BHU : बीएचयू भर्ती में हुई हेराफेरी में फार्मासिस्ट पिता से मामा तक रडार पर
बीएचयू में गैरशिक्षण कर्मचारियों की भर्ती में हुई अनियमितता के आरोपियों में फार्मासिस्ट पिता से एक अफसर मामा तक कई लोग जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। गोपनीय जांच में बनारस का रिटायर कर्मचारी भी संदेह के घेरे में आया

बीएचयू में गैरशिक्षण कर्मचारियों की भर्ती में हुई अनियमितता के आरोपियों में फार्मासिस्ट पिता से एक अफसर मामा तक कई लोग जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय स्तर पर कराई गई गोपनीय जांच में शिक्षा और चिकित्सा से जुड़े कुछ रसूखदार परिवार और उनसे जुड़े अभ्यर्थी भी संदेह के घेरे में हैं। पूर्वांचल के कुछ शहरों के अलावा बिहार, केरल और राजस्थान से जुड़े कुल 28 अभ्यर्थी संदिग्ध मिले हैं।
जांच में बनारस के एक अभ्यर्थी का मामला प्रमुखता से सामने आया है। आरोप है कि सर सुंदरलाल अस्पताल में कार्यरत एक फार्मासिस्ट ने जूनियर क्लर्क पद पर अपने बेटे की भर्ती के लिए धन दिया। बनारस के पहड़िया क्षेत्र निवासी दूरसंचार विभाग के अवकाशप्राप्त कर्मचारी का नाम भी सामने आया है। उसने गैर शैक्षणिक पदों पर भर्ती के लिए दबाव बनाकर लेन-देन कराया। एजेंसियों ने उस व्यक्ति, उससे संबंधित अभ्यर्थियों और उसके परिजनों के संपर्कों तथा बैंकिंग गतिविधियों की भी जांच की है। केंद्र सरकार के एक उच्च पदस्थ चंदौली निवासी अधिकारी पर अपने भांजे की पैरवी का आरोप जांच में सिद्ध हुआ है।
कुछ जॉइन कर चुके, कुछ करने वाले
जांच एजेंसियों की रिपोर्ट में संदिग्ध मिले अभ्यर्थी नौकरी जॉइन भी कर चुके हैं। कुछ की नियुक्ति प्रक्रिया अंतिम चरण में बताई जा रही है। विश्वविद्यालय के प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि कई मामलों में दस्तावेजी औपचारिकताएं लगभग हो चुकी हैं। हालांकि मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय एजेंसियां भी नजर बनाए हुए हैं।
मऊ और आजमगढ़ के अभ्यर्थी भी जद में
जांच में मऊ और आजमगढ़ के कई अभ्यर्थियों और उनके परिजनों के नाम भी सामने आ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार इन परिवारों का शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्र से गहरा संबंध है। जांच एजेंसियों ने इनके बैंक खातों, आर्थिक गतिविधियों और भर्ती प्रक्रिया के दौरान हुए संपर्कों की अलग से पड़ताल की है।




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