पाकिस्तान, श्रीलंका की तुलना में भारत में कम बढ़ा है तेल का रेट, इस देश में पेट्रोल और डीजल 180 रुपये के पार
Petrol Diesel Price hike: पेट्रोल और डीजल की कीमतों में आज सोमवार को एक बार फिर इजाफा हुआ है। 4 बार बढ़ोतरी के बाद भी पाकिस्तान, श्रीलंका की तुलना में भारत में पेट्रोल और डीजल का रेट कम बढ़ा है।

Petrol Diesel Price hike: आज सोमवार को एक बार फिर से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा किया गया है। 10 दिन के अंदर लगातार चौथी बार कीमतों को बढ़ाया गया है। इस बढ़ोतरी के बाद भी कई देशों की तुलना में भारत में अब पेट्रोल और डीजल का रेट कम ही है। बता दें, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के लगभग बंद होने की वजह से दुनिया भर में कच्चे तेल के रेट सातवें आसमान पर पहुंच गए हैं।
कब-कब बढ़े हैं पेट्रोल और डीजल के दाम
ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 15 मई, 19 मई, 23 मई और 25 मई को इजाफा किया है। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में पेट्रोल का रेट 94.77 रुपये से बढ़कर 102.12 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच गया है। वहीं, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में डीजल का रेट 87.67 रुपये से बढ़कर 95.20 रुपये के स्तर पर पहुंच गया है। बता दें, 10 दिनों में पेट्रोल की कीमतों में घरेलू स्तर पर 7.35 रुपये और डीजल की कीमतों में 7.53 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया गया है। पेट्रोल और डीजल का रेट क्रमशः 7.7 प्रतिशत और 8.6 प्रतिशत बढ़ा है।
पाकिस्तान सहित अन्य देशों में कितना महंगा हुआ तेल?
म्यामार में पेट्रोल की कीमतों में 90 प्रतिशत और डीजल की कीमतों में 110 प्रतिशत का इजाफा किया गया है। पाकिस्तान, यूएई, फिलिपिंस, श्रीलंका, नेपाल और साउथ अफ्रीका में 30 प्रतिशत से 86 प्रतिशत तक पेट्रोल और डीजल महंगा हो गया है।
वैश्विर स्तर पर अगर देखें तो औसतन पेट्रोल की कीमतों में 22.40 प्रतिशत और डीजल की कीमतों में 27 प्रतिशत का इजाफा किया गया है।
यूरोपियन यूनियन में क्या है स्थिति?
कई यूरोपिय यूनियन के देशों में पेट्रोल का रेट 180 रुपये प्रति लीटर के स्तर को क्रॉस कर गया है। EU-27 में औसतन पेट्रोल और डीजल का रेट क्रमशः 179 रुपये और डीजल का रेट 184 रुपये प्रति लीटर है। जबकि दिल्ली में 102 रुपये में पेट्रोल और डीजल 95 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।
तेल कंपनियों को हो रहा है घाटा
युद्ध शुरू होने के 76 दिन तक पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई इजाफा नहीं किया गया था। जिसकी वजह से एक वक्त पर तेल कंपनियों को रोजाना 1000 करोड़ रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ रहा था। आज से पहले हुई कीमतों की बढ़ोतरी के बाद कंपनियों का रोजाना का घाटा घटकर 500 करोड़ रुपये के प्रति दिन के स्तर पर आ गया।
बता दें, भारत के कुछ राज्य ऐसे हैं जहां पेट्रोल का रेट 110 रुपये के पार है। इतनी अधिक कीमत होने की वजह ज्यादा VAT होना है।




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