Bihar Assistant professor Recruitment : PhD after geting jobs become assistant professor BSUSC vacancy BSUSC : नौकरी के बाद की PhD फिर भी बन गए असिस्टेंट प्रोफेसर, किसी का 2 विषयों में हुआ चयन, Career Hindi News - Hindustan
More

BSUSC : नौकरी के बाद की PhD फिर भी बन गए असिस्टेंट प्रोफेसर, किसी का 2 विषयों में हुआ चयन

बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग से चयनित सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। जांच में सामने आया है कि कई अभ्यर्थियों ने आवेदन के समय पीएचडी पूरी नहीं की थी, फिर भी उन्हें अनुभव प्रमाणपत्र के आधार पर लाभ मिला।

Tue, 10 Feb 2026 11:02 AMPankaj Vijay लाइव हिन्दुस्तान, प्रमुख संवाददाता, मुजफ्फरपुर
share
BSUSC : नौकरी के बाद की PhD फिर भी बन गए असिस्टेंट प्रोफेसर, किसी का 2 विषयों में हुआ चयन

बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग से चयनित असिस्टेंट प्रोफेसरों (सहायक प्राध्यापक) की जांच में नया मामला सामने आया है। कई सहायक प्रध्यापकों ने नौकरी के बाद पीएचडी की है, जबकि आयोग के विज्ञापन में कहा गया था कि सहायक प्रध्यापक के आवेदन के समय अभ्यर्थी को पीएचडी कर लेनी है। इस गड़बड़ी के बाद भी इन सहायक प्राध्यापकों को अनुभव पत्र का लाभ दिया गया। रजिस्ट्रार प्रो. समीर कुमार शर्मा ने कहा कि जांच की प्रक्रिया अभी चल रही है। इसमें जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनपर विधिवत कार्रवाई की जाएगी।

जांच में जिन सहायक प्राध्यापकों की गड़बड़ी पकड़ी गई है, उन्होंने इवनिंग कॉलेज से अपना अनुभव प्रमाणपत्र दिया था। बीआरएबीयू में अभी वर्ष 2020 से 2025 तक विवि सेवा आयोग से नियुक्त सहायक प्राध्यापकों की जांच की जा रही है। सूत्रों ने बताया कि विवि की कमेटी की जांच में दर्जनों सहायक प्राध्यापकों के दस्तावेज पर संदेह है। इनके अनुभव प्रमाणपत्र से लेकर कॉलेजों में नियुक्ति तक के दस्तावेज भी गड़बड़ हैं। विवि ने जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया है।

एक व्यक्ति का दो विषयों में हुआ चयन

जांच के दौरान यह भी पाया गया कि एक ही व्यक्ति का दो विषयों में चयन किया गया है और दोनों की पोस्टिंग बीआरएबीयू में हुई है। व्यक्ति का चयन मनोविज्ञान और राजनीति विज्ञान में किया गया है। अभ्यर्थी का नाम और पता एक ही है। एक ही नाम और पते के बाद भी विवि प्रशासन ने एक ही अभ्यर्थी की दो अलग-अलग विषयों में पोस्टिंग कर दी। सोशल मीडिया पर इस पोस्टिंग का पत्र वायरल भी हो रहा है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:दिल्ली यूनिवर्सिटी के 12 कॉलेजों में होगी 600 असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती

राजनीति विज्ञान में सशर्त पोस्टिंग

राजनीति विज्ञान में पांच सहायक प्राध्यापकों की पोस्टिंग सशर्त की गई है। बीआरएबीयू के रजिस्ट्रार प्रो. समीर कुमार शर्मा का कहना है कि राज्य सरकार से अनुमोदन मिलने के बाद ही इन सहायक प्राध्यापकों को वेतन जारी किया जायेगा।

अभी इनकी सशर्त पोस्टिंग अलग अलग कॉलेजों में की गई है।

अनुभव प्रमाणपत्र पर दिये गए हैं 10 नंबर

जिन सहायक प्राध्यापकों के दस्तावेजों पर संदेह है, उन्हें अनुभव प्रमाणपत्र पर साक्षात्कार में 10 अंक दिये गये हैं। इन 10 अंकों की बदौलत आयोग में उनका चयन किया गया है। सहायक प्राध्यापक के कई अभ्यर्थियों ने बताया कि अगर अनुभव प्रमाणपत्र को निरस्त कर दिया जाये तो कई सहायक प्राध्यापकों की नौकरी चली जायेगी। बीआरएबीयू की जांच कमेटी ने हाल में ही राजनीति विज्ञान में चयनित एक सहायक प्राध्यापक के आवेदन को निरस्त कर दिया। जांच के दौरान पाया गया कि उसने नौकरी में रहते हुए इवनिंग कॉलेज से अनुभव प्रमाणपत्र ले लिया।

करियर सेक्शन में लेटेस्ट एजुकेशन न्यूज़, सरकारी जॉब , एग्जाम , एडमिशन , CBSE 12th Result 2026 Live के साथ सभी Board Results 2026 देखें। सबसे पहले अपडेट पाने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।