पहुंचे तो आपकी सीट खाली घोषित कर दी जाएगी। एडमिशन लेकर गायब रहने वाले छात्रों पर सख्ती के लिए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान निदेशालय कड़ा प्रावधान बना रहा है। ऐसी सीटों पर दूसरे छात्रों को प्रवेश का मौका मिलेगा।
आईटीआई में प्रवेश के लिए जब से संयुक्त प्रवेश परीक्षा शुरू हुई है, तब से सीट खाली करने का प्रावधान रद हो गया था। किसी सीट पर छात्र ने प्रवेश ले लिया। वह क्लास नहीं आता है तो भी सीट खाली नहीं होती थी। ऐसे में वेटिंग में रहने वाले छात्रों को प्रवेश का मौका नहीं मिलता था। लिहाजा, सीटें भी खाली रह जाती थीं।
लगातार मिल रहा है सुझाव पर भेजा प्रस्ताव
औद्योगिक प्रशिक्षण निदेशालय को कॉलेजों की ओर से लगातार सुझाव मिल रहा था कि सीट खाली घोषित करने की व्यवस्था दोबारा लागू की जाए। इस क्रम में निदेशालय ने एक प्रस्ताव शासन को अनुमोदन के लिए भेजा है, शासन से स्वीकृत मिलते ही यह व्यवस्था लागू हो जाएगी।
प्राइवेट कॉलेजों को नहीं मिलेगा यह अधिकार; दुरुपयोग की आशंका
आईटीआई सूत्रों के मुताबकि प्रस्ताव में इस प्रावधान से सिर्फ सरकारी आईटीआई को जोड़ा गया है। सीट खाली घोषित करने का अधिकार सिर्फ सरकारी आईटीआई के प्रधानाचार्य के पास होगा। प्राइवेट आईटीआई सीट खाली घोषित नहीं कर सकेंगे। निदेशालय को इस बात आशंका थी कि अगर प्राइवेट आईटीआई मैं भी सीट खाली घोषित करने की व्यवस्था होगी तो इसका दुरुपयोग हो सकता है। लिहाजा, नई व्यवस्था सिर्फ सरकारी आईटीआई पर लागू होगी।
नये शैक्षिक सत्र से लागू होगी व्यवस्था
सीट खाली घोषित करने की व्यवस्था शुरू होने वाले नए शैक्षिक सत्र से ही लागू कर दी जाएगी। माना जा रहा है कि मई के अंतिम सप्ताह या जून के पहले सप्ताह तक शासनादेश जारी हो जाएगा।
हुनर साबित करने पर ही मिलेगी डिग्री, ट्रेनिंग हुई अनिवार्य
छात्रों को आईटीआई की क्लास नियमित करने के लिए ही बाध्य नहीं कर रही है। बल्कि, आईटीआई की डिग्री भी तब मिलेगी, जब छात्र अपने हुनर साबित करके दिखाएगा। इसके पीछे मकसद यह बताया जा रहा है कि रोजगार मेलों में 60 प्रतिशत छात्र योग्यता साबित नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग करना अनिवार्य कर दिया गया है। अब छात्रों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ फैक्ट्रियों और इंडस्ट्री के माहौल में काम सीखकर खुद को साबित करना होगा।




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