Petrol Diesel Price hike: पेट्रोल और डीजल की कीमतों में चौथी बार बढ़ोतरी के बीच सस्ता हो गया कच्चा तेल, 5% गिरा भाव
Petrol Diesel Price hike: एक तरफ आज सोमवार को कच्चे तेल का रेट गिर गया है। वहीं, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में चौथी बार इजाफा देखने को मिला है। जिसकी वजह से दिल्ली में पेट्रोल का रेट 100 रुपये के पार पहुंच गया।

Petrol Diesel Price hike: आज सोमवार 25 मई को एक बार फिर से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा देखन को मिला है। पेट्रोल की कीमतों में आज सोमवार को 2.61 रुपये और डीजल की कीमतों में 2.71 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। घरेलू बाजार में भले ही तेल महंगा हो गया है। लेकिन इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल का रेट कम हो गया है। बता दें, इंटरनेशनल मार्केट में तेल की कीमतों में गिरावट के पीछे की वजह अमेरिका-ईरान युध्द के खत्म होने की संभावना को माना जा रहा है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति ने ऐसे किसी भी समझौते की संभावनाओं को कम करके आंका हो।
100 डॉलर के नीचे आया कच्चा तेल (Crude Oil latest Price today)
आज नॉर्थ सी ब्रेंट क्रूड 5.1 प्रतिशत की गिरावट के बाद 98.22 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया। वहीं, वेस्ट टेक्सस इंटरमीडियट का दाम 5.2 प्रतिशत की गिरावट के बाद 91.57 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया है। बता दें, इस बीच एशिआई शेयर बाजारों तेजी देखने को मिली है। जापान के निक्की शेयर इंडेक्स में 2.5 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली है।
10 दिन में 7.5 रुपये बढ़ा पेट्रोल और डीजल का रेट (Petrol Diesel Rate)
अब तक पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 4 बार बढ़ोतरी देखने को मिली है। पहली बार पेट्रोल और डीजल का रेट 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिया गया था। आज से पहले पेट्रोल की कीमतों 0.87 रुपये और डीजल की कीमतों में 0.91 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी। बता दें, आज सोमवार को हुई बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में पेट्रोल का रेट 102 रुपये प्रति लीटर को क्रॉस कर गया है।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बाद भी क्यों बढ़े पेट्रोल और डीजल के रेट?
एक तरफ कच्चा तेल सस्ता हो गया है तो वहीं दूसरी तरफ पेट्रोल और डीजल का रेट बढ़ गया है। इसके पीछे की वजह इंटरनेशनल मार्केट की तुलना में घरेलू बाजार में कीमतों का होना है। युद्ध शुरू होने से पहले कच्चे तेल का रेट 70 डॉलर प्रति बैरल के करीब था। जोकि अब 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है। कीमतें अधिक होने की बावजूद उस अनुपात में घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी नहीं हुई है। जिसके कारण तेल कंपनियों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। बता दें, आज की बढ़ोतरी से पहले ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को रोजाना 500 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।
युद्ध शुरू होने से 76 दिन तक पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई थी।




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