ऊंट के मुंह में जीरा! पेट्रोल-डीजल का रेट 3-3 रुपये से बढ़ने से टल गया बड़ा संकट?
Petrol Diesel price hike: आज पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तेल कंपनियों ने 3-3 रुपये का इजाफा किया है। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कीमतों में बढ़ोतरी के संकेत दिए थे।

Petrol Diesel price hike: आखिरकार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा हो ही गया है। आज रात ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3-3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की। कई साल के बाद सरकारी तेल कंपनियों ने यह दाम बढ़ाया है। इससे पहले कुछ प्राइवेट कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के रेट में इजाफा किया था। लेकिन असल यह है कि क्या 3-3 रुपये पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से आने वाला संकट टल गया है? या अभी आगे और कीमतें बढ़ेंगी?
दिल्ली में 90 रुपये के पार पहुंचा डीजल
कीमतों में हुई बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में पेट्रोल का रेट 97.77 रुपये और डीजल का रेट 90.67 रुपये के स्तर पर पहुंच गया। कोलकाता और चेन्नई में पेट्रोल क्रमशः 108.74 रुपये और 103.67 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।
पेट्रोल पर 14 रुपये और डीजल पर 42 रुपये का नुकसान (Petrol Diesel loss)
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार तेल कंपनियां कीमतों में इजाफा होने से पहले पेट्रोल पर 14 रुपये और डीजल पर 42 रुपये का नुकसान झेल रही हैं। ऐसे में आज हुई बढ़ोतरी इन तेल कंपनियो के लिए ‘ऊंट के मुंह में जीरा’ वाली कहावत को चरितार्थ कर रहा है। अगर कच्चे तेल का रेट कम नहीं हुआ तब की स्थिति में आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल का रेट और बढ़ सकता है।
तेल कंपनियों को हर दिन हो रहा था 1000 करोड़ रुपये का नुकसान (Oil Companies Losses)
मंगलवार को केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा था कि तेल कंपनियां हर दिन 1000 करोड़ रुपये का नुकसान उठा कर बाजार पेट्रोल और डीजल नहीं बेच सकती हैं। उन्होंने तब कहा था कि सरकार को किसी स्तर पर कीमतों को लेकर फैसला करना ही होगा। तभी यह संकेत मिल गए थे कि आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल का रेट बढ़ सकता है।
तेल कंपनियों को राहत देने के लिए टैक्स में कटौती
मौजूदा समय में समस्या कितनी बड़ी है इसका अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि सरकार को पेट्रोल और डीजल पर सरकार ने टैक्स में कटौती की थी। लेकिन इसके बाद भी नुकसान बहुत भरपाई नहीं हो पा रही थी।
महंगाई ने साढ़े 3 साल का रिकॉर्ड तोड़ा (wholesale inflation in april)
कच्चे तेल की कीमतों में जारी तेजी का रुझान दिखने लगा है। अप्रैल के महीने में होलसेल इंफ्लेशन बढ़कर 8.3 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच गया। अब कीमतों में हुई बढ़ोतरी के बाद महंगाई में और बढ़ोतरी की उम्मीद की जा रही है। अगर ऐसा हुआ तब की स्थिति में महंगाई और बढ़ सकती है।
प्राइवेट कंपनियों ने पहले ही खड़ा कर दिया था हाथ (Petrol-diesel price)
मार्च के महीने में नायरा और फिर अप्रैल के महीने में शेल इंडिया ने कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान किया था। उसके बाद से ही सरकारी तेल कंपनियों की तरफ से भी कीमतों में इजाफे के संकेत मिल रहे थे। 5 राज्यों में चुनाव के खत्म होने के बाद हर किसी को पेट्रोल और डीजल के दाम के बढ़ने की उम्मीद थी।
100 डॉलर के पार कच्चा तेल (Crude Oil Rate Today)
युद्ध शुरू होने के बाद क्रू़ड ऑयल का रेट 100 डॉलर प्रति बैरल को क्रॉस कर गया है। उसके बाद से वह 100 डॉलर के नीचे नहीं आया है। मौजूदा स्थितियों का अगर आकलन किया जाए तो अभी आने वाले समय में कच्चे तेल का रेट घटते हुए नहीं दिखाई दे रहा है।




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