दिल्ली नर्सरी दाखिले के लिए EWS कोटे का ड्रॉ निकला, इस साल कितने आवेदन आए
delhi nursery admission 2026: शिक्षा विभाग को इस वर्ष कुल 1,39,524 आवेदन प्राप्त हुए, ईडब्ल्यूएस श्रेणी में 1,38,536 और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की श्रेणी में 988 हो गई है।

delhi nursery admission 2026: दिल्ली में नर्सरी दाखिले को लेकर हर साल जो बेचैनी और उम्मीदों का माहौल रहता है, वह इस बार भी देखने को मिला। हजारों माता-पिता की नजरें उस एक ड्रॉ पर टिकी थीं जो उनके बच्चे का भविष्य तय कर सकता था। सोमवार को जब कंप्यूटर से ड्रॉ निकला, तो किसी के चेहरे पर खुशी आई तो किसी की उम्मीदें अगली सूची पर टिक गईं।
कितने आए थे आवेदन
राजधानी के निजी स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2026-2027 के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस), वंचित वर्ग और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की श्रेणी के अंतर्गत नर्सरी, केजी व पहली कक्षा में दाखिले के लिए सोमवार को पहला कंप्यूटराइज्ड ड्रॉ निकाला गया। शिक्षा विभाग को इस वर्ष कुल 1,39,524 आवेदन प्राप्त हुए। ईडब्ल्यूएस श्रेणी में पूर्ण रूप से भरे हुए आवेदनों की संख्या 1,38,536 है। वहीं, दूसरी ओर विशेष आवश्यकता श्रेणी में 988 हो गई है।
दिल्ली सरकार में शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने शिक्षा निदेशालय में इस प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अभिभावकों की उपस्थिति में ड्रॉ संपन्न कराया। उन्होंने कहा कि विशेष बात यह रही कि अभिभावकों ने स्वयं ड्रॉ निकाला। साथ ही, आवेदन प्रक्रिया को और अधिक सरल व पारदर्शी भी बनाया है। शिक्षा निदेशालय के मुताबिक इस वर्ष कुल सीट में वृद्धि हुई है।
वर्ष 2025-26 की तुलना में कुल स्कूलों की संख्या 2219 से बढ़कर 2308 हो गई है। ईडब्ल्यूएस श्रेणी के अंतर्गत सीट 44,045 से बढ़कर 48,092 हो गई हैं। वहीं, विशेष आवश्यकता श्रेणी में सीट 6,471 से बढ़कर 7,609 तक पहुंची हैं। ऐसे में मौजूदा वर्ष में कुल सीटों की संख्या 50,516 से बढ़कर 55,701 हो गई है।
तकनीकी सुधारों पर विशेष ध्यान : शिक्षा मंत्री
कंप्यूटरीकृत ड्रॉ के बाद शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार प्रतिबद्ध है कि दिल्ली के प्रत्येक पात्र बच्चे को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिले। उन्होंने कहा कि इस वर्ष इन श्रेणियों में प्रवेश के लिए तकनीकी सुधारों, एनआईसी द्वारा विकसित और स्वीकृत सॉफ्टवेयर व आधार आधारित सत्यापन के माध्यम से त्रुटिपूर्ण आवेदनों पर रोक लगाई है। इससे वास्तविक लाभार्थियों को प्रवेश के अधिक अवसर प्राप्त हुए हैं। सूद ने यह भी स्पष्ट किया कि ड्रॉ का एक बार परिणाम फ्रीज होने के बाद उसमें किसी भी प्रकार का बदलाव संभव नहीं है।




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