petrol diesel prices jump up to 172 will fuel rates surge in india after bengal elections पेट्रोल-डीजल के दाम कई देशों में 172% तक बढ़े, क्या भारत में चुनाव के बाद महंगा होगा तेल?, Business Hindi News - Hindustan
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पेट्रोल-डीजल के दाम कई देशों में 172% तक बढ़े, क्या भारत में चुनाव के बाद महंगा होगा तेल?

Petrol-Diesel Price Today: ईरान युद्ध के बीच दुनिया के कई देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बेकाबू हो गई हैं। कुछ देशों में तो डीजल 150% से ज्यादा महंगा हो चुका है। इसके मुकाबले भारत में कीमतों का स्थिर रहना बड़ी राहत है।

Thu, 16 April 2026 06:38 AMDrigraj Madheshia लाइव हिन्दुस्तान
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पेट्रोल-डीजल के दाम कई देशों में 172% तक बढ़े, क्या भारत में चुनाव के बाद महंगा होगा तेल?

Petrol-Diesel Price Today: ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध शुरू होने के बाद से अबतक कई देशों में पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान पर पहुंच गए। फिलीपिंस में डीजल के रेट में 172 प्रतिशत उछाल आया तो म्यांमार में पेट्रोल के रेट डबल हो गए। लेकिन, भारत में पेट्रोल-डीजल के रेट में अभी राहत है। दिल्ली में पेट्रोल 94.77 और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर पर पिछले कई साल से अटका हुआ है। यह आशंका प्रबल है कि यह राहत चुनाव के बाद छिन सकती है।

पेट्रोल के दाम सबसे अधिक बढ़ाने वाले देश

globalpetrolprices.com के लेटेस्ट डेटा के मुताबिक पेट्रोल के सबसे अधिक दाम बढ़ाने वाले देशों में म्यांमार (101.1%), फिलीपींस (72.6%), मलेशिया (68.1%), लाओस (45.6%), जिम्बाब्वे (42.9%) पाकिस्तान (42.0%), यूएई (40.8%), कंबोडिया (40.4%) और नेपाल (39.5%)।

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डीजल के दाम सबसे अधिक बढ़ाने वाले देश

फिलीपींस 172.0%

लाओस 169.5%

म्यांमार 161.4%

मलेशिया 124.7%

न्यूजीलैंड 89.9%

यूएई 86.1%

कंबोडिया 84.0%

लेबनान 80.5%

वियतनाम 77.9%

ऑस्ट्रेलिया 65.3%

स्रोत: globalpetrolprices.com

कई देशों को क्यों बढ़ाने पड़े पेट्रोल-डीजल के दाम

युद्ध के शुरू होने के बाद ्रबेंट क्रूड की कीमत 71 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 111 डॉलर तक पहुंच गईं। सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बढ़ी, जिससे मार्च के मध्य तक ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर के ऊपर पहुंच गया। 6 अप्रैल तक यह 111.73 डॉलर पर था। हालांकि, सीजफायर के बीच इसमें गिरावट आई और कीमत 95.49 डॉलर पर आ गई।

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इस उतार-चढ़ाव का सीधा असर पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर पड़ा। दुनिया भर में औसत पेट्रोल कीमत 1.2 डॉलर प्रति लीटर से बढ़कर 1.44 डॉलर और डीजल 1.2 से 1.6 डॉलर प्रति लीटर तक पहुंच गया। डेटा के अनुसार कुछ देशों में ईंधन कीमतों में विस्फोटक उछाल देखने को मिली। खासतौर पर एशिया और छोटे आयात-निर्भर देशों में दाम तेजी से बढ़े।

भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम क्यों नहीं बढ़े?

एक ओर जब पूरी दुनिया में पेट्रोल-डीजल की कीमतो में आग लगी हई है तो दूसरी ओर भारत में शांति है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि भारत में इस दौरान पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगभग कोई बदलाव नहीं हुआ है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण बंगाल समेत 5 राज्यों का चुनाव और सरकार द्वारा टैक्स में कटौती। केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल को महंगा होने से बचाने के लिए 10-10 रुपये टैक्स कम कर दिए। वहीं, निर्यात पर टैक्स बढ़ाया, ताकि घरेलू सप्लाई में दिक्कत न हो।

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क्या चुनाव बाद पेट्रोल-डीजल हो जाएगा महंगा?

चाय की दुकानों से लेकर चौक-चौराहों तक यह चर्चा आम है कि पेट्रोल-डीजल के दाम 5 राज्यों के चुनाव के बाद बढ़ जाएंगे। Macquarie Group ने भी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि पेट्रोल पर कंपनियों को 18 और डीजल पर 35 रुपये प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है। इस रिपोर्ट के मुताबिक चुनाव के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा होने की संभावना है। क्यांकि, एक बैरल कच्चे तेल में 10 डॉलर की बढ़ोतरी की वजह से कंपनियों को करीब 6 रुपये प्रति लीटर का नुकसान होता है।

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