War Crisis Central govt may launch 2 5 lakh crore rupee credit guarantee scheme राहत: 2.5 लाख करोड़ रुपये की गारंटी योजना लाने की तैयारी केंद्र सरकार, Business Hindi News - Hindustan
More

राहत: 2.5 लाख करोड़ रुपये की गारंटी योजना लाने की तैयारी केंद्र सरकार

युद्ध की वजह देश में कई सेक्टर समस्याओं से जूझ रहे हैं। केंद्र सरकार 2.5 लाख करोड़ रुपये की लोन गारंटी योजना लाने पर विचार कर रही है। कोविड के दौरान भी सरकार ने  इमरजेंसी लोन गारंटी योजना शुरू की थी। 

Tue, 7 April 2026 06:12 PMTarun Pratap Singh भाषा
share
राहत: 2.5 लाख करोड़ रुपये की गारंटी योजना लाने की तैयारी केंद्र सरकार

सरकार पश्चिम एशिया संकट से प्रभावित कारोबारों, विशेषकर सूक्ष्म, MSME को राहत देने के लिए 2.5 लाख करोड़ रुपये की लोन गारंटी योजना लाने पर विचार कर रही है। सूत्रों ने यह जानकारी दी। इस योजना के तहत अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण कर्जदार्ताओं द्वारा लोन चुकाने में चूक होने की स्थिति में उधारदाताओं को 100 करोड़ रुपये तक के लोन पर करीब 90 प्रतिशत की लोन गारंटी प्रदान की जाएगी। बैंक लोन पर यह गारंटी नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी (एनसीजीटीसी) देगी जो सरकार की पूर्ण मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी कंपनी है। इस योजना के लिए सरकार को करीब 17,000 करोड़ से 18,000 करोड़ रुपये का प्रावधान करना होगा।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:कर्मचारियों के लिए कब होगा डीए का ऐलान? बड़ी बैठक पर निगाह, कितना होगा इजाफा

सूत्रों ने बताया कि ऐसी ही योजना कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौरान भी लागू की गई थी, जो काफी सफल रही और विभिन्न क्षेत्रों के कई कारोबारों को काम जारी रखने एवं बकाया चुकाने में मदद मिली।

कोविड में सरकार ने शुरू की थी इमरजेंसी लोन गारंटी योजना

सरकार ने मई 2020 में आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत इमरजेंसी लोन गारंटी योजना (ECGLS) शुरू की थी। इसका उद्देश्य कोविड-19 वैश्विक महामारी से उत्पन्न व्यवधान के बीच पात्र एमएसएमई और अन्य कारोबारी इकाइयों को ऑपरेटिंग देनदारियां पूरी करने और कारोबार फिर से शुरू करने में मदद देना था। इस योजना के तहत अर्थव्यवस्था के करीब सभी क्षेत्रों को शामिल किया गया था और पात्र उधारकर्ताओं को दिए गए लोन पर सदस्य कर्जदाता संस्थानों को 100 प्रतिशत गारंटी प्रदान की गई थी।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:624% तक का रिटर्न, अब ONGC ने दिया कंपनी को काम, आज शेयर 9% तक चढ़े

ब्याज पर अधिकतम सीमा

योजना की संरचना ऐसी थी कि उधारकर्ताओं को लोन आसानी से मिल सके। कर्जदाता संस्थान उधारकर्ता के मौजूदा लोन के आधार पर पूर्व-स्वीकृत ऋण देते थे और अतिरिक्त लोन के लिए नया मूल्यांकन नहीं किया जाता था। इसके अलावा लोन पर ब्याज दर की अधिकतम सीमा तय की गई थी ताकि कर्ज की लागत कम रहे एवं ऋण बिना 'प्रोसेसिंग' (प्रक्रिया) शुल्क, पूर्व भुगतान शुल्क और गारंटी शुल्क के दिए जाते थे। यह योजना 31 मार्च 2023 तक लागू रही।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:सोने का रेट 3364 रुपये गिरा, चांदी हुई 8401 रुपये सस्ती, चेक करें आज का दाम

पेट्रोल और डीजल पर सरकार ने घटाया ड्यूटी

इस बीच सरकार ने आम लोगों की कठिनाइयों को कम करने के लिए हाल में कई कदम भी उठाए हैं जिनमें पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद ड्यूटी में कटौती शामिल है। भारत ने पेट्रोल एवं डीजल पर उत्पाद ड्यूटी घटाया है। साथ ही महत्वपूर्ण पेट्रोरसायन उत्पादों के आयात पर छूट दी है। विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) इकाइयों को घरेलू शुल्क क्षेत्र में संचालन की अनुमति भी दी गई है। सरकार ने 26 मार्च को पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क 10 रुपये प्रति लीटर घटाया था ताकि वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के असर से उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।

जानें Hindi News, Business News, Budget 2026, बजट 2026 Live, Income Tax Live Updates की लेटेस्ट खबरें, शेयर बाजार का लेखा-जोखा, Share Market के लेटेस्ट अपडेट्स Investment Tips के बारे में सबकुछ।,