पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर मंडरा रहे हैं काले घने बादल, क्रूड ऑयल ने निकाला दम, बढ़ेंगे दाम?
Petrol Diesel Price: कच्चे तेल की कीमतों में जारी तेजी की वजह से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों पर पेट्रोल और डीजल के दाम को बढ़ाने का दबाव बढ़ गया है।

Petrol Diesel Price hike news: 5 राज्यों के चुनाव खत्म हो गए हैं। कच्चे तेल कीमतें इस समय सातवें आसमान पर हैं। ऐसे में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों को सरकार कितने दिन तक टाल पाएगी। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिए आने वाले कच्चे तेल की सप्लाई लगभग बंद है। जिसकी वजह से कच्चे तेल का रेट 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 120 डॉलर तक पहुंच गया है। आईएमएफ ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि कच्चे तेल का रेट लम्बे समय तक 100 डॉलर प्रति बैरल के पार बना रहेगा। जिसकी वजह से भारत जैसे देशों के लिए मुश्किलें बढ़ने वाली है।
हर दिन हो रहा है 1000 करोड़ रुपये का नुकसान
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी की वजह से हर एक दिन 1000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। जब कच्चे तेल का रेट 126 डॉलर प्रति बैरल पर था, तब हर एक दिन पेट्रोल पर 24 रुपये और डीजल पर 30 रुपये प्रति लीटर का नुकसान हो रहा था। लेकिन तब सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोइ इजाफा नहीं किया था। उस समय लग रहा था कि यह मुद्दा जल्द ही सुलझ जाएगा। जिसके बाद परस्थिति पूरी तरह से सामान्य हो जाएगी। लेकिन ऐसा हुआ नहीं।
सरकार ने की एक्साइज ड्यूटी में कटौती
तेल कंपनियों पर इंटरनेशनल मार्केट का दबाव कम करने के लिए सरकार ने एक्साइज ड्यूटी में कटौती थी। जिसकी वजह से सरकार को 170000 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। लेकिन इसके बाद भी अप्रैल के अंततक तेल कंपनियों को 30,000 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। वहीं, मौजूदा तिमाही के अंततक यह घाटा 50,000 करोड़ रुपये को पार कर जाएगा।
भारत के पास मौजूदा समय में 5.33 मिलियन टन का रिजर्व है। जोकि 15 दिन तक देश की जरूरत को पूरा कर सकता है। इसके अलावा भारत, जापान और दक्षिण कोरिया की तरह 30 दिन का रणनीतिक गैस रिजर्व बनाने की योजना पर काम कर रहा है।
इतना दिन कभी बंद नहीं हुआ था स्ट्रेट ऑफ होर्मुज
मौजूदा परिस्थितियां काफी कठिन हैं। 1970 में ही इतने लम्बे समय तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद नहीं हुआ था। 1980 से 88 तक चले ईराक-ईरान युद्ध की वजह से कुछ ट्रैफिक इस रास्ते पर घट जरूर गया था। लेकिन तब भी यह पूरी तरह से बंद नहीं हुआ था। 2019 में सउदी अरब पर हुए ड्रोन अटैक के बाद 15 दिन तक सप्लाई प्रभावित रही थी। लेकिन फिर से सब सामान्य हो गया था।
इन देशों ने बढ़ाया दाम
कच्चे तेल की कीमतों में जारी तेजी की वजह से चीन, नीदरलैंड्स, नॉर्वे, जर्मनी और यूके में पेट्रोल की कीमतों में 20 से 27 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है। जापान, इटली, स्पेन और कोरिया में कीमतों में 30 प्रतिशत या उससे अधिक का इजाफा हुआ है।




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