CBSE 12th Re-evaluation : सीबीएसई रीवैल्यूएशन पोर्टल खुला, कहां और कैसे करें आवेदन, क्या हैं नियम
CBSE Class 12 Re-evaluation 2026 : सीबीएसई ने आखिरकार कक्षा 12वीं के छात्रों के लिए आंसर शीट री-इवेल्यूएट और वेरिफिकेशन कराने की विंडो खोल दी है। छात्र https://postresult.cbseit.in/pvr पर जाकर एप्लाई कर सकते हैं।

CBSE Class 12 Re-evaluation 2026 : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने आखिरकार कक्षा 12वीं के छात्रों के लिए आंसर शीट री-इवेल्यूएट और वेरिफिकेशन कराने की विंडो खोल दी है। जिन भी छात्रों को अपनी आंसरशीट की चेकिंग, मार्किंग और टोटलिंग को लेकर कोई आपत्ति है तो वे https://postresult.cbseit.in/pvr पर जाकर 6 जून 2026 तक एप्लाई कर सकते हैं। जिन उम्मीदवारों ने अपनी आंसर शीट की स्कैन की हुई कॉपी प्राप्त कर ली है, वे आंसर शीट री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया के लिए आवेदन कर सकते हैं। रीइवैल्यूएशन पोर्टल शुरू होने को लेकर सीबीएसई ने बयान जारी कर कहा है कि 12वीं कक्षा के जिन छात्रों को अपने पेपर के रीइवैल्यूएशन के लिए आवेदन करने हैं, वे वीडियो में बताई गई प्रक्रिया के आधार पर आवेदन कर सकते हैं। बोर्ड ने आवेदन प्रक्रिया को लेकर एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया है।
बता दें कि सीबीएसई रीइवैल्यूएशन आवेदन की विंडो 1 जून से ही शुरू होनी थी, लेकिन तकनीकी गड़बड़ी के कारण सीबीएसई का पोर्टल काम नहीं कर रहा था। इस कारण सोमवार रात तक छात्रों के बीच असमंजस की स्थिति देखी गई। आज मंगलवार सुबह सीबीएसई ने एक्स पर वीडियो मैसेज के साथ लिखा, 'प्रिय विद्यार्थियों, वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन पोर्टल अब लाइव हो गया है! मार्क्स के वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन कैसे करें, इस पर स्टेप-बाय-स्टेप निर्देशों के लिए कृपया वीडियो को ध्यान से देखें।'
क्या हैं नियम, क्या है फीस
- मार्क्स वेरिफिकेशन के लिए विद्यार्थी को 100 रुपये फीस देनी होगी। जबकि अगर कोई विद्यार्थी अपने उत्तर भी चेक करवाना चाहता है तो उसे प्रति प्रश्न 25 रुपये फीस देनी होगी।
- अगर किसी स्टूडेंट का एक नंबर भी बढ़ता है तो बोर्ड इस प्रक्रिया की पूरी फीस वापस करेगा।
- कॉपी री चेकिंग के बाद नंबर कम भी हो सकते हैं। छात्र अधिक अंकों का हकदार होता है, तो उनके बढ़ाए जाएंगे। अगर किसी गलती को सुधारने के चलते छात्र के नंबर कम होते हैं तो, छात्र के अंक उसी के अनुसार कम कर दिए जाएंगे।
क्या क्या चेक हो सकेगा
छात्र स्कैन की गई कॉपी में गायब पन्ने, गायब सप्लीमेंट्री शीट, गायब मैप/ग्राफ, धुंधले पन्ने, गलत उत्तर पुस्तिका या किसी अलग सेट से कॉपी चेक होने जैसी समस्याओं के लिए आवेदन कर सकते हैं।
- एक ही आवेदन में कई समस्याओं और कई विषयों को चुना जा सकता है।
- छात्रों को सत्यापन के लिए केवल एक बार आवेदन करने की अनुमति है।
- छात्र प्रश्न संख्या और पेज नंबर का विवरण देकर एक या अधिक विषयों के प्रश्नों के पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकते हैं।
पुनर्मूल्यांकन के लिए भी केवल एक ही आवेदन किया जा सकता है। इसलिए छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे पहले ही तय कर लें कि उन्हें कितने विषयों के लिए आवेदन करना है।
- एक बार 'फ्रीज एंड प्रोसीड टू पेमेंट' बटन पर क्लिक करने के बाद, आपका विवरण लॉक हो जाएगा और उसमें कोई बदलाव नहीं किया जा सकेगा।
- आवेदन तभी सफलतापूर्वक जमा माना जाएगा जब ऑनलाइन पेमेंट गेटवे के माध्यम से भुगतान पूरा हो जाएगा।
छात्रों की सुविधा के लिए आवेदन प्रक्रिया को समझने के लिए एक वीडियो ट्यूटोरियल भी (https://youtu.be/9915dx_c5Ko) पर उपलब्ध है।
सीबीएसई 12वीं मार्क्स वेरिफिकेशन के लिए कैसे आवेदन करें
केवल वे छात्र जिन्होंने पहले ही अपनी आंसर बुक की फोटोकॉपी या स्कैन की हुई कॉपी प्राप्त कर ली है, वे ही वेरिफिकेशन या री-इवैल्यूएशन की प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकते हैं।
स्टेप 1 - सबसे पहले CBSE रीवैल्यूएशन पोर्टल postresult.cbseit.in/pvr पर जाएं।
स्टेप 2- होमपेज पर ‘Post Result Services’ या ‘Verification & Re-evaluation’ सेक्शन खोलें।
स्टेप 3 - लॉग इन करने के लिए अपना रोल नंबर और एडमिट कार्ड ID डालें। पोर्टल पर लॉगिन करने के लिए छात्रों को अपना आधार नंबर (Aadhar number) दर्ज करना अनिवार्य है।
स्टेप 4 - आवेदन का प्रकार चुनें:
अंकों का वेरिफिकेशन
री-इवैल्यूएशन
वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन दोनों
स्टेप 5 -विषय या विषयों का चयन करें
स्टेप 6 - री-इवैल्यूएशन के मामले में, उन विशिष्ट प्रश्न संख्याओं का चयन करें जिनकी समीक्षा छात्र करवाना चाहते हैं।
स्टेप 7 - निर्धारित शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करें। आवेदन पत्र जमा करें। कंफर्मेशन पेज को डाउनलोड करें और सेव करके रख लें।
अपना एप्लीकेशन आईडी संभालकर रखें, इसकी मदद से आप कभी भी आवेदन का स्टेटस चेक कर सकते हैं।
4 लाख से ज्यादा ने हासिल की स्कैन कॉपियां
पहले बोर्ड 26 मई को सीबीएसई 12वीं के री-वैल्यूएशन और वेरिफिकेशन के लिए आवेदन जारी करने वाला था। लेकिन पोर्टल में तकनीकी दिक्कतों की वजह से इसमें देरी हो गई। सीबीएसई के मुताबिक आंसर-शीट की स्कैन की हुई कॉपी पाने के लिए कुल 4,04,319 एप्लीकेशन मिले। छात्रों ने कुल 11,31,961 आंसर-शीट की मांग की थी। कुल 8,98,214 आंसर-शीट डिजिटल रूप से उपलब्ध कराई गईं।
OSM को लेकर विवाद
सीबीएसई 12वीं का रिजल्ट 13 मई 2026 को जारी किया गया था। 12वीं का रिजल्ट पिछले साल 88.39% से घटकर 85.20% पर आ गया है। लगभग 98 लाख कॉपियां इस बार ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम (OSM) के जरिए चेक हुई थीं, जबकि 13000 कॉपियां मैन्युअल तरीके से चेक हुई थीं। सीबीएसई 12वीं बोर्ड रिजल्ट के बाद कई स्टूडेंट और उनके पेरेंट्स ने ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम पर सवाल उठाया है। उन्होंने शिकायत की कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग यानी OSM की वजह से 12वीं में स्टूडेंट्स के काफी कम नंबर आए।
स्कैन कॉपी सामने आने के बाद हो गया बवाल
स्कैन कॉपी हाथ में आने के बाद विद्यार्थियों ने ओएसएम सिस्टम में कई खामियां गिनाईं और दावा किया कि उनके अधिक नंबर बन रहे हैं। वेदांत मामला सामने आने के बाद भी आवेदन बढ़ने के आसार हैं। किसी ने आंसरशीट बदलने के, किसी ने स्टेप वाइज मार्किंग न होने तो किसी ने एमसीक्यू में बेवजह नंबर काटे जाने के दावे किए हैं।
दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी
सीबीएसई परीक्षा विवाद मामले में शिक्षा मंत्रालय ने कार्रवाई शुरू की। शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि सीओईएमपीटी को ठेका देने के मामले में रिपोर्ट तलब की गई है। टेंडर प्रक्रिया का विवरण भी जुटाया गया है। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की जाएगी।




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