BHU और IIT छात्रों को मिलेगा PM विद्यालक्ष्मी योजना का लाभ, BTech समेत इन तमाम कोर्स वालों को होगा फायदा
आईआईटी बीएचयू में प्रवेश लेने वाले आर्थिक रूप से अक्षम तबके के छात्रों की राह ‘पीएम विद्यालक्ष्मी योजना’ से आसान होगी। बीएचयू ने इस वर्ष अपने प्रवेश बुलेटिन में भी इस योजना का उल्लेख किया है।

उच्च शिक्षा हासिल करने का सपना अब आर्थिक तंगी के कारण अधूरा नहीं रहेगा। बीएचयू और आईआईटी बीएचयू में प्रवेश लेने वाले आर्थिक रूप से अक्षम तबके के छात्रों की राह ‘पीएम विद्यालक्ष्मी योजना’ से आसान होगी। बीएचयू ने इस वर्ष अपने प्रवेश बुलेटिन में भी इस योजना का उल्लेख किया है। योजना के तहत पात्र छात्रों को बिना गारंटी और बिना संपार्श्विक शिक्षा ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
यह पहली बार है कि बीएचयू के प्रवेश बुलेटिन में एक सरकारी योजना को शामिल किया गया है। मकसद अधिक से अधिक छात्रों तक इसका प्रसार और उन्हें लाभ दिलाना है। पीएम विद्यालक्ष्मी योजना के तहत विद्यार्थी ब्याज और गारंटर रहित लोन प्राप्त कर सकते हैं। इसके तहत मेरिट में आने वाले छात्रों को ट्यूशन फीस, हॉस्टल, किताबें और अन्य शैक्षणिक खर्चों के लिए शिक्षा ऋण मिल सकेगा। परिवार की वार्षिक आय आठ लाख रुपये तक होने पर 10 लाख रुपये तक के ऋण पर ब्याज सब्सिडी का भी प्रावधान है।
बीएचयू के किन कोर्स के छात्रों को मिलेगा लाभ
बीएचयू के कला, विज्ञान, वाणिज्य, विधि, चिकित्सा और शोध पाठ्यक्रमों के छात्र और आईआईटी बीएचयू के बीटेक, डुएल डिग्री, एमटेक और शोध कार्यक्रमों में अध्ययनरत विद्यार्थी पात्रता की शर्तें पूरी करने पर आवेदन कर सकेंगे। योजना का लाभ केवल उन्हीं छात्रों को मिलेगा, जिन्होंने प्रवेश परीक्षा या निर्धारित मेरिट प्रक्रिया के आधार पर दाखिला लिया हो। स्पॉन्सर्ड या विशेष कोटा से प्रवेश लेने वाले छात्र इसके दायरे से बाहर होंगे। योजना से छात्र-छात्राओं को फायदा मिलेगा।
कर्ज पाने के लिए ऐसे किया जा सकते है आवेदन
छात्र पीएम विद्यालक्ष्मी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। प्रवेश पत्र, फीस संरचना, आय प्रमाणपत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज अपलोड करने के बाद बैंक से ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी होगी।
क्या क्या होगा फायदा
योजना के तहत छात्रों को बिना किसी गारंटर के शिक्षा ऋण मिलता है। 8 लाख रुपये तक की वार्षिक पारिवारिक आय वाले छात्र 10 लाख रुपये तक के शिक्षा ऋण पर 3% ब्याज छूट के पात्र हैं। 7.5 लाख रुपये तक के ऋण के लिए 75% क्रेडिट गारंटी केंद्र सरकार प्रदान करती है। यह योजना देश में एनआईआरएफ के टॉप रैंकिंग 952 उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए लागू की गई है।




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