LPG, पेट्रोल और डीजल के रेट को लेकर नया अपडेट, चुनाव बाद क्या होगा? सरकार ने बताया
LPG, Petrol Diesel Price Today: सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों इंडियन ऑयल, एचपीसीएल और बीपीसीएल ने पेट्रोल, डीजल और LPG सिलेंडर के रेट जारी कर दी हैं। भारत एकमात्र ऐसा देश है, जहां पिछले चार वर्षों में पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़े हैं।

ईरान युद्ध से दुनिया के कई देशों में पेट्रोल-डीजल से लेकर एलपीजी तक की कीमतों में आग लगी है। कहीं डीजल और पेट्रोल दोगुने से अधिक हो गए हैं तो कहीं एलपीजी के दाम आसमान छू रहे हैं, लेकिन भारत में राहत है। भारत में अप्रैल 2022 के शुरू से ही पेट्रोल और डीजल के रिटेल दाम नहीं बदले हैं और आज भी इसी रेट पर मिल रहे हैं। जबकि, कच्चे तेल की कीमत में 50 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। फिलहाल दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर पर उपलब्ध है।
एलपीजी सिलेंडर के आज के रेट
सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों इंडियन ऑयल, एचपीसीएल और बीपीसीएल ने LPG सिलेंडर के दाम नहीं बढ़ाए हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि एलपीजी की अंतरराष्ट्रीय कीमत (सऊदी सीपी) जुलाई 2023 से अप्रैल 2026 के बीच 102 प्रतिशत बढ़ी है, जबकि भारत में इसकी कीमतें 17 प्रतिशत घटी हैं।
किस शहर में क्या हैं एलपीजी के आज के दाम
कोलकाता: घरेलू सिलेंडर ₹939 और कमर्शियल ₹2208
दिल्ली: घरेलू सिलेंडर ₹913 और कमर्शियल ₹2078.50
मुंबई: घरेलू एलपीजी सिलेंडर ₹912.50 और कमर्शियल ₹2031
चेन्नई:घरेलू सिलेंडर ₹928.50 और कमर्शियल ₹2,246.50
आगरा: घरेलू सिलेंडर ₹924.50, कमर्शियल ₹2132.5
लखनऊ: घरेलू सिलेंडर ₹950.50, कमर्शियल ₹2201
गोरखपुर: घरेलू एलपीजी सिलेंडर ₹975, कमर्शियल ₹2262.5 रुपये
कानपुर: घरेलू सिलेंडर ₹928 रुपये हैं, कमर्शियल के ₹2099
इंदौर: घरेलू सिलेंडर ₹941 और कमर्शियल ₹2186
पटना: घरेलू सिलेंडर ₹1011 और कमर्शियल ₹2365
स्रोत: इंडियन ऑयल
आम लोगों की राहत, सरकारी कंपनियों पर आफत बन रही
सुजाता शर्मा ने कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध के बाद तेल की कीमतें बढ़ीं, फिर भी सरकार ने पंपों पर दाम नहीं बढ़ाए। भारत अपनी तेल जरूरतों का 88 प्रतिशत आयात करता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों की तेज बढ़ोतरी के कारण सरकारी कंपनियों को पेट्रोल और डीजल पर नुकसान उठाना पड़ रहा है। पेट्रोल पर यह करीब 20 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर करीब 100 रुपये प्रति लीटर के आसपास है।
सरकार ने कम किया टैक्स, नहीं थोपा बोझ
पिछले महीने सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 10-10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की ताकि महंगे तेल का बोझ उपभोक्ताओं पर न पड़े। साथ ही, यह सुनिश्चित करने के लिए कि रिफाइनरियां पहले देश में ही ईंधन बेचें, सरकार ने ईंधन निर्यात पर भी टैक्स लगाया।
चुनाव के बाद कीमतें बढ़ने की आशंका पर सरकार का जवाब
हाल ही में कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की एक रिपोर्ट में आशंका जताई गई थी कि 29 अप्रैल को पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की वोटिंग खत्म होते ही पेट्रोल-डीजल के दामों में भारी बढ़ोतरी हो सकती है।
रिपोर्ट में कहा गया था कि अगर कच्चा तेल 120 डॉलर प्रति बैरल के करीब रहा तो पेट्रोल 25-28 रुपये प्रति लीटर महंगा हो जाएगा। मंत्रालय ने इन रिपोर्टों को “शरारती, भ्रामक और लोगों में डर फैलाने वाला” बताया।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत एकमात्र ऐसा देश है, जहां पिछले चार वर्षों में पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़े हैं। केंद्र सरकार और तेल कंपनियां लगातार कोशिश कर रही हैं कि भारतीय नागरिकों को अंतरराष्ट्रीय कीमतों की मार से बचाया जाए।




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