HDFC बैंक के शेयर में बड़ी गिरावट, मिनटों में ₹1 लाख करोड़ का घाटा, एक खबर से भूचाल
बाजार खुलते ही बैंक का स्टॉक करीब 9% तक लुढ़क गया, जिससे कुछ ही मिनटों में कंपनी की मार्केट वैल्यू लगभग ₹1 लाख करोड़ घट गई। यह गिरावट साल 2020 के कोविड क्रैश के बाद बैंक की सबसे बड़ी एकदिवसीय गिरावट मानी जा रही है।
HDFC Bank Share: देश के सबसे बड़े निजी बैंकों में से एक एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) के शेयरों में गुरुवार को भारी गिरावट देखने को मिली। बाजार खुलते ही बैंक का स्टॉक करीब 9% तक लुढ़क गया, जिससे कुछ ही मिनटों में कंपनी की मार्केट वैल्यू लगभग ₹1 लाख करोड़ घट गई। यह गिरावट साल 2020 के कोविड क्रैश के बाद बैंक की सबसे बड़ी एकदिवसीय गिरावट मानी जा रही है।
तेज गिरावट के कारण
इस तेज गिरावट की सबसे बड़ी वजह बैंक के चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती का अचानक इस्तीफा बताया जा रहा है। उन्होंने अपने पद से हटते हुए “मूल्यों और नैतिकता से जुड़े मुद्दों” का हवाला दिया। हालांकि बैंक की ओर से जारी बयान में कहा गया कि उनके इस्तीफे के पीछे कोई और वजह नहीं है, लेकिन निवेशकों के बीच इस खबर ने चिंता जरूर बढ़ा दी।
RBI ने जताया भरोसा
आरबीआई ने HDFC Bank में हालिया घटनाक्रम पर संज्ञान लेते हुए बैंक की वित्तीय स्थिति और संचालन पर भरोसा जताया है। केंद्रीय बैंक ने गुरुवार को जारी प्रेस रिलीज में यह जानकारी दी। RBI ने कहा कि बैंक द्वारा पार्ट-टाइम चेयरमैन के पद को लेकर प्रस्तावित ट्रांजिशन व्यवस्था को मंजूरी दे दी गई है। यह व्यवस्था बैंक की ओर से अनुरोध किए जाने के बाद लागू की गई है। केंद्रीय बैंक ने HDFC Bank को एक घरेलू प्रणालीगत रूप से महत्वपूर्ण बैंक (D-SIB) बताते हुए कहा कि बैंक की वित्तीय स्थिति मजबूत है, बोर्ड पेशेवर तरीके से संचालित है और प्रबंधन टीम सक्षम है। RBI के अनुसार, उसकी नियमित समीक्षा (periodical assessment) में बैंक के संचालन या गवर्नेंस को लेकर कोई भी गंभीर चिंता सामने नहीं आई है। बैंक अच्छी तरह से पूंजीकृत है और उसकी वित्तीय स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, साथ ही पर्याप्त तरलता (liquidity) भी मौजूद है। RBI ने यह भी स्पष्ट किया कि वह आगे की दिशा तय करने के लिए बैंक के बोर्ड और प्रबंधन के साथ लगातार संपर्क में रहेगा। हालिया घटनाक्रम के बीच RBI का यह बयान निवेशकों के लिए राहत भरा माना जा रहा है।
क्या कहते हैं मार्केट एक्सपर्ट
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि बैंक के टॉप मैनेजमेंट में इस तरह का अचानक बदलाव निवेशकों के भरोसे को हिला देता है। खासकर तब, जब कारण पूरी तरह साफ न हों। यही वजह रही कि शेयर बाजार खुलते ही निवेशकों ने तेजी से बिकवाली शुरू कर दी, जिससे स्टॉक में यह बड़ी गिरावट देखने को मिली।
तीन महीने के लिए अंतरिम चेयरमैन नियुक्त
इस्तीफे के बाद बैंक ने तुरंत कदम उठाते हुए केकी मिस्त्री को तीन महीने के लिए अंतरिम चेयरमैन नियुक्त किया है। उनका काम इस दौरान बैंक की स्थिरता बनाए रखना और नए चेयरमैन की नियुक्ति तक नेतृत्व संभालना होगा। बैंक ने भरोसा दिलाया है कि उसके संचालन पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।
देश की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी
बता दें कि HDFC Bank देश की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी मानी जाती है, ऐसे में उसके शेयरों में इतनी बड़ी गिरावट पूरे बाजार के लिए भी चिंता का विषय बन गई है। निवेशक अब आगे की रणनीति और बैंक के मैनेजमेंट से आने वाले संकेतों पर नजर बनाए हुए हैं। फिलहाल, बाजार में यही चर्चा है कि आने वाले दिनों में बैंक की ओर से पारदर्शिता और भरोसा बहाल करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। अगर स्थिति जल्दी स्पष्ट नहीं होती, तो शेयर पर दबाव कुछ समय तक बना रह सकता है।




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