Q4 में 45% बढ़ा रेवन्यू, सुजलॉन एनर्जी ने निवेशकों को चौंकाया! अब शेयर बनेगा मल्टीबैगर?
सुजलॉन एनर्जी (Suzlon Energy) ने अपने चौथी तिमाही (Q4) के नतीजे जारी कर दिए हैं। इसमें कंपनी का रेवेन्यू 45% बढ़ गया, वहीं दूसरी तरफ मुनाफे में हल्की गिरावट दर्ज की गई। यही वजह है कि निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों की नजर अब सुजलॉन (Suzlon) के अगले कदम पर है।

भारत की दिग्गज विंड एनर्जी कंपनी सुजलॉन एनर्जी (Suzlon Energy) ने अपने चौथी तिमाही (Q4) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी के रिजल्ट्स में एक दिलचस्प तस्वीर देखने को मिली है, जहां एक तरफ कंपनी का रेवेन्यू 45% की शानदार बढ़ोतरी के साथ नई ऊंचाई पर पहुंच गया, वहीं दूसरी तरफ मुनाफे में हल्की गिरावट दर्ज की गई। यही वजह है कि निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों की नजर अब सुजलॉन (Suzlon) के अगले कदम पर टिक गई है।
कंपनी ने बताया कि मार्च तिमाही में उसका कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर करीब 6% घटकर ₹1,114 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹1,182 करोड़ था। हालांकि, अगर पिछली तिमाही यानी दिसंबर क्वार्टर से तुलना करें तो कंपनी का मुनाफा 150% उछल गया। दिसंबर तिमाही में सुजलॉन का प्रॉफिट ₹445 करोड़ था। इसका मतलब साफ है कि कंपनी की ऑपरेशनल ग्रोथ मजबूत बनी हुई है।
सबसे बड़ी बात यह रही कि कंपनी का रेवेन्यू 45% बढ़कर ₹5,468 करोड़ पहुंच गया। पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा काफी कम था। बढ़ते ऑर्डर, रिन्यूएबल एनर्जी की मांग और विंड टरबाइन डिलीवरी में तेजी ने कंपनी की कमाई को जबरदस्त सपोर्ट दिया। सुजलॉन (Suzlon) ने इस तिमाही में 830 मेगावॉट विंड टरबाइन डिलीवर किए, जबकि पिछले साल यही आंकड़ा 573 मेगावॉट था, यानी कंपनी की डिलीवरी में करीब 45% की छलांग देखने को मिली।
कंपनी के वाइस चेयरमैन गिरिश टंटी (Girish Tanti) ने कहा कि दुनिया तेजी से क्लीन एनर्जी की तरफ बढ़ रही है और सुजलॉन (Suzlon) ने खुद को अगले ग्रोथ फेज के लिए पूरी तरह तैयार कर लिया है। उन्होंने बताया कि कंपनी के फ्लैगशिप S144 प्लेटफॉर्म को अब तक 9 गीगावॉट के ऑर्डर मिल चुके हैं। यह दिखाता है कि भारत में विंड एनर्जी सेक्टर की मांग तेजी से बढ़ रही है।
वहीं कंपनी के CEO अजय कपूर ने कहा कि FY26 कंपनी के लिए रिकॉर्ड साल रहा। सुजलॉन (Suzlon) ने पूरे साल में 2.5 गीगावॉट की सबसे ज्यादा वार्षिक डिलीवरी की। कंपनी का ऑर्डरबुक अब 9 गीगावॉट तक पहुंच चुका है, जिसमें PSU और कमर्शियल एंड इंडस्ट्रियल सेक्टर की हिस्सेदारी 66% है।
अगर पूरे वित्त वर्ष FY26 की बात करें तो कंपनी का प्रदर्शन काफी दमदार रहा। सुजलॉन का सालाना रेवेन्यू 54% बढ़कर ₹16,679 करोड़ पहुंच गया। EBITDA भी 63% बढ़कर ₹3,022 करोड़ हो गया। वहीं नेट प्रॉफिट 53% उछलकर ₹3,163 करोड़ पहुंच गया। यह संकेत देता है कि कंपनी लंबे समय में लगातार मजबूत हो रही है।
हालांकि, EBITDA मार्जिन में थोड़ी गिरावट देखने को मिली। यह 18.4% से घटकर 17.6% पर आ गया। इसके अलावा नेट फाइनेंस कॉस्ट भी बढ़कर ₹108 करोड़ पहुंच गई, जो पिछले साल ₹49 करोड़ थी। यही वजह रही कि रेवेन्यू बढ़ने के बावजूद कंपनी का तिमाही मुनाफा थोड़ा कम हुआ।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में ग्रीन एनर्जी और नेट-जीरो मिशन पर बढ़ते फोकस से आने वाले सालों में विंड एनर्जी कंपनियों को बड़ा फायदा मिल सकता है। सरकार भी रिन्यूएबल एनर्जी को तेजी से बढ़ावा दे रही है, जिसका सीधा फायदा सुजलॉन (Suzlon) जैसी कंपनियों को मिल रहा है। यही कारण है कि बाजार में सुजलॉन एनर्जी (Suzlon Energy) को लेकर निवेशकों की दिलचस्पी लगातार बनी हुई है।




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