असिस्टेंट प्रोफेसर समेत 650 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू, UGC NET - SET व अनुभव के साथ लेक्चर देकर भी दिखाना होगा
महाराष्ट्र के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर के लगभग 650 पद भरे जाएंगे। उम्मीदवारों को अपनी टीचिंग स्किल्स का टैलेंट दिखाने के लिए चयन समिति के सामने एक मॉक लेक्चर देना होगा।

महाराष्ट्र सरकार ने करीब दो साल के लंबे अंतराल के बाद विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को फिर से शुरू करने की मंजूरी दे दी है। 11 फरवरी 2026 को उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर से जारी सरकारी प्रस्ताव के अनुसार इस फेज में असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर के लगभग 650 पद भरे जाएंगे। अबकि बार चयन प्रक्रिया को लेकर एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को अपनी टीचिंग स्किल्स का टैलेंट दिखाने के लिए चयन समिति के सामने एक मॉक लेक्चर देना होगा।
विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में शिक्षकों की भर्ती का अभियान वर्ष 2024 में शुरू हुआ था। तब राज्य सरकार ने यूनिवर्सिटी को मेरिट के आधार पर पद भरने का निर्देश दिया था लेकिन सेलेक्शन क्राइटेरिया को लेकर सरकार और गवर्नर ऑफिस के बीच मतभेद के कारण यह रुक गया था। नए सरकारी प्रस्ताव में पिछले साल अक्टूबर में किए गए बदलावों को रद्द कर दिया गया है और रिवाइज्ड गाइडलाइंस लाई गई हैं।
नई भर्ती प्रक्रिया में शिक्षकों के चयन के लिए महाराष्ट्र सरकार ने कई महत्वपूर्ण मानदंड और एक नया फॉर्मूला निर्धारित किया है-
60:20:20 फॉर्मूले से होगा शिक्षकों का चयन
असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर की भर्ती में उम्मीदवारों का चयन 60:20:20 फॉर्मूले से किया जाएगा। एकेडमिक और रिसर्च परफॉर्मेंस का वेटेज 60 फीसदी होगा। टीचिंग स्किल असेसमेंट का 20 फीसदी और इंटरव्यू में परफॉर्मेंस को 20 फीसदी का वेटज दिया जाएगा। 100 मार्क्स की एक मेरिट लिस्ट बनाई जाएगी और क्वालिफाई करने के लिए कैंडिडेट्स को कम से कम 50 फीसदी नंबर लाने होंगे।
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री मिनिस्टर चंद्रकांत पाटिल ने कहा, 'घंटे के हिसाब से, कॉन्ट्रैक्ट पर और एड हॉक बेसिस पर काम करने वाले असिस्टेंट प्रोफेसरों को इस फैसले से राहत मिलेगी। इस दौरान किए गए काम के अनुभव को ध्यान में रखा जाएगा।'
चयन मानदंडों में ढील
सरकार ने कुछ पब्लिकेशन शर्तों में भी ढील दी है जो पहले की गाइडलाइंस का हिस्सा थीं। उदाहरण के लिए एंथ्रोपोलॉजी ब्रांच में असिस्टेंट प्रोफेसरों के लिए स्कोपस या वेब ऑफ साइंस में इंडेक्स किए गए जर्नल्स में रिसर्च पब्लिकेशन की जरूरत को आसान कर दिया गया है। बुक पब्लिकेशन के मार्क्स पर भी विचार किया जाएगा। बदला हुआ ग्रेडिंग सिस्टम एक्सीलेंस को महत्व देता है और साथ ही समान अवसर सुनिश्चित करता है, खासकर ग्रामीण बैकग्राउंड के कैंडिडेट्स के लिए।
- चयन के दौरान NIRF, QS और टाइम्स हायर एजुकेशन जैसी रैंकिंग पर भी विचार किया जाएगा।
असिस्टेंट प्रोफेसर
- असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए एकेडमिक स्कोर, UGC NET, SET या JRF क्वालिफिकेशन, टीचिंग एक्सपीरियंस और रिसर्च वर्क को आधार बनाया जाएगा।
- एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर
एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर के लिए रिसर्च पब्लिकेशन, ISBN वाली किताबें, पेटेंट, PhD गाइडेंस, ऑनलाइन कोर्स डेवलपमेंट और रिसर्च फंडिंग के लिए अतिरिक्त अंक दिए जाएंगे।
चयन समिति के सामने मॉक लेक्चर देना जरूरी
एक बड़ा बदलाव यह है कि चयन समिति के सामने टीचिंग स्किल का मूल्यांकन करवाना या मॉक लेक्चर देना जरूरी कर दिया गया है। इससे उनकी कम्युनिकेशन स्किल, क्लैरिटी, मॉडर्न टूल्स का इस्तेमाल और ओवरऑल टीचिंग अप्रोच को इवैल्यूएट करने में मदद मिलेगी।
- इंटरव्यू में उम्मीदवार का विषय ज्ञान, क्रिटिकल थिंकिंग और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) की जागरूकता का टेस्ट होगा।
पारदर्शिता के लिए ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग जरूरी
चयन प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाने के लिए समिति की बैठकों की ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग अनिवार्य की गई है और अंतिम मेरिट सूची को विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया जाएगा।
इस कदम का स्वागत करते हुए नेट सेट (NET-SET) टीचर्स एसोसिएशन के कन्वीनर प्रोफेसर कुशल मुडे ने कहा, 'सरकार का यह प्रस्ताव (जीआर) एक ज्यादा बैलेंस्ड सिलेक्शन प्रोसेस शुरू करता है।' उन्होंने बताया कि पहले के सिस्टम में एकेडमिक्स के लिए 75% और इंटरव्यू के लिए 25% वेटेज दिया गया था, और इसमें टीचिंग टेस्ट शामिल नहीं था। उन्होंने कहा, 'नए प्रस्ताव में मॉक टीचिंग को जरूरी बनाया गया है और इसमें ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग और मार्क्स को पब्लिक में दिखाने का प्रावधान है, जिससे ज्यादा निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।'
6400 टीचिंग व नॉन टीचिंग पदों पर भर्ती की योजना जल्द
विभाग के सूत्रों ने बताया कि सरकार जल्द ही सरकारी और सरकारी मदद पाने वाले कॉलेजों में 5200 शिक्षकों की भर्ती और लगभग 1200 नॉन-टीचिंग स्टाफ के पदों को भरने के लिए एक और प्रस्ताव जारी करने की भी योजना बना रही है।




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