यस बैंक के ₹21 वाले शेयर पर रखें नजर, सोमवार को इस खबर का दिखेगा असर
शुक्रवार को बाजार बंद होने के बाद यस बैंक ने स्टॉक एक्सचेंजों को सूचित किया कि विनय मुरलीधर टोंसे को प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (एमडी एवं सीईओ) के पद पर नियुक्त करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक से स्वीकृति प्राप्त हो गई है।

अगले सप्ताह सोमवार को जब शेयर बाजार में ट्रेडिंग होगी तब निवेशकों की नजर यस बैंक के शेयर पर भी रहेगी। प्राइवेट सेक्टर के इस बैंक के के शेयर में हलचल की उम्मीद है क्योंकि बैंक में एक बड़ा नेतृत्व परिवर्तन हुआ है। इस बैंक ने अनुभवी विनय मुरलीधर टोंसे को अपना प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (नामित) नियुक्त किया है। बता दें कि शुक्रवार को यस बैंक के शेयर बीएसई पर 0.49% गिरकर 20.13 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुए, जो पिछले बंद भाव 20.23 रुपये से कम है। पिछले नौ कारोबारी सत्रों में से सात में इस बैंकिंग कंपनी के शेयरों में गिरावट आई है। हालांकि, पिछले एक साल में इसके शेयरों में 18% की बढ़ोतरी हुई है।
क्या कहा बैंक ने?
शुक्रवार को बाजार बंद होने के बाद यस बैंक ने स्टॉक एक्सचेंजों को सूचित किया कि विनय मुरलीधर टोंसे को प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (एमडी एवं सीईओ) के पद पर नियुक्त करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक से स्वीकृति प्राप्त हो गई है। यस बैंक ने बताया कि टोंसे 12 मार्च, 2026 से 5 अप्रैल, 2026 तक इस पद पर रहेंगे। वे 6 अप्रैल, 2026 को पूर्णकालिक एमडी एवं सीईओ के रूप में आधिकारिक तौर पर कार्यभार ग्रहण करेंगे। बता दें कि मौजूदा मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशांत कुमार 5 अप्रैल को पद छोड़ रहे हैं। इससे पहले, भारतीय रिज़र्व बैंक ने 3 फरवरी को एक घोषणा में बताया कि उसने टोंसे की नियुक्ति को तीन साल के कार्यकाल के लिए मंजूरी दे दी थी।
टोंसे को भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) से दशकों का अनुभव प्राप्त है, जहां उन्होंने 1988 में एक परिवीक्षाधीन अधिकारी के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने नवंबर 2023 से नवंबर 2025 तक एसबीआई के खुदरा व्यवसाय और संचालन के प्रबंध निदेशक के रूप में कार्य किया।
कैसे रहे तिमाही नतीजे
यस बैंक का चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में मुनाफा 55 प्रतिशत की उछाल के साथ 952 करोड़ रुपये रहा। बैंक के मुनाफे में इस वृद्धि की मुख्य वजह प्रावधानों में आई भारी कमी रही। पिछले साल की समान अवधि (दिसंबर तिमाही) में उसका मुनाफा 612 करोड़ रुपये था, जबकि चालू वित्त वर्ष की पिछली सितंबर तिमाही में यह आंकड़ा 654 करोड़ रुपये था। बैंक की मुख्य शुद्ध ब्याज आय (एनआईआई) 10.9 प्रतिशत बढ़कर 2,466 करोड़ रुपये रही। यह वृद्धि शुद्ध ब्याज मार्जिन में 0.10 प्रतिशत के विस्तार और ऋण में 5.2 प्रतिशत की बढ़त के कारण हुई है। हालांकि, नए श्रम कानून के कार्यान्वयन के कारण बैंक को ग्रेच्युटी के मद में 155 करोड़ रुपये का प्रावधान करना पड़ा।




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