BEd : एडमिशन से खर्च तक, NCTE ने बीएड कॉलेजों से मांगा 2 साल का हिसाब
राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने सभी बीएड कॉलेजों से दो वर्षों का हिसाब मांगा है। एनसीटीई ने बीएड कॉलेजों को नोटिस जारी किया है। बीएड कॉलेजों से वर्ष 2021-22 और 2022-23 की रिपोर्ट मांगी गई है।

राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने सभी बीएड कॉलेजों से दो वर्षों का हिसाब मांगा है। एनसीटीई ने बीएड कॉलेजों को नोटिस जारी किया है। बीएड कॉलेजों से वर्ष 2021-22 और 2022-23 की रिपोर्ट मांगी गई है। एनसीटीई ने बीएड कॉलेजों को निर्देश दिया है कि वह इन दो वर्षों की पर्सनल एप्रेजल रिपोर्ट जमा करें। इस निर्देश के बाद बीएड कॉलेजों को इन दो वर्षों में हुए दाखिले, कॉलेज की गतिविधियों, कॉलेज में हुए खर्च और ऑडिट की रिपोर्ट जमा करने हैं। एनसीटीई ने कहा है कि रिपोर्ट जमा नहीं करने पर बीएड कॉलेजों की मान्यता खत्म कर दी जाएगी।
17 जून तक कॉलेजों को जमा करनी है रिपोर्ट: बीएड कॉलेजों को 17 जून तक रिपोर्ट जमा करनी है। इसके बाद रिपोर्ट नहीं ली जाएगी। एनसीटीई ने अपने निर्देश में स्पष्ट किया है कि जिन बीएड कॉलेजों को 2023-24 के बाद मान्यता मिली है, उन कॉलेजों को रिपोर्ट भेजने की जरूरत नहीं है। पहली बार अपनी रिपोर्ट भेजने वाले बीएड कॉलेजों को 15 हजार की राशि जीएसटी सहित जमा करनी होगी। यह राशि प्रत्येक अकामिक सत्र के हिसाब से देनी होगी।
बिहार में बीएड के 343 कॉलेज: बिहार में बीएड के 343 कॉलेज हैं। इनमें 59 बीआरएबीयू में हैं। 343 कॉलेजों में हर साल 37 हजार छात्रों का दाखिला दो वर्षीय कोर्स में होता है। चार वर्षीय बीएड में हर साल 400 छात्रों का दाखिला होता है। चार वर्षीय बीएड की पढ़ाई बीआरएबीयू के ही चार बीएड कॉलेजों में होती है।
रिपोर्ट जमा नहीं करने पर एनसीटीई जता चुका है नाराजगी
पर्सनल एप्रेजल रिपोर्ट नहीं भरने पर एनसीटीई पहले भी नाराजगी जता चुका है। एनसीटीई का कहना है कि बीएड कॉलेजों को हर हाल में प्रत्येक वर्ष रिपोर्ट जमा करनी है। रिपोर्ट जमा नहीं करने पर पिछले दिनों बीआरएबीयू के भी कुछ कॉलेजों के बारे में विवि प्रशासन के पास पत्र भेजा गया था। इसके बाद विवि प्रशासन ने संबंधित कॉलेजों को रिपोर्ट जल्द जमा करने का निर्देश दिया था।




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