फ्लिपकार्ट ने आईपीओ के लिए बढ़ाए कदम, पहले एड्रेस चेंज और अब ये प्लान
फ्लिपकार्ट इंटरनेट प्राइवेट लिमिटेड अगले महीने से ही अपने आईपीओ के लिए बैंकों से प्रस्ताव आमंत्रित करने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू करने जा रही है। बता दें कि हाल ही में फ्लिपकार्ट ने अपने एड्रस को चेंज किया है।

ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच छिड़ी जंग के बाद दुनियाभर के शेयर बाजार में अस्थिर माहौल है। इस माहौल को भांपते हुए कई कंपनियां अपने आईपीओ को लॉन्च करने की योजना को टाल रही हैं लेकिन ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट इसकी तैयारी में जुट गई है। ब्लूमबर्ग की एक खबर के मुताबिक फ्लिपकार्ट इंटरनेट प्राइवेट लिमिटेड अगले महीने से ही अपने आईपीओ के लिए बैंकों से प्रस्ताव आमंत्रित करने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू करने जा रही है। बता दें कि हाल ही में फ्लिपकार्ट ने अपने एड्रस को चेंज किया है। कहने का मतलब है कि ई-कॉमर्स कंपनी ने आईपीओ के लिए कदम बढ़ा दिए हैं।
कब तक आएगा आईपीओ?
ब्लूमबर्ग सूत्रों के अनुसार वॉलमार्ट इंक समर्थित इस ई-कॉमर्स कंपनी ने मुंबई में लिस्टिंग के प्रति निवेशकों की रुचि जानने के लिए पहले ही निवेशकों और बैंकरों के साथ अनौपचारिक बातचीत की है। उन्होंने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि आईपीओ इस साल के अंत में या 2027 की शुरुआत में आ सकता है। सूत्रों ने बताया कि विचार-विमर्श अभी शुरुआती चरण में है और समय जैसी जानकारियों में बदलाव हो सकता है। फ्लिपकार्ट के प्रतिनिधि ने अभी इस पर प्रतिक्रिया नहीं दी है। सूत्रों ने बताया कि अगर आईपीओ आगे बढ़ता है तो इसमें वॉलमार्ट जैसे मौजूदा निवेशकों द्वारा सेकेंडरी शेयर बिक्री शामिल होने की संभावना है। उन्होंने आगे बताया कि फ्लिपकार्ट इस रकम का इस्तेमाल कारोबार के विस्तार के लिए करेगा।
कंपनी के बारे में
2007 में स्थापित फ्लिपकार्ट, 50 करोड़ से अधिक रजिस्टर्ड ग्राहकों के साथ भारत के सबसे बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म में से एक बन गया है। वॉलमार्ट ने 2018 में 16 अरब डॉलर में 77% हिस्सेदारी खरीदी और बाद में और अधिग्रहण करके अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई। 2023 में टाइगर ग्लोबल मैनेजमेंट की शेष हिस्सेदारी की खरीद के बाद फ्लिपकार्ट का मूल्य उस समय 35 अरब डॉलर था।
एड्रेस में बदलाव
आईपीओ लाने की तैयारी कर रही ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट ने अपना पता (डोमिसाइल) आधिकारिक तौर पर भारत स्थानांतरित कर लिया है। कंपनी को अपने आंतरिक पुनर्गठन के लिए सरकार से मंजूरी मिल गई है, जिसके बाद अब 'फ्लिपकार्ट इंटरनेट' इस पूरे समूह की मुख्य होल्डिंग कंपनी बन गई है। वॉलमार्ट के स्वामित्व वाली इस दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी ने कहा कि वह अब पूरी तरह से भारतीय कंपनी के रूप में विकास के अगले चरण की ओर देख रही है। यह कदम कंपनी के नियोजित आईपीओ से पहले भारत में अपनी जड़ें वापस लाने की प्रक्रिया को पूरा करता है।




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