Agniveer Salary: अग्निवीरों को हर महीने कितनी मिलती है सैलरी, 4 साल बाद मिलता है 10 लाख का सेवा निधि पैकेज?
Agniveer Salary 2026: 4 साल के सेवा काल के दौरान अग्निवीरों का मासिक वेतनमान हर साल 10 प्रतिशत की दर से बढ़ता है। उन्हें 10 लाख रुपये का सेवा निधि पैकेज और 48 लाख रुपये की बीमा सुरक्षा मिलती है।

Indian Army Agniveer Salary 2026: केंद्र सरकार की 'अग्निपथ योजना' के तहत भारतीय सेना में शामिल होने वाले युवाओं यानी अग्निवीरों के लिए सैलरी स्ट्रक्चर और मिलने वाली सुविधाएं हमेशा से एक बड़ा चर्चा का विषय रही हैं। 4 साल के सेवा काल के दौरान अग्निवीरों को एक निश्चित मासिक वेतनमान दिया जाता है, जो हर साल 10 प्रतिशत की दर से बढ़ता है।
अग्निपथ योजना के नियमों के मुताबिक, अग्निवीरों की सैलरी में महंगाई भत्ता (DA) या मकान किराया भत्ता (HRA) जैसे पारंपरिक सरकारी भत्ते शामिल नहीं होते हैं, बल्कि उन्हें एकमुश्त कस्टमाइज्ड पैकेज दिया जाता है। आइए जानते हैं कि 4 साल के दौरान अग्निवीरों को हर महीने कितनी इन-हैंड सैलरी मिलती है और सेवा पूरी होने के बाद उन्हें क्या वित्तीय लाभ मिलते हैं।
साल-दर-साल सैलरी का पूरा गणित
अग्निवीरों की ग्रॉस सैलरी और उनके बैंक खाते में आने वाली इन-हैंड सैलरी में 30 प्रतिशत का अंतर होता है। इस 30 फीसदी हिस्से को 'अग्नवीर कॉर्पस फंड' में जमा किया जाता है।
पहला साल: सेवा के पहले वर्ष में अग्निवीरों का कुल मासिक पैकेज ₹30,000 होता है। इसमें से 30% यानी ₹9,000 कॉर्पस फंड में चले जाते हैं और उम्मीदवार को ₹21,000 इन-हैंड सैलरी मिलती है।
दूसरा साल: दूसरे वर्ष में मासिक पैकेज बढ़कर ₹33,000 हो जाता है। इसमें से ₹9,900 फंड में कटते हैं और हाथ में ₹23,100 आते हैं।
तीसरा साल: तीसरे वर्ष में यह पैकेज ₹36,500 प्रति माह हो जाता है। फंड डिडक्शन के रूप में ₹10,950 कटते हैं और इन-हैंड सैलरी ₹25,550 हो जाती है।
चौथा साल: अंतिम वर्ष में कस्टमाइज्ड पैकेज बढ़कर ₹40,000 हो जाता है। इसमें से ₹12,000 कॉर्पस फंड में जमा होते हैं और अग्निवीर को ₹28,000 इन-हैंड सैलरी मिलती है।
क्या है 'सेवा निधि पैकेज': 10 लाख रुपये?
4 साल की सेवा सफलतापूर्वक पूरी करने के बाद, कुल अग्निवीरों में से अधिकतम 25 प्रतिशत को उनकी योग्यता और सेना की आवश्यकताओं के आधार पर नियमित कैडर में शामिल कर लिया जाता है। बाकी बचे 75 प्रतिशत जवानों को सेवा से मुक्त कर दिया जाता है, जिन्हें विदाई के समय 'सेवा निधि पैकेज' दिया जाता है। 4 सालों में हर महीने अग्निवीर की सैलरी से कटने वाला 30% हिस्सा कुल मिलाकर ₹5.02 लाख बनता है। इतनी ही राशि ₹5.02 लाख भारत सरकार भी अपनी ओर से इस फंड में जोड़ती है। कुल भुगतान: संचित ब्याज को मिलाकर, सेवा मुक्ति के समय अग्निवीरों को लगभग ₹10.04 लाख का एकमुश्त भुगतान किया जाता है। सबसे बड़ी बात यह है कि यह पूरा सेवा निधि पैकेज पूरी तरह से टैक्स फ्री होता है।
48 लाख रुपये की बीमा सुरक्षा
सैलरी के अलावा सेना में सेवा के दौरान अग्निवीरों को कई अन्य महत्वपूर्ण सुविधाएं और सुरक्षा कवर दिए जाते हैं। सेवा काल के दौरान सभी अग्निवीरों को ₹48 लाख का जीवन बीमा कवर मिलता है, जिसके लिए उनकी सैलरी से कोई पैसा नहीं काटा जाता।
यदि ड्यूटी के दौरान कोई अग्निवीर शहीद होता है, तो परिजनों को ₹44 लाख की अनुग्रह राशि और बचे हुए कार्यकाल की पूरी सैलरी दी जाती है। वहीं, 100% विकलांगता की स्थिति में ₹44 लाख, 75% पर ₹25 लाख और 50% विकलांगता पर ₹15 लाख का वन-टाइम मुआवजा मिलता है। अग्निवीरों को जोखिम एवं कठिनाई भत्ता, ड्रेस भत्ता, मुफ्त राशन, चिकित्सा सुविधाएं, साल में 30 दिनों की छुट्टियां और सीएसडी (CSD) कैंटीन की सुविधाएं भी प्रदान की जाती हैं।




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