पेट्रोल और डीजल की कीमतों में जारी तेजी से जल्द राहत मिलने की उम्मीद कम, एक्सपर्ट्स ने बढ़ाई टेंशन
Petrol Diesel price: पेट्रोल और डीजल की कीमतों में जारी तेजी से राहत मिलने की उम्मीद कम ही है। अगर स्थिति में सुधार नहीं हुआ तब पेट्रोल और डीजल का रेट और बढ़ सकता है।

Petrol Diesel price: शनिवार को एक बार फिर से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा किया गया था। 10 दिन के अंदर तीसरी बार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई थी। इस दौरान पेट्रोल और डीजल का रेट करीब 5 रुपये बढ़ गया है। शनिवार को सीएनजी की कीमतों में भी 1 रुपये प्रति किलोग्राम का इजाफा हुआ था। रिपोर्ट्स के अनुसार आने वाले समय में भी अभी कीमतों में बढ़ोतरी से राहत मिलने की उम्मीद कम ही है।
BPCL के डायरेक्टर HR ने क्या कहा?
इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड के डायरेक्टर एचआर ने कहा कि अगर संकट जारी रहता है तो कीमतों में बढ़ोतरी से बचा नहीं जा सकता है। मौजूदा समय में कच्चे तेल की कीमतों में जारी बढ़ोतरी की वजह से पेट्रोल और डीजल के रेट पर दबाव बना हुआ है।
एचआर ने कहा है कि दो से तीन विकल्व बचे हैं। पहला विकल्प पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा किया जाए। या फिर पेट्रोलियम कंपनियां घाटे को उठाएं। तीसरा विकल्प सरकार की तरफ से खर्च उठाया जाए। उनका कहना है कि अगर स्थिति यह जारी रहती है तो कीमतों में भी भारी इजाफा देखने को मिल सकता है।
तेल कंपनियों को हो रहा है 8 से 10 रुपये का घाटा
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हो रही बढ़ोतरी के बाद भी तेल कंपनियों को घाटा हो रहा है। एक्सपर्ट्स के अनुसार मौजूदा समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 8 रुपये से 10 रुपये प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है। तेल की कीमतों में हुए इजाफे से पहले ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को हर दिन 1000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो रहा है।
कीमतों में हुई बढ़ोतरी के बाद अब तेल कंपनियों को हर दिन 500 करोड़ रुपये का नुकसान झेलना पड़ रहा है। बता दें, कच्चे तेल की कीमतों में जारी तेजी की वजह से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों पर इस समय दबाव अधिक है। इस समय कच्चे तेल का रेट इंटरनेशनल मार्केट्स में 100 डॉलर प्रति बैरल के पास है। युद्ध शुरू होने से पहले क्रूड ऑयल का रेट 70 डॉलर प्रति बैरल के करीब था।
तेल कंपनियों की आर्थिक स्थिति कैसी?
जनवरी से मार्च 2026 के दौरान तेल कंपनियों का प्रॉफिट 19470 करोड़ रुपये रहा था। जोकि सालाना आधार पर 40 प्रतिशत अधिक है। वहीं, वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान तेल कंपनियों का कुल प्रॉफिट 77280.65 करोड़ रुपये रहा था। यानी सालाना आधार पर प्रॉफिट में 130 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।




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