डीमर्जर के बाद रॉकेट बना वेदांता का शेयर, फ्यूचर के लिए है जबरदस्त प्लान
वेदांता के कारोबार का विभाजन हो गया है। विभाजन के तहत वेदांता चार इकाइयों वेदांता एल्युमिनियम मेटल लिमिटेड, तलवंडी साबो पावर लिमिटेड, माल्को एनर्जी लिमिटेड और वेदांता आयरन एंड स्टील लिमिटेड को अलग से सूचीबद्ध करने की योजना बना रही है।

Vedanta share price: डीमर्जर के बाद माइनिंग की दिग्गज कंपनी वेदांता के शेयर रॉकेट की रफ्तार से बढ़ रहे हैं। वेदांता के शेयर बुधवार को इंट्रा-डे में 4 पर्सेंट से ज्यादा उछले और BSE पर ₹316.90 के नए उच्च स्तर पर पहुंच गए। बता दें कि वेदांता के शेयर तीन दिन से लगातार बढ़ रहे हैं। इस दौरान शेयर में 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
वेदांता का डीमर्जर
बता दें कि वेदांता के कारोबार का डीमर्जर हो गया है। इसके तहत समूह ने अपने कारोबार का विभाजन किया है। विभाजन के तहत वेदांता चार इकाइयों वेदांता एल्युमिनियम मेटल लिमिटेड, तलवंडी साबो पावर लिमिटेड, माल्को एनर्जी लिमिटेड और वेदांता आयरन एंड स्टील लिमिटेड को अलग से सूचीबद्ध करने की योजना बना रही है। इस विभाजन में वेदांता लिमिटेड के हर 1 शेयर के बदले, शेयरहोल्डर्स को चार नई लिस्टेड कंपनियों में से हर एक का 1 शेयर मिलेगा। वेदांता की इन कंपनियों के जून मध्य या जुलाई तक शेयर बाजार में लिस्ट होने की उम्मीद है।
चेयरमैन ने बताया प्लान
डीमर्जर के बाद उद्योगपति अनिल अग्रवाल ने शेयरधारकों को लिखे पत्र में वेदांता के फ्यूचर प्लानिंग का जिक्र किया है। उन्होंने बताया कि कारोबार विभाजन के बाद वेदांता एल्युमीनियम अपनी क्षमता दोगुनी कर 60 लाख टन प्रतिवर्ष करने का लक्ष्य रखेगी। वहीं, तेल एवं गैस कारोबार उत्पादन बढ़ाकर प्रतिदिन तीन लाख से पांच लाख बैरल करने के लिए पांच अरब डॉलर का निवेश करेगा।
इसके अलावा, वेदांता पावर अपनी क्षमता 4.2 गीगावाट से बढ़ाकर 12 गीगावाट तक ले जाने की योजना बना रही है। वहीं, जलविद्युत और परमाणु ऊर्जा क्षेत्रों में भी संभावनाएं तलाशेगी। वहीं, लौह एंड इस्पात कारोबार 40 लाख टन से बढ़ाकर एक करोड़ टन क्षमता तक पहुंचाने का लक्ष्य रखेगा। अनिल अग्रवाल ने बताया कि मूल कंपनी हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड सहित जिंक, तांबा, निकल और फेरो एलॉय जैसे प्रमुख कारोबारों में अपनी हिस्सेदारी बनाए रखेगी।
वेदांता लिमिटेड का परफॉर्मेंस
अनिल अग्रवाल ने कहा है कि वेदांता लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड वित्तीय प्रदर्शन किया है और अब कंपनी कारोबार विभाजन के जरिए अधिकतम मूल्य हासिल करने के नए चरण में प्रवेश कर रही है।
अग्रवाल ने शेयरधारकों को लिखे पत्र में कहा कि पिछले वित्त वर्ष में वेदांता ने 25,096 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड नेट प्रॉफिट दर्ज किया जबकि राजस्व 1,74,075 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने शेयरधारकों को प्रति शेयर 34 रुपये का लाभांश दिया, जबकि कुल शेयरधारक रिटर्न करीब 50 प्रतिशत रहा। वेदांता चेयरमैन ने कहा कि कंपनी का बहीखाता भी मजबूत हुआ है और नेट डेब्ट, एबिटा का अनुपात घटकर 0.95 गुना रह गया है जिससे वित्तीय मजबूती बढ़ी है।




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