NPS योजना में कई बड़े बदलाव, इन कर्मचारियों के पेंशन से भत्ते तक पर पड़ेगा असर
नए सर्कुलर के अनुसार, निर्धारित आयु में रिटायर होने वाले और 20 वर्ष या उससे अधिक सेवा पूरी कर चुके कर्मचारी संशोधित योजना का चयन करते हैं तो कर्मचारियों को अंतिम वेतन का 50 प्रतिशत पेंशन के रूप में मिलेगा।

राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों के लिए संशोधित एनपीएस को महाराष्ट्र सरकार ने वैकल्पिक बना दिया है। राज्य के वित्त विभाग ने एक सर्कुलर जारी कर इस संबंध में विस्तार से बताया है। सर्कुलर में उन सरकारी कर्मचारियों के लिए संशोधित NPS के कार्यान्वयन की विस्तृत प्रक्रिया बताई गई है जो इसे अपनाने का विकल्प चुनते हैं। इसमें स्पष्ट किया गया कि यह योजना केवल उन्हीं पर लागू होगी जो निर्धारित समयसीमा के भीतर विकल्प का प्रयोग करेंगे। बता दें कि महाराष्ट्र की सरकार ने पहले पात्र और इच्छुक कर्मचारियों को 31 दिसंबर 2026 तक संशोधित योजना में शामिल होने का विकल्प देने की अनुमति दी थी।
पेंशन की रकम का गणित
सरकार की वेबसाइट पर जारी नए सर्कुलर के अनुसार, निर्धारित आयु में रिटायर होने वाले और 20 वर्ष या उससे अधिक सेवा पूरी कर चुके कर्मचारी संशोधित योजना का चयन करते हैं तो कर्मचारियों को अंतिम वेतन का 50 प्रतिशत पेंशन के रूप में मिलेगा। इसके साथ ही महंगाई भत्ता भी दिया जाएगा। 10 से 20 वर्ष की सेवा वाले कर्मचारियों के लिए पेंशन, अंतिम वेतन के आधार पर सेवा अवधि के अनुपात में तय की जाएगी। सरकार ने संशोधित योजना के तहत कम से कम 10 वर्ष की सेवा के बाद रिटायर होने वाले कर्मचारियों के लिए न्यूनतम पेंशन 7,500 रुपये प्रति माह तय की है जबकि 10 वर्ष से कम सेवा देने वाले कर्मचारी पेंशन लाभ के पात्र नहीं होंगे। सर्कुलर के अनुसार, परिवार पेंशन के रूप में स्वीकृत पेंशन का 60 प्रतिशत महंगाई राहत यानी डीआर के साथ दिया जाएगा।
इसमें यह भी अनिवार्य किया गया कि संशोधित योजना का चयन करने वाले कर्मचारियों को रिटायरमें के समय पेंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) से प्राप्त कुल रकम का 60 प्रतिशत सरकार के पास ड्रॉइंग और डिस्बर्सिंग ऑफिसर (डीडीओ) के माध्यम से जमा करना होगा। रकम का शेष 40 प्रतिशत हिस्सा 'एन्युटी' (नियमित पेंशन देने वाली बीमा योजना) खरीदने के लिए उपयोग किया जाएगा। सर्कुलर में कहा गया कि एनपीएस फंड से पहले की गई किसी भी निकासी को संशोधित योजना चुनने वाले कर्मचारियों को 10 प्रतिशत ब्याज सहित वापस करना होगा, अन्यथा उनकी पेंशन पात्रता उसी अनुपात में घटा दी जाएगी। सेवा से इस्तीफा देने वाले कर्मचारी संशोधित योजना के तहत पेंशन के पात्र नहीं होंगे और उन्हें केवल मौजूदा एनपीएस के तहत ही लाभ मिलेगा।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि संशोधित योजना चुनने वालों पर मार्च 2023 में जारी पूर्व आदेशों के अनुसार सेवानिवृत्ति ग्रेच्युटी लागू होगी। सर्कुलर के प्रावधान जरूरी संशोधनों के साथ सहायता प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों, कृषि विश्वविद्यालयों और संबद्ध गैर-सरकारी महाविद्यालयों के कर्मचारियों, जिला परिषद और पंचायत समितियों के कर्मचारियों पर भी लागू होंगे।




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