RBI का बड़ा एक्शन, शेयर बाजार में लिस्टेड इस बैंक पर लगाया भारी जुर्माना
रिजर्व बैंक ने बताया कि सिटी यूनियन बैंक पर 10.10 लाख रुपये, मिंटिफी फिनसर्व पर 3.10 लाख रुपये और नेवा इन्वेस्टमेंट्स पर 2.70 लाख रुपये का मौद्रिक जुर्माना लगाया गया है। बता दें कि सिटी यूनियन बैंक शेयर बाजार में लिस्टेड है।
भारतीय रिजर्व बैंक ने कुछ निर्देशों का पालन नहीं करने की वजह से सिटी यूनियन बैंक, मिंटिफी फिनसर्व और नेवा इन्वेस्टमेंट्स पर जुर्माना लगाया है। रिजर्व बैंक ने एक बयान में बताया कि सिटी यूनियन बैंक पर 10.10 लाख रुपये, मिंटिफी फिनसर्व पर 3.10 लाख रुपये और नेवा इन्वेस्टमेंट्स पर 2.70 लाख रुपये का मौद्रिक जुर्माना लगाया गया है। सिटी यूनियन बैंक पर यह जुर्माना इसलिए लगाया गया क्योंकि बैंक ने 25,000 रुपये तक के कुछ कृषि लोन पर लोन-संबंधी शुल्क लगाए थे और उसने स्वयं सहायता समूह के सदस्यों के स्तर से जुड़े आंकड़े क्रेडिट सूचना कंपनियों को नहीं दिए थे। बता दें कि सिटी यूनियन बैंक शेयर बाजार में लिस्टेड है। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को सिटी यूनियन बैंक के शेयर करीब 2 पर्सेंट टूटकर 248.60 रुपये पर बंद हुए। इंट्रा-डे में शेयर 247.75 रुपये से 254.50 रुपये के बीच था।
बहरहाल, रिजर्व बैंक ने मिंटिफी फिनसर्व पर जुर्माना लगाने के कारण कंपनी ने कुछ ग्राहकों के केवाईसी रिकॉर्ड निर्धारित समय सीमा के भीतर केंद्रीय केवाईसी रिकॉर्ड रजिस्ट्री पर अपलोड नहीं किए थे।
इसके अलावा, रिजर्व बैंक ने बताया कि नेवा इन्वेस्टमेंट्स पर मौद्रिक जुर्माना इसलिए लगाया गया क्योंकि कंपनी ने निदेशकों की नियुक्ति करते समय रिजर्व बैंक से पहले लिखित अनुमति नहीं ली थी। इसके परिणामस्वरूप स्वतंत्र निदेशकों को छोड़कर, उसके 30 प्रतिशत से अधिक निदेशकों में बदलाव के कारण उसके प्रबंधन में बदलाव हो गया था।
इसी हफ्ते एक बैंक का रद्द किया था लाइसेंस
भारतीय रिजर्व बैंक ने इसी हफ्ते एक बैंक का लाइसेंस रद्द किया था। महाराष्ट्र के फलटन स्थित 'द यशवंत सहकारी बैंक' के पास पर्याप्त पूंजी और आय की संभावनाएं नहीं होने के आधार पर उसका लाइसेंस रद्द कर दिया गया। यह सहकारी बैंक, बैंकिंग विनियमन अधिनियम के कुछ प्रावधानों का पालन करने में विफल रहा है और मौजूदा वित्तीय स्थिति में वह अपने जमाकर्ताओं को पूरी राशि लौटाने में सक्षम नहीं है।
इसके साथ ही केंद्रीय बैंक ने महाराष्ट्र के सहकारिता आयुक्त एवं पंजीयक से बैंक को बंद करने और परिसमापक नियुक्त करने का अनुरोध किया है। आरबीआई ने कहा कि परिसमापन पर बैंक के जमाकर्ताओं को जमा बीमा और ऋण गारंटी निगम (डीआईसीजीसी) के तहत अधिकतम पांच लाख रुपये तक की बीमा राशि मिलेगी।
इसके अलावा, रिजर्व बैंक ने निगरानी संबंधी चिंताओं को ध्यान में रखते हुए इटावा स्थित नगर सहकारी बैंक पर कई अंकुश लगा दिए हैं। इसके तहत प्रत्येक ग्राहक के लिए निकासी सीमा 10,000 रुपये तय कर दी गई है। ये अंकुश छह महीने तक लागू रहेंगे। इन पाबंदियों के तहत बैंक आरबीआई की पूर्व-लिखित अनुमति के बिना ऋण नहीं दे सकेगा, नई जमा स्वीकार नहीं करेगा और न ही कोई धन उधार ले सकेगा।




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