दिग्गज आईटी कंपनी में 15000 कर्मचारियों की होगी छंटनी? भारत पर सबसे ज्यादा असर
दिग्गज आईटी कंपनी कॉग्निजेंट में बड़े पैमाने पर छंटनी होने वाली है। इसका असर 15000 कर्मचारियों पर पड़ सकता है। इसमें भी सबसे ज्यादा प्रभावित भारत के कर्मचारी होंगे। बता दें कि कंपनी में करीब 2,50,000 कर्मचारी भारत में हैं।

आईटी सर्विस से जुड़ी बड़ी कंपनी कॉग्निजेंट में बड़े पैमाने पर छंटनी होने वाली है। कंपनी के कर्मचारियों की संख्या में भारी कटौती की योजना है। इससे दुनिया भर में कंपनी के 12000 से 15000 कर्मचारियों पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा, क्रिप्टो कारोबार से जुड़ी कंपनी Coinbase ने भी लगभग 14% कर्मचारियों की छंटनी करने की योजना बनाई है।
कॉग्निजेंट करेगी भारत में सबसे ज्यादा छंटनी?
Moneycontrol सूत्रों के मुताबिक कॉग्निजेंट की ज्यादातर छंटनी भारत में होने की उम्मीद है। इससे पहले, 29 अप्रैल को कॉग्निजेंट ने बताया था कि उसे अपने नए घोषित 'Project Leap' के तहत सेवरेंस कॉस्ट (नौकरी छोड़ने पर मिलने वाला मुआवजा) के तौर पर $230 मिलियन से $320 मिलियन के बीच खर्च होने की उम्मीद है। कंपनी के CEO रवि कुमार ने पिछले हफ्ते कंपनी के तिमाही नतीजों का ऐलान करने के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा- यह एक दुनिया भर का प्रोग्राम है। कंपनी के अलग-अलग हिस्सों में यह प्रक्रिया चलेगी। मैनेजमेंट ने कर्मचारियों के काम करने के तरीके में भी एक बड़ा बदलाव होने का संकेत दिया। रवि कुमार ने कहा कि कंपनी एक ऐसे मॉडल की तरफ बढ़ रही है जो डिजिटल काम और इंसानी काम को एक साथ मिलाता है।
फरवरी में किया था ये ऐलान
इससे पहले, फरवरी महीने में कॉग्निजेंट ने कहा था कि उसने वर्ष 2026 में लगभग 24,000 से 25,000 नए ग्रेजुएट की नियुक्ति का लक्ष्य रखा है। यह कदम कंपनी की अपनी वर्कफोर्स स्ट्रक्चर के निचले स्तर (पिरामिड के आधार) को विस्तार देने की रणनीति का हिस्सा है। बता दें कि कंपनी में 3,57,000 से ज्यादा लोग काम करते हैं। इनमें से करीब 2,50,000 कर्मचारी भारत में ही हैं।
Coinbase का प्लान
क्रिप्टोकरेंसी के कारोबार से जुड़ी अमेरिकी कंपनी Coinbase के CEO ब्रेन आर्म्सस्ट्रॉन्ग ने बताया कि कंपनी अपने लगभग 14% कर्मचारियों की छंटनी करेगी। उन्होंने इसके दो कारण बताए। उन्होंने बाजार में उतार-चढ़ाव और AI के विस्तार का हवाला दिया। यह फैसला Coinbase की पहली तिमाही की कमाई की रिपोर्ट आने से ठीक पहले लिया गया है। मंगलवार की सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कर्मचारियों के साथ साझा किए गए एक मेमो में ब्रेन आर्म्सस्ट्रॉन्ग ने इस फैसले को कंपनी के लिए जरूरी बताया।
उन्होंने कहा कि ऐसा करना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि अभी क्रिप्टो मार्केट में मंदी का दौर चल रहा है। उन्होंने दो ऐसी ताकतों का जिक्र किया जो एक ही समय पर असर डाल रही हैं। ये दो ताकतें क्रिप्टो बाजार में मौजूदा गिरावट और AI द्वारा काम करने के तरीके में लाया जा रहा बदलाव है। उन्होंने कहा कि हमारा कारोबार तिमाही-दर-तिमाही काफी उतार-चढ़ाव भरा रहता है। हम अभी एक मंदी वाले बाजार से गुजर रहे हैं।




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