modi govt raises sugarcane FRP by Rs 10 to 365 rs per quintal semiconductor unit and cotton investment गन्ना, कपास और सेमीकंडक्टर प्लांट...मोदी कैबिनेट में लिए गए ताबड़तोड़ फैसले, Business Hindi News - Hindustan
More

गन्ना, कपास और सेमीकंडक्टर प्लांट...मोदी कैबिनेट में लिए गए ताबड़तोड़ फैसले

केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं। कैबिनेट ने दो सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट को मंजूरी दी। वहीं, सरकार ने कपास क्षेत्र की चुनौतियों से निपटने के लिए 5,659.22 करोड़ रुपये के एक पंचवर्षीय मिशन को हरी झंडी दी है। इसके अलावा, गन्ने पर भी बड़ा फैसला हुआ है।

Tue, 5 May 2026 08:20 PMDeepak Kumar लाइव हिन्दुस्तान
share
गन्ना, कपास और सेमीकंडक्टर प्लांट...मोदी कैबिनेट में लिए गए ताबड़तोड़ फैसले

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं। इनमें से एक बड़ा फैसला गन्ने के उचित और लाभकारी मूल्य (FRP) से जुड़ा है। दरअसल, अक्टूबर से शुरू होने वाले 2026-27 सत्र के लिए गन्ने का उचित और लाभकारी मूल्य 10 रुपये बढ़ाकर 365 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। इसके अलावा, सरकार ने कपास क्षेत्र की चुनौतियों से निपटने के लिए 5,659.22 करोड़ रुपये के एक पंचवर्षीय मिशन को मंजूरी दी है। वहीं, केंद्र सरकार ने दो और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को मंजूरी दी। इसमें 3,936 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश होगा। आइए केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में क्या बड़े फैसले हुए हैं।

गन्ने के FRP में बढ़ोतरी

केंद्रीय कैबिनेट की बैठक के बारे में जानकारी देते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि 10.25 प्रतिशत की मूल प्राप्ति (रिकवरी) दर के लिए एफआरपी 365 रुपये प्रति क्विंटल होगा। हर 10.25 प्रतिशत से ऊपर रिकवरी में 0.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी पर FRP में 3.56 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी होती है। इससे ज्यादा रिकवरी को प्रोत्साहन मिलता है। मंत्री ने कहा कि FRP उत्पादन लागत का 200.5 प्रतिशत है। इससे किसानों को एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा मिलने की उम्मीद है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:MSMEs और एविएशन सेक्टर को बूस्ट देगी मोदी सरकार, ₹18100 करोड़ फंड का हुआ ऐलान
ये भी पढ़ें:दिग्गज आईटी कंपनी में 15000 कर्मचारियों की होगी छंटनी? भारत पर सबसे ज्यादा असर

बता दें कि सरकार कृषि लागत और मूल्य आयोग (सीएसीपी) की सिफारिशों के आधार पर गन्ने का FRP तय करती है। चीनी मिलों के लिए यह अनिवार्य है कि वे किसानों से गन्ना FRP या उससे अधिक कीमत पर खरीदें। चीनी सत्र अक्टूबर से सितंबर तक चलता है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पिछले दस साल में गन्ने का FRP हर साल बढ़ा है। इस कदम से लगभग एक करोड़ गन्ना किसानों को फायदा होगा और गन्ने की खेती में लगे खेतिहर मजदूरों को मदद मिलेगी। साथ ही चीनी मिलों का लगातार चलना और घरेलू चीनी की स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित होगी। केंद्रीय मंत्री के मुताबिक इससे चीनी मिलों और उससे जुड़ी गतिविधियों में काम करने वाले पांच लाख मजदूरों को बेहतर रोजी-रोटी मिलेगी। इसके साथ ही अतिरिक्त गन्ने से एथनॉल का उत्पादन भी संभव हो पाएगा।

कपास के लिए क्या ऐलान?

सरकार ने कपास क्षेत्र में घटती वृद्धि, उत्पादकता और गुणवत्ता संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए 5,659.22 करोड़ रुपये के एक पंचवर्षीय मिशन को मंजूरी दी। यह मिशन कपास क्षेत्र की बाधाओं को दूर करने और उत्पादकता बढ़ाने पर केंद्रित होगा। यह मिशन सरकार के '5एफ विजन' यानी खेत (फार्म) से रेशा (फाइबर), फाइबर से कारखाना (फैक्ट्री), फैक्ट्री से फैशन और फैशन से विदेशी बाजार के अनुरूप है और इसका मुख्य जोर कपास की उत्पादकता बढ़ाने पर रहेगा। बता दें कि फसल वर्ष 2025-26 में देश का कपास उत्पादन 170 किलोग्राम की गांठों के हिसाब से 291 लाख गांठ रहा है। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2031 तक कपास उत्पादन बढ़ाकर 498 लाख गांठ करना है। इसके लिए प्रति हेक्टेयर उत्पादकता 440 किलोग्राम से बढ़ाकर 755 किलोग्राम करने की योजना है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:वेदांता की 4 कंपनियां शेयर बाजार में होंगी लिस्ट, कब से कर सकेंगे ट्रेडिंग?

सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को मंजूरी

केंद्र सरकार ने दो और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को मंजूरी दी। इसमें 3,936 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश होगा। इन परियोजनाओं को इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) के तहत मंजूरी दी गई है। इनमें गैलियम नाइट्राइड प्रौद्योगिकी पर आधारित देश की पहली कॉमर्शियल मिनी/माइक्रो-एलईडी डिस्प्ले इकाई और एक सेमीकंडक्टर पैकेजिंग इकाई शामिल है। ये इकाइयां गुजरात में 3,936 करोड़ रुपये के कुल निवेश से स्थापित की जाएंगी और इनसे लगभग 2,230 कुशल पेशेवरों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है।

कौन-कौन सी कंपनी?

क्रिस्टल मैट्रिक्स लिमिटेड (सीएमएल) गुजरात के धोलेरा में कंपाउंड सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग की प्लांट बनाएगी। इस प्लांट में मिनी/माइक्रो-एलईडी डिस्प्ले मॉड्यूल का उत्पादन किया जाएगा। वहीं, सुची सेमीकॉन प्राइवेट लिमिटेड (एसएसपीएल) गुजरात के सूरत में आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर से जुड़े प्लांट को स्थापित करेगी, जहां डिस्क्रीट सेमीकंडक्टर का निर्माण होगा।

-केंद्र सरकार ने गुजरात के वडिनार में 1,570 करोड़ रुपये के निवेश से अत्याधुनिक जहाज मरम्मत केंद्र विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस परियोजना को दीनदयाल बंदरगाह प्राधिकरण और कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड संयुक्त रूप से लागू करेंगे।

- -सरकार ने मंगलवार को एमएसएमई, एयरलाइन और अन्य कंपनियों की वर्किंग कैपिटल संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद के लिए आपातकालीन ऋण गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) की घोषणा की। इसके तहत, 18100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। पश्चिम एशिया संघर्ष से उत्पन्न चुनौतियों के बीच यह कदम उठाया गया है।

जानें Hindi News, Business News, Budget 2026, बजट 2026 Live, Income Tax Live Updates की लेटेस्ट खबरें, शेयर बाजार का लेखा-जोखा, Share Market के लेटेस्ट अपडेट्स Investment Tips के बारे में सबकुछ।,