NSE pushes to file IPO papers by June 15 major stakeholder sell share in stock exchange IPO के लिए एक्शन मोड में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज, बैंकरों को दी 15 जून की डेडलाइन, Business Hindi News - Hindustan
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IPO के लिए एक्शन मोड में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज, बैंकरों को दी 15 जून की डेडलाइन

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने अपने बैंकरों से आईपीओ के ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) को फाइल करने में तेजी लाने के लिए कहा है। इसके लिए 15 जून का लक्ष्य तय किया गया है। शुरुआती संकेतों से पता चलता है कि आईपीओ में कई बड़े शेयरहोल्डर ऑफर-फॉर-सेल (OFS) के जरिए हिस्सेदारी बेच सकते हैं।

Wed, 6 May 2026 02:54 PMDeepak Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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IPO के लिए एक्शन मोड में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज, बैंकरों को दी 15 जून की डेडलाइन

अगर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NSE) के आईपीओ का इंतजार कर रहे हैं तो ये खबर आपके काम की हो सकती है। दरअसल, एनएसई ने आईपीओ की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए अपने बैंकरों पर दबाव बनाया है। बिजनेस स्टैंडर्ड की एक खबर में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने अपने बैंकरों से आईपीओ के ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) को फाइल करने में तेजी लाने के लिए कहा है। इसके लिए 15 जून का लक्ष्य तय किया गया है।

DRHP जमा करने के बाद एनएसई, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) से अंतिम टिप्पणियों का इंतजार करेगा। इस प्रक्रिया में आम तौर पर दो से तीन महीने लगते हैं। सेबी से मंजूरी मिलते ही एनएसई आईपीओ के प्राइस बैंड समेत लॉन्चिंग डेट का ऐलान कर देगा। यह पूरी प्रक्रिया साल की दूसरी छमाही में होने की उम्मीद है।

ऑफर फॉर सेल

शुरुआती संकेतों से पता चलता है कि एनएसई के आईपीओ में कई बड़े शेयरहोल्डर ऑफर-फॉर-सेल (OFS) के जरिए हिस्सेदारी बेच सकते हैं। सूत्रों ने CNBC-TV18 को बताया कि कई संस्थागत निवेशक अपनी हिस्सेदारी को आंशिक रूप से भुनाने की तैयारी कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया आईपीओ में लगभग 0.44% हिस्सेदारी बेचने की योजना पर काम कर रहा है। बता दें कि स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के पास वर्तमान में एनएसई में 4.4% हिस्सेदारी है। वहीं, बीमा क्षेत्र की दिग्गज कंपनी लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (LIC) भी एक प्रमुख विक्रेता हो सकती है। इस कंपनी की 1% से अधिक हिस्सेदारी बेचने की योजना है। LIC वर्तमान में 10.7% हिस्सेदारी के साथ NSE में सबसे बड़ी शेयरहोल्डर है।

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सूत्रों से यह भी पता चलता है कि OFS में संस्थागत निवेशकों का एक बड़ा समूह हिस्सा ले सकता है। इनमें न्यू इंडिया एश्योरेंस, GIC Re, क्राइसकैपिटल, टेमसेक होल्डिंग शामिल हैं। बता दें कि एनएसई का IPO ऑफर फॉर सेल के जरिए आने की उम्मीद है, जिसका मतलब है कि एक्सचेंज कोई नई पूंजी नहीं जुटाएगा और आईपीओ से मिलने वाली रकम शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को जाएगी।

कैसे रहे तिमाही नतीजे

भारत के प्रमुख एक्सचेंज एनएसई ने मार्च में खत्म हुई तिमाही में 2,871 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछली तिमाही के मुकाबले 19% अधिक है। एक्सचेंज का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू मार्च में खत्म हुई तीन महीनों की अवधि में पिछली तिमाही के मुकाबले 34% बढ़कर 4,077 करोड़ रुपये हो गया।

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तिमाही में ट्रांजैक्शन चार्ज से होने वाला कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 4077 करोड़ रुपये रहा, जो पिछली तिमाही के मुकाबले 34% की बढ़त को दिखाता है। मार्च में खत्म हुई तिमाही में डेटा कनेक्टिविटी चार्ज से होने वाला रेवेन्यू 269 करोड़ रुपये, ऑपरेटिंग इन्वेस्टमेंट से होने वाली आय 198 करोड़ रुपये और डेटा फीड, टर्मिनल सेवाओं से होने वाली आय 128 करोड़ रुपये रही।

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