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जमा पैसे पर 7.5% ब्याज, 2 साल में मैच्योरिटी, सरकार ने बंद कर रखी है स्कीम

यह योजना मार्च 2025 तक उपलब्ध रखी गई थी। चूंकि योजना की आखिरी तिथि 31 मार्च 2025 थी तो ऐसे में मैच्योरिटी की आखिरी तिथि भी दो साल बाद 31 मार्च 2027 है। योजना के तहत किसी महिला या बालिका के नाम पर अधिकतम 2 लाख रुपये तक निवेश किया जा सकता था।

Sat, 7 March 2026 05:00 PMDeepak Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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जमा पैसे पर 7.5% ब्याज, 2 साल में मैच्योरिटी, सरकार ने बंद कर रखी है स्कीम

Mahila Samman Saving Certificate Scheme: केंद्र सरकार की कई ऐसी योजनाएं हैं जिनका सीधा फायदा महिलाओं को मिलता है। ऐसी ही एक योजना-महिला सम्मान सेविंग सर्टिफिकेट है। इस योजना के तहत महिलाओं को निवेश पर निश्चित ब्याज दर के साथ सुरक्षित रिटर्न मिलता है। हालांकि, 31 मार्च 2025 से आधिकारिक तौर पर स्कीम में निवेश बंद कर दिया गया है। इसका मतलब है कि इस तिथि के बाद योजना के तहत कोई भी नई जमा या निवेश स्वीकार नहीं किया गया है। हालांकि, जिन लोगों ने पहले का निवश किया होगा उनकी मैच्योरिटी अवधि करीब होगी।

योजना के बारे में

महिला सम्मान सेविंग सर्टिफिकेट योजना एक वन-टाइम स्मॉल सेविंग स्कीम थी, जिसकी अवधि दो साल की है। यह योजना मार्च 2025 तक उपलब्ध रखी गई थी। चूंकि योजना की आखिरी तिथि 31 मार्च 2025 थी तो ऐसे में मैच्योरिटी की आखिरी तिथि भी दो साल बाद 31 मार्च 2027 है। योजना के तहत किसी महिला या बालिका के नाम पर अधिकतम 2 लाख रुपये तक निवेश किया जा सकता था। निवेश की न्यूनतम सीमा 1,000 रुपये है और इसके बाद 100 रुपये के गुणक में राशि जमा की जा सकती थी। इस योजना की सबसे बड़ी खासियत इसकी 7.5 प्रतिशत सालाना निश्चित ब्याज दर है, जो कई बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) योजनाओं से अधिक मानी जाती है। इसमें ब्याज की गणना तिमाही आधार पर की जाती है और यह राशि निवेश की मूल रकम के साथ जुड़ती रहती है। योजना की मैच्योरिटी अवधि दो वर्ष है और मैच्योरिटी पर निवेशक को मूल राशि के साथ पूरा ब्याज मिलता है।

आंशिक निकासी की सुविधा

महिला सम्मान सेविंग सर्टिफिकेट योजना में आंशिक निकासी की सुविधा भी है। खाते के खुलने के एक वर्ष बाद निवेशक जमा राशि का अधिकतम 40 प्रतिशत तक निकाल सकती हैं। यह सुविधा उन परिस्थितियों में उपयोगी है जब निवेशक को अचानक पैसों की आवश्यकता हो।

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इसके अलावा कुछ विशेष परिस्थितियों में खाते को समय से पहले भी बंद किया जा सकता है। यदि खाता खुलने के छह महीने बाद बिना किसी कारण के बंद किया होगा तो उस स्थिति में 5 प्रतिशत की दर से ब्याज दिया जाता है। वहीं खाताधारक की मृत्यु या गंभीर बीमारी जैसी मानवीय परिस्थितियों में भी समय से पहले खाता बंद करने की अनुमति दी जाती है।

जो महिलाएं चूक गईं वो क्या करें?

जो महिलाएं योजना में निवेश से चूक गई हैं वे सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ), राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) और सुकन्या समृद्धि योजना (एसएसवाई) जैसी योजनाओं में निवेश कर सकते हैं। पीपीएफ कर-मुक्त ब्याज और 15 वर्ष की अवधि वाला एक दीर्घकालिक निवेश। वर्तमान में इस योजना पर 7.1% ब्याज मिलता है। सुकन्या समृद्धि, बालिकाओं के लिए बनाई गई योजना पर 8.2% ब्याज दर मिलता है।

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