LPG संकट: रेल यात्रियों के लिए माइक्रोवेव और इंडक्शन यूज करें, IRCTC का निर्देश
भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम यानी IRCTC ने अपने पश्चिमी क्षेत्र के सभी रेलवे स्टेशन पर खानपान इकाइयों को माइक्रोवेव और इंडक्शन प्लेट का उपयोग शुरू करने और यात्रियों के लिए तैयार भोजन का स्टॉक बनाए रखने का निर्देश दिया है।

रसोई गैस एलपीजी की कमी की आशंका को लेकर पैदा चिंताओं के बीच भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम यानी IRCTC ने एक बड़ा निर्देश दिया है। IRCTC ने अपने पश्चिमी क्षेत्र के सभी रेलवे स्टेशन पर खानपान इकाइयों को माइक्रोवेव और इंडक्शन प्लेट का उपयोग शुरू करने और यात्रियों के लिए तैयार भोजन का स्टॉक बनाए रखने का निर्देश दिया है। IRCTC ने फूड प्लाजा, रिफ्रेशमेंट रूम और 'जन आहार' के संचालकों से यात्रा के दौरान यात्रियों के लिए निर्बाध खानपान सेवाएं बनाए रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने को कहा। खानपान इकाइयों को यात्रियों की मांग को पूरा करने के लिए स्टैंडर्ड पैकेट में बंद और पके हुए खाद्य पदार्थों के अलावा तैयार खाद्य पदार्थों का पर्याप्त भंडार बनाए रखने के लिए भी कहा गया है।
बढ़ता जा रहा संकट
बता दें कि पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के कारण भारत में एलपीजी सिलेंडर का संकट बढ़ता जा रहा है। चेन्नई और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में संचालित होटलों और रेस्तरां के एक वर्ग ने कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति न होने के कारण बुधवार को छुट्टी घोषित कर दी। होटल कारोबारियों के संगठन का कहना है कि अगर स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो देश भर में खासकर मुंबई, बेंगलुरु और पुणे जैसे शहरों के कई होटल और रेस्तरां अपना कामकाज बंद करने को मजबूर हो सकते हैं।
सरकार की ओर से बनाई गई समिति
होटल और रेस्तरां उद्योग में चिंता बढ़ने के बाद पेट्रोलियम मंत्रालय ने आपूर्ति से जुड़े मुद्दों की समीक्षा के लिए एक समिति गठित की है। यह समिति विभिन्न शहरों में कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कमी की शिकायतों की समीक्षा करेगी और होटल और रेस्तरांओं की वास्तविक जरूरतों के अनुसार ईंधन उपलब्ध कराएगी।
पेट्रोलियम मंत्रालय का कहना है कि देश में ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है। हाल के दिनों में पेट्रोलियम रिफाइनरियों को पेट्रोरसायन उत्पादन घटाकर एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए घरेलू एलपीजी की आपूर्ति बढ़ाने के लिए कदम उठाए गए हैं। एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़े हैं तो इसकी बुकिंग के बीच का अंतराल भी 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है ताकि जमाखोरी और कालाबाजारी रोकी जा सके।
इसके साथ ही सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं और परिवहन क्षेत्र के लिए निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्राकृतिक गैस के आवंटन में बदलाव किया है। इसके तहत एलपीजी उत्पादन, सीएनजी और पाइप से मिलने वाली रसोई गैस (पीएनजी) को अन्य सभी क्षेत्रों पर प्राथमिकता दी जाएगी।
बता दें कि भारत में सालाना लगभग 3.13 करोड़ टन एलपीजी की खपत होती है। इसका 87 प्रतिशत घरेलू रसोई में इस्तेमाल होता है और बाकी 13 प्रतिशत होटल और रेस्तरां जैसे कॉमर्शियल स्थानों में जाता है। कुल जरूरत का लगभग 62 प्रतिशत आयात से पूरा होता है।




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