2000 रुपये की मंथली SIP से जुटा सकते हैं 2.17 करोड़ रुपये का फंड, निवेशकों को बस करना होगा यह काम
How to invest via SIP: शेयर बाजार में निवेश करने के अलग-अलग तरीके हैं। उन्हीं में से एक लोकप्रिय तरीका SIP भी है। लॉन्ग टर्म में आप महज 2000 रुपये के SIP से 2 करोड़ रुपये से अधिक का फंड जुटा सकते हैं।

How to invest via SIP: आज के समय में SIP एक लोकप्रिय इनवेस्टमेंट ऑप्शन बनकर उभरा है। लॉन्ग टर्म में SIP के जरिए एक बड़ा फंड तैयार किया जा सकता है। महज 2000 रुपये के SIP के जरिए 2 करोड़ रुपये का फंड बनाया जा सकता है। इसके लिए हर साल बस एक काम करना होगा। सीए नितिन कैशिक ने SIP के जरिए शेयर बाजारों में इनवेस्टमेंट करने वाले लोगों को एक तगड़ी सलाह दी है।
SIP में स्टेप-अप
सीए नितिन कौशक कहते हैं कि अगर आप आज के समय में 2000 रुपये के मंथली SIP करते हैं। आपने 25 साल में इस SIP को शुरू किया है। अगले 30 साल में अब 12 प्रतिशत के औसतन रिटर्न के जरिए 55 साल की उम्र तक 70.60 लाख रुपये का फंड जनरेट कर सकते हैं। सीए नितिन कौशिक कहना है कि अगर महंगाई इस दौरान 6 प्रतिशत से बढ़ी तो 30 साल में 70.60 लाख रुपये की खरीद क्षमता आज के 12.30 लाख रुपये के बराबर ही रह जाएगी। जोकि नाकाफी होगा।
नितिन कौशिक कहते हैं कि अगर आप हर साल अपने एसआईपीओ को 10 प्रतिशत से बढ़ाते हैं तब की स्थिति में 30 साल में 2.17 करोड़ रुपये का फंड इकट्ठा करने में सफल हो सकते हैं।
क्यों जरूरी है SIP में हर साल इजाफा
सीए के अनुसार जैसे-जैसे आप कैरियर में आगे बढ़ रहे हैं। आपकी सैलरी आगे बढ़ रही है। वैसे-वैसे आपको SIP भी बढ़ानी चाहिए। इससे आप महंगाई को मात दे पाएंगे। कौशिक कहते हैं कि निरंतरा काफी जरूरी है। लेकिन अगर आप इजाफा नहीं करते हैं तो यह ना काफी रहेगा।
सीए नितिन कौशिक का मानना है कि SIP में एक निश्चित अंतराल के बाद इजाफा जरूर करना चाहिए। चाहे फिर वह फिक्सड रेट हो या फिक्सड अमाउंट ही क्यों ना हो।
कौन कर सकता है SIP में निवेश
1-वह हर एक व्यक्ति जिसकी उम्र 18 साल से अधिक है। SIP करने के लिए आपको एक डीमैट अकाउंट खोलना होगा। इसके बाद अपनी जरूरत के हिसाब से सही म्यूचुअल फंड्स का चयन करें।
2- SIP का फायदा तभी अधिक मिलता है जब आप एक अनुशासित निवेशक लम्बे समय तक बने रहते हैं। आपका छोटा-छोटा इन्वेस्टमेंट एक वक्त के बाद एक बड़ा फंड तैयार करने में मदद करेगा।
3- SIP एक लॉन्ग टर्म इनवेस्टमेंट टूल है।
कैसे चुनें सही म्यूचुअल फंड
शेयर बाजार आधारित निवेश में हमेशा ही खतरा बना रहता है। लेकिन आप रिस्क को कम कर सकते हैं। म्यूचुअल फंड्स को चुनने के दौरान सबसे पहले AUM देखें। जितना अधिक AUM होगा उतना ही अच्छा रहेगा। दूसरा एक्सपेंश रेसियो को जरूर देंखें। साथ Exit Load का भी ध्यान देना होगा। किसी भी म्यूचुअल फंड में निवेश करने के दौरान यह देख लेना सही रहता है कि वह किन कंपनियों में कितना प्रतिशत अपने पोर्टफोलियो का निवेश कर रही है।
(यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले सूझ-बूझ के साथ फैसला करें। यहां प्रस्तुत एक्सपर्ट्स के विचार निजी हैं। लाइव हिन्दुस्तान इस आधार पर शेयरों को खरीदने और बेचने की सलाह नहीं देता है।)




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