दिग्गज बैंक में 8% स्टेक बेच रही सरकार, पहले दौर में निवेशकों का तगड़ा रेस्पॉन्स
ता दें कि बैंक में सरकार की चार प्रतिशत हिस्सेदारी के लिए बिक्री पेशकश को संस्थागत निवेशकों से शुक्रवार को 2,380 करोड़ रुपये से अधिक की बोलियां मिलीं। इस खबर के बीच बैंक के शेयर शुक्रवार को क्रैश हो गए।

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के चल रहे ऑफर फॉर सेल (OFS) में 'ओवरसब्सक्रिप्शन' विकल्प का इस्तेमाल करने का फैसला लिया है। निवेशकों की जबरदस्त दिलचस्पी को देखते हुए सरकार ने इश्यू का कुल आकार बैंक की इक्विटी पूंजी के 4% से बढ़ाकर 8% कर दिया है। बता दें कि बैंक में सरकार की चार प्रतिशत हिस्सेदारी के लिए बिक्री पेशकश को संस्थागत निवेशकों से शुक्रवार को 2,380 करोड़ रुपये से अधिक की बोलियां मिलीं। इस खबर के बीच बैंक के शेयर शुक्रवार को क्रैश हो गए। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शेयर 33.91 रुपये की पिछली क्लोजिंग के मुकाबले 31.23 रुपये पर आ गया। यह शेयर के 52 हफ्ते का लो है।
क्या कहा सरकार के अधिकारी ने?
निवेश और सार्वजनिक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग के सचिव अरुणिश चावला ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि सरकार ने ग्रीनशू यानी अधिक बोली आने पर उसे रखने के विकल्प का प्रयोग करने और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में अपनी पूरी आठ प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है। चावला ने कहा कि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के ओएफएस को निवेशकों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है और पहले दिन इसे 2.35 गुना सब्सक्रिप्शन मिला।
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की इस ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) में अतिरिक्त चार प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने के लिए ग्रीनशू विकल्प शामिल है। खुदरा निवेशक इस शेयर बिक्री में सोमवार को बोली लगा सकेंगे। यदि आठ प्रतिशत हिस्सेदारी के लिए पूरी तरह से सब्सक्रिप्शन मिल जाता है तो इस बिक्री से सरकार को 2,456 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे। संस्थागत निवेशकों ने शुक्रवार को कारोबार बंद होने तक 76.86 करोड़ से अधिक शेयर के लिए बोली लगाई, जो कि पेश किए गए 32.58 करोड़ शेयर का करीब 2.36 गुना है। यानी 31.01 रुपये प्रति शेयर के निर्धारित मूल्य पर गैर-खुदरा निवेशकों ने 2,380 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की बोलियां लगाईं।
सरकार की पहली बिक्री पेशकश
चालू वित्त वर्ष 2026-27 में सरकार की पहली बिक्री पेशकश है। यह बिक्री पेशकश सरकार को भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के न्यूनतम सार्वजनिक हिस्सेदारी मानक को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ने में मदद करेगी।
बता दें कि सरकार वित्त वर्ष 2025-26 में बिक्री पेशकश के जरिये बैंक ऑफ महाराष्ट्र से 2,624 करोड़ रुपये और इंडियन ओवरसीज बैंक से 1,419 करोड़ रुपये जुटा चुकी है। चालू वित्त वर्ष में सरकार का लक्ष्य सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के विनिवेश एवं परिसंपत्तियों को बाजार पर चढ़ाने के माध्यम से 80,000 करोड़ रुपये जुटाना है जो वित्त वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमानों में निर्धारित 33,837 करोड़ रुपये से अधिक है।




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