CUET UG : BHU स्नातक दाखिले के लिए अभी करना होगा लंबा इंतजार, बीते वर्ष 5000 सीटें रह गई थीं खाली
सीयूईटी यूजी परिणाम में संभावित देरी के कारण बीएचयू नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। सीयूईटी यूजी परिणाम जुलाई की शुरुआत में आने की संभावना जताई जा रही है।

बीएचयू में नए सत्र के स्नातक प्रवेश के लिए इंतजार और लंबा होने की आशंका है। नीट यूजी पेपर लीक के बाद 21 जून को होने वाली रीएग्जाम के परिणाम के बाद सीयूईटी यूजी के परिणाम आने की उम्मीद है। सीयूईटी यूजी में भी तकनीकी कारणों से 31 मई को स्थगित हुई परीक्षा भी अभ्यर्थियों की चिंता का कारण बनी हुई है। बीएचयू में प्रवेश प्रक्रिया इस साल पटरी पर थी, मगर सीयूईटी के परिणामों में देरी इस बार भी प्रवेश में बाधक बनेगी। पिछले वर्षों में बीएचयू की प्रवेश प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल, परिणाम और शॉर्टलिस्टिंग में देरी के चलते अक्तूबर-नवंबर तक गई थी।
इस वर्ष की प्रवेश प्रक्रिया को समय से शुरू किया गया और सीयूईटी पीजी के लिए रजिस्ट्रेशन भी प्रारंभ हो गए। हालांकि सीयूईटी यूजी (स्नातक) पर चिंताएं बढ़ती जा रही हैं। सीयूईटी-यूजी परीक्षा की तिथियों में हुए बदलाव और परिणाम जारी होने में संभावित देरी के कारण विश्वविद्यालयों की प्रवेश प्रक्रिया भी प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
नीट यूजी रिजल्ट के बाद सीयूईटी यूजी का रिजल्ट
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित सीयूईटी-यूजी परीक्षा की प्रक्रिया इस वर्ष निर्धारित समय से पीछे चल रही है। माना जा रहा है कि 21 जून को होने वाली नीट-यूजी परीक्षा से संबंधित प्रमुख प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ही सीयूईटी-यूजी का परिणाम जारी किया जा सकेगा। परिणाम जुलाई के प्रारंभ में आने की संभावना जताई जा रही है। सीयूईटी-यूजी के परिणाम में देरी का सीधा प्रभाव बीएचयू की काउंसलिंग और प्रवेश प्रक्रिया पर पड़ेगा। इससे नए शैक्षणिक सत्र के समय पर शुरू होने की संभावना कम हो गई है।
पिछले साल पांच हजार से ज्यादा सीटें रह गई थीं खाली
बीएचयू में पिछले वर्ष भी एनटीए से अर्ह अभ्यर्थियों का डेटा मिलने में देरी की वजह से प्रवेश प्रक्रिया सितंबर तक खिंच गई थी। कई स्पॉट और मॉपअप राउंड के बाद भी यूजी-पीजी मिलाकर पांच हजार से ज्यादा सीटें खाली रह गई थीं। बीएचयू में प्रवेश से जुड़े वरिष्ठ आचार्यों का कहना है कि प्रवेश प्रक्रिया में देरी का अर्थ है कि सीटें खाली रह जाएंगी। कोई भी अभ्यर्थी साल के अंत तक प्रवेश की प्रतीक्षा करने के बजाए किसी प्राइवेट कॉलेज या दूरस्थ पाठ्यक्रम में प्रवेश लेना सही मानता है।




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