DA Hike: महंगाई भत्ते में देरी से कर्मचारियों में बेचैनी, क्या रद्द हो सकती है बढ़ोतरी?
DA Hike: पहली बार महंगाई भत्ते में इतनी देरी हो रही है। हर साल मार्च के अंतिम हफ्ते में DAका ऐलान हो जाता था, लेकिन पहली बार इतनी देरी हो रही है। सरकार शायद 8वें वेतन आयोग के चलते DA को नए सैलरी स्ट्रक्चर और फिटमेंट फैक्टर के साथ तालमेल बैठा रही है।

DA Hike: एक करोड़ से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स में महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) के ऐलान में देरी ने चिंता बढ़ा दी है। अब कर्मचारी संगठनों ने सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। एक संशय यह भी है कि कहीं डीए में इजाफा (DA Hike) रद्द न हो जाए। इसपर कई एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस बार DA बढ़ोतरी रद्द होने के कोई संकेत नहीं हैं।
कर्मचारी संघ ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को लिखा पत्र
कन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉइज एंड वर्कर्स ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर इसे “गंभीर असंतोष और आशंका” वाला मामला बताया है। संघ ने कहा कि हर साल मार्च के अंतिम सप्ताह में DA/DR का ऐलान हो जाता था और जनवरी-मार्च के बकाए अप्रैल के पहले सप्ताह में मिल जाते थे, लेकिन इस बार करीब आधा अप्रैल बीत जाने के बाद भी कोई आधिकारिक सूचना जारी नहीं हुई है।
बता दें वर्तमान DA 58% की दर से (1 जुलाई 2025 से प्रभावी है और इसमें संभावित बढ़ोतरी लगभग 2% की है, जिससे DA 60% हो जाएगा। जनवरी-मार्च 2026 का बकाया भुगतान मंजूरी मिलने के बाद किया जाएगा। एक्सपर्ट्स को उम्मीद का है कि अप्रैल 2026 में डीए मिल जाएगा।
DA में देरी के क्या कारण हैं?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह देरी नीति में बदलाव के कारण नहीं, बल्कि प्रशासनिक और संरचनात्मक वजहों से हो रही है। जैसे...
8वें वेतन आयोग का लागू होना: जनवरी 2026 से 8वां वेतन आयोग लागू हो गया है। सरकार शायद DA को नए सैलरी स्ट्रक्चर और फिटमेंट फैक्टर के साथ तालमेल बैठा रही है।
2. प्रशासनिक प्रक्रियाओं में देरी: मुद्रास्फीति के आंकड़ों के अंतिम रूप देने और कैबिनेट की मंजूरी में सामान्य से अधिक समय लग रहा है।
3. 60% के आंकड़े पर वित्तीय सोच : जब DA 60% के करीब पहुंचता है, तो अक्सर इसे बेसिक सैलरी में मिलाने की चर्चा शुरू हो जाती है। यह एक बड़ा स्ट्रक्चरल बदलाव होता है, जिसके लिए सावधानीपूर्वक योजना बनानी पड़ती है।
इस बार देरी अधिक मायने क्यों रखती है?
8वां वेतन आयोग लागू होने के बाद कर्मचारियों को उम्मीद थी कि सब कुछ समय पर होगा, लेकिन इस देरी ने भविष्य के सैलरी में संशोधनों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पेंशनर्स के लिए DR मुद्रास्फीति यानी महंगाई से लड़ने का मुख्य सहारा होता है। इस देरी से उनकी मंथली प्लानिंग बिगड़ रही है।
DA का सरकार पर बढ़ता दबाव
कन्फेडरेशन के अलावा, ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लॉइज फेडरेशन जैसे अन्य संगठनों ने भी जल्द ऐलान की मांग की है। अब सबकी निगाहें वित्त मंत्रालय पर हैं। अगर जल्द ही बकाए के साथ DA/DR का ऐलान हो जाता है, तो कर्मचारियों और पेंशनर्स का भरोसा बहाल हो सकता है।




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