BEd : बीएड कॉलेजों में शुरू होंगे अलग अलग विषयों के कोर्स, NCTE ने जारी की गाइडलाइन, 2030 तक होगा बदलाव
एनसीटीई ने शिक्षक-शिक्षा के क्षेत्र में बड़े बदलाव के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसमें कहा गया है कि देशभर में सिर्फ बीएड कोर्स संचालित करने वाले शिक्षक-शिक्षा संस्थान (टीईआई) अब बहुविषयक उच्च शिक्षण संस्थान (एचईआई) में बदले जाएंगे।

राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने शिक्षक-शिक्षा के क्षेत्र में बड़े बदलाव के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसमें कहा गया है कि देशभर में सिर्फ बीएड कोर्स संचालित करने वाले शिक्षक-शिक्षा संस्थान (टीईआई) अब बहुविषयक उच्च शिक्षण संस्थान (एचईआई) में बदले जाएंगे। ये सिर्फ बीएड कॉलेज के तौर पर संचालित नहीं होंगे। इनमें अलग-अलग कोर्सों की पढ़ाई शुरू कराई जाएगी। बिहार के ज्यादातर सरकारी बीएड कॉलेजों में सिर्फ दो वर्षीय बीएड कोर्स की पढ़ाई होती है।
बिहार में सरकार व निजी मिलाकर लगभग 350 बीएड कॉलेज है। इंटर के बाद चलाए जाने वाले इंटीग्रेटेड बीएड कॉलेजों की संख्या भी मुश्किल से 12 है। इसमें भी छह कॉलेजों को अभी हाल ही में इंटीग्रेटेड बीएड कॉलेज की मान्यता मिली है। हालांकि इन कॉलेजों में बीए बीएड, बीएससी बीएड और बीकॉम बीएड संचालित होंगे। इनमें शिक्षकों की संख्या भी तीन गुना बढ़ानी होगी। यह फैसला राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों को लागू करने के लिए लिया गया है।
एनईपी में कहा गया है कि 2030 तक सभी टीईआई को बहुविषयक संस्थानों का हिस्सा बनना होगा, ताकि बीएड व अन्य शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों के छात्र दूसरे विषयों के छात्रों के साथ पढ़ सकें। इससे उनकी समझ बढ़ेगी व कक्षा में पढ़ाने की गुणवत्ता सुधरेगी।




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